गाजा युद्ध में 150 आतंकी मारे गये, इजरायली सेना ने अल-शिफा अस्पताल में हमास का कमाण्ड सेंटर घेरा
तेल अवीव. इजरायल के सैनिकों ने एक दिन की लड़ाई में 150 हमास आतंकियों को मार गिराया है। यह लड़ाई इस वीकेंड परउ गाजा में अलग-अलग स्थानों पर हुई। लेकिन इस समय खतरनाक जंग अल -शिफा अस्पताल के पास चल रही है। आतंकी मरीजों और घायलों को ढाल बनाकर वहीं से अपना कमाण्ड सेंटर चला रहे हैं।

ऐसा माना जा रहा है कि हमास और इस्लामिक जिहाद को मिलाकर कुछ 15 से 50 हजार आतंकी इजरायली सैनिकों से लड़ रहे हैं। लेकिन इजरायली डिफेंस फोर्सेस ने एक दिन में 150 आतंकियों को मारकर हमास की रीढ़ तोड़ दी है। हालांकि इस लड़ाई में इजरायल के 6 जवान भी मारे गये।

इजरायली सेना ने बताया कि उनके 401वें ब्रिगेड ने हमास के शाटी बटालियन के बद्र आउटपोस्ट को खत्म कर दिया है। यहीं पर 150 आतंकियों को मार गिराया है। इस युद्ध में इजरायली सेना के एक मेजर सहित 6 जवान मारे गये है। 2 अन्य सैनिक दूसरी जगह पर युद्ध लड़ते हुए आतंकियों की गोलियों के शिकार हो गये।

हमास के शाटी बटालियन पर हमला करने के लिये इजरायली सेना को हवाई हमले, टैंक और आर्टिलरी यूनिट्स की मदद लेनी पड़ी। शाटी बटालियन रेफ्यूजी कैम्प और नागरिक इमारतों के आसपास बसा हुआ था। लेकिन इजरायली सेना ने बहुत ही बारीकी से बिना आम लोगों को नुकसान पहुंचाये इस आतंकी बटालियन को खत्म कर दिया।

इजरायली सेना ने दावा किया है कि लड़ाई शुरू होने के बाद से अभी तक हजारों आतंकी मारे गये हैं। युद्ध के पहले हफ्ते में ही इजरायल ने 1500 से अधिक हमास आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था। कुछ लोगों का मानना है कि हमास आतंकी तब तक शांत नहीं होंगे। जब तक उनका लीडर याहया सिनवार और मोहम्मद दैफ मारे नहीं जाते हैं।

शाटी बटालियन को खत्म करने के अलावा इजरायली सेना ने कई ठिकानों पर हमास के मिलिट्री पोस्ट को खत्म कर दिये हैं। हथियार डिपो उड़ा दिये है। शाटी सीमा के पास हमास का बद्र आउटपोस्ट अंतिम सबसे बड़ा पोस्ट था। इसके पास में ही रॉकेट लांच स्टेशन था। उसे भी इजरायली सेना ने बर्बाद कर दिया है।

लगभग 30 हमास आतंकियों ने स्वयं को ब्लू बीच होटल में छिपा रखा था। वहीं से इजरायली सैनिकों पर हमला कर रहे थे। कई बार इजरायली सैनिकों पर एंटी-टैंक मिसाइलें दागी गयी। जब इन आतंकियों को मारा गया। तब पता चला कि यह होटल के कमरों को अपनी ढाल के तौर पर उपयोग कर रहे थे। वहीं से इजरायली सेना पर हमला कर रहे थे।

इस वीकंेड पर इजरायल ने हमास के 11 बड़े मिलिट्री पोजिशन को बर्बाद किया है। लेकिन अब भी असली लड़ाई अल-शिफा अस्पताल के आस पास चल रही है। अल-शिफा अस्पताल के आसपास काफी घना इलाका है। हमास आतंकियों ने इस अस्पताल को अपना कवच बना रखा है। वहीं पर हमास का आतंकी कमाण्ड सेंटर है।

इजरायली सेना अस्पताल पर कब्जा करना चाहती है। ताकि गाजा शहर के अन्दर बाकी के हिस्सों को आसानी से कब्जे में लिया जा सके। तेल अवीव में इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल सिक्योरिटी स्टडी के प्रोफेसर कोबी माइकल ने कहा है कि हमास के हर ढांचे, आतंकी, सेंटर को खत्म करना होगा, नही ंतो यह फिर से सिर उठायेंगे, जो नुकसानदेह है।

इजरायली सरकार और सैनिकों को यह पता है कि हमास ने अल शिफा अस्पताल के अन्दर तहखाने में अपना कमाण्ड सेंटर बना रखा है कि अस्पताल के भीतर हमास आतंकियों के बंकर है। आतंकी मरीजों, मेडीकल स्टाफ और हजारों विस्थापित और किडनैप किये गये लोगों को वह ह्यूमन शील्ड की तरह उपयोग कर रहे हैं।

हमास इस बात से मना कर रहा है कि उसने ऐसा कुछ किया है। लेकिन अल-शिफा के आसपास इजरायली सेना ने स्नाइपर तैनात कर दिये हैं। चारों और से इजरायली सैनिक जैसे ही आतंकी देखते हैं। उन्हें गोली मार देते हैं। इजरायली सैनिकों को पता है कि उनके ऊपर अंर्तराष्ट्रीयि मानवाधिकार जैसे कई तरह के दबाव हैं।

इजरायली सैनिक इसी दबाव को खत्म करने के लिये बेहतर योजना के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अल -शिफा अस्पताल में ईधन की सप्लाई का वादा किया है। सप्ताई हो भी रही। लेकिन आतंकी ईधर अपने पास जमा कर ले रहे हैं। इसलिये बीच-बीच में सप्लाई रोक दी जा रही है।

इजरायली सेना कह रही है कि अंस्पताल से लोगों को निकालने का सुरक्षित रास्ता है। लेकिन उसके भीतर मोजूद लोग इतने अधिक डरे हुए हैं कि वह बाहर ही नहीं आना चाहते । अस्पताल के भीतर लगभग 1500 मरीज अब मौजूद हैं। हजारों मरीज और लोग भाग गये। लेकिन सबसके बसक की बात नहीं थी िकवह अस्पताल को छोड़कर जा सकें।
