सरगना डील करने के लिये फ्लाइट से आता-जाता है उड़ीसा से ट्रक में गांजा ले आ रहे 4 तस्कर गिरफ्तार

अन्तर्राज्यीय गांजा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्यवाही करते हुए उड़ीसा से गांजा लेकर आए मुख्य सरगना सहित चार तस्करों को लगभग पचास लाख का गांजा, ट्रक व स्कार्पियो सहित लक्ष्मणगढ़ पुल से पकड़ा।
कुल 467.23 किलोग्राम गांजा कीमती 50 लाख रूपये, एक स्कार्पियो कार तथा ट्रक कुल जप्त 90 लाख रूपये।
गांजा तस्कर पुलिस से बचने के लिए जो तकनीक अपनाते थे, उसमें वह लोग स्कार्पियो को ट्रक से 8-10 किमी आगे चलाते थे और पुलिस की रोड़ पर उपस्थित देखते थे।
मुख्य सरगना पर थाना घाटीगांव में वर्ष 2016 में लूट का मामला दर्ज है, जिसमें वह फरार चल रहा था और उस पर 5 हजार रुपए का भी इनाम घोषित है। उक्त इनामी आरोपी फ्लाइट से उड़ीसा जाता था एवं डील कर रूपये देकर वापस आ जाता था।
ग्वालियर। अवैध मादक पदार्थो व अवैध शराब की खरीद-फरोख्त करने वालों के विरूद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। षुक्रवार और षनिवार की दरमियानी रात एसपी को खबर मिली कि कुछ गांजा तस्कर उड़ीसा से ट्रक में गांजा लेकर ग्वालियर की तरफ आ रहे हैं और एक स्कार्पियो भी ट्रक के साथ चल रही है जिसमें बैठे लोग रोड पर पुलिस की उपस्थित से ट्रक चालक को अवगत कराते जाते हैं।
डीएसपी अपराध षियाज़ केएम सीएसपी नागेन्द्र सिंह सिकरवार के साथ संयुक्त टीमों को मुखबिर के बताये स्थान लक्ष्मनगढ़ पुल के पास एबी रोड वाईपास ग्वालियर पर पुलिस की दो टीमें बनाकर चैकिंग प्रारम्भ की गई। पुलिस टीम को कुछ समय बाद बताये अनुसार एक ट्रक क्रमांक एमपी06-एचसी-1934 आता दिखा, जिसे पुलिस टीम द्वारा रोका गया तो ट्रक चला रहे चालक द्वारा मौके से भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिस टीम द्वारा भाग रहे ट्रक ड्रायवर को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। नाम पता पूछने पर उसने स्वयं को ग्राम कुंदेर तहसील रूपवास थाना उच्चैन जिला भरतपुर राजस्थान का होना बताया। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में उसने बताया कि ट्रक व गांजे के मालिक मेरे पीछे काले रंग की स्कार्पियो क्रमांक यूपी80-डीए-3757 से आ रहे हैं। पुलिस की टीमों द्वारा पुनः चेकिंग नाकाबंदी लगाई गई तो कुछ समय बाद एक काले रंग की स्कार्पियो आती दिखी जिसने पुलिस चेकिंग को देखकर स्कार्पियो वापस लौटाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम द्वारा उक्त स्कार्पियो को घेराबंदी का पकड़ लिया गया। चेक करने पर स्कार्पियो में तीन लोग बैठे मिले जिनसे नाम पता पूछने पर एक ने नर्सरी रोड गोविन्दनगर, थाना निहालगंज, घौलपुर राजस्थान, दूसरे ने सरोज बिहार कालोनी कैलाष मंदिर रोड सिकन्दरा आगरा तथा तीसरे व्यक्ति ने अपना पता ग्राम तोंस थाना जैत जिला मथुरा का रहने वाला बताया। ट्रक की तलाषी लेने पर ड्रायवर द्वारा बताए गये केबिन के पीछे बने गोपनीय चेम्बर में ब्राउन रंग (मटमेला) के 65 पैकेट रखे होना पाए गये, जिसे ट्रक ड्रायवर द्वारा गांजा होना बताया। इसी प्रकार स्कार्पियों की तलाषी लेने पर गाड़ी की डिग्गी में ब्राउन रंग (मटमेला) के 12 पैकेट रखे होना पाए। इस प्रकार दोनों वाहनों में पुलिस को कुल 77 गांजे से भरे हुए पैकेट मिले।
कुल 467.23 किलोग्राम गांजा पाया गया। जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रूपये है। पुलिस टीम द्वारा गांजा सहित ट्रक व स्कार्पियो को जप्त किया गया। कुल जप्त किया गया ट्रक कीमती लगभग 30 लाख एवं स्कार्पियो कीमती लगभग 10 लाख कुल कीमती 90 लाख का विधिवत् जप्त किया गया।
ट्रक के आगे लेकर चलते थे स्कार्पियो
पकड़े गये तस्करों से पुलिस टीम द्वारा पूछताछ की गई तो उन्होने बताया कि उड़ीसा से ट्रक को माल सहित लेकर आने पर रास्ते में गांजा सरगना अपनी स्कार्पियो को ट्रक के आगे-आगे स्कॉड कर चलाता था और रोड पर पुलिस की उपस्थित के संबंध में ट्रक चालक को सूचित करता रहता था।, जिससे ट्रक चालक ट्रक को रोड किनारे लगाकर रूक जाता था और जब पुलिस की चेकिंग समाप्त हो जाती थी उसके बाद आगे बढ़ते थे। पकड़े गये चार तस्करों में दो ड्रायवर हैं तथा एक गांजा सरगना पर थाना घाटीगांव में लूट का मामला वर्ष 2016 से दर्ज है, जिसमें वह फरार चल रहा था और उस पर पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा पांच हजार रुपए का भी इनाम घोषित है। गांजा तस्करी में दो सरगना है गांजा सरगना फ्लाइट से उड़ीसा जाते थे और वहां से माल की डील एवं पैसे देकर माल ट्रक में लोड कर वापस फ्लाइट से आ जाते थे, उसके बाद जब ट्रक नजदीक आ जाता था तो यह लोग स्कार्पियो लेकर ट्रक को स्कॉड करते थे एवं रास्ते में अपने ग्राहकों को माल देने के लिए कुछ माल अपनी स्कार्पियो में रख लेते थे।
गांजे को यहां करते सप्लाई
गांजे को मध्यप्रदेष के ग्वालियर, मुरैना, भिण्ड, श्योपुर, राजस्थान के धौलपुर, करौली, भरतपुर, उत्तर प्रदेष के आगरा, मथुरा, मैनपुरी, इटावा इत्यादि जिलों में सप्लाई करते थे। जिससे नषे का कारोबार फलफूल रहा था और यह लोग नषे के सौदागर बन लाखों-करोड़ों रूपये कमा रहे थे। पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान इनके द्वारा अर्जित की गई अवैध सम्पत्ति की जानकारी लेकर उस पर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।
