सराफा और ड्रायफ्रूट कारोबारियों पर जीएसटी का छापा, त्योहारी सीजन में कर चोरी पकडने जुटे अधिकारी
इंदौर. त्योहारी सीजन में जीएसटी विभाग की टीमें कर चोरी पकडने के लिए बाजारों में उतर गई गई है। इंदौर में स्टेट जीएसटी (वाणिज्यिककर) विभाग की टीमों ने सोना-चांदी और ड्रायफ्रूट कारोबारियों के यहां जांच शुरू की है। पहले सराफा बाजार में बुलियन और ज्वैलर्स के यहां विभाग की टीमों ने छापे मारे बाद में सियागंज में थोक ड्रायफ्रूट विक्रेताओं के यहां भी जांच के लिए पहुंच गई। इंदौर की सात फर्मों के अलावा प्रदेश के अन्य शहरों में भी 20 से ज्यादा अलग तरह के कारोबारियों के यहां एक साथ जांच शुरू की गई है।
स्टेट जीएसटी विभाग की एंटी इवेजन विंग-ए और इंटी इवेजन विंग-बी की टीमें जांच में जुटी है। सराफा बाजार के मुलतानी ज्वैलर्स के साथ बुलियन के आयात के काम से जुड चित्रेश मेहता और दिनेश नीमा की फार्मों और ठिकानों पर छापा मारा। सियागंज में महावीर चौक में ड्रायफ्रूट कारोबारी अजय राकी और कमलेश कुमार एंड कंपनी की गुप्ता चेंबर के साथ एक अन्य फर्म पर भी छापा मारकर जांच शुरू की है।
विभाग की डाटा एनालिटक्स विंग द्वारा मिले कर चोरी के संकेतों के बाद विभाग ने ये कार्रवाई शुरू की है। सराफा कारोबारियों द्वारा कम कारोबार दिखाकर टैक्स चोरी करने की आशंका है। टीमें दस्तावेजों के साथ स्टाक का मिलान करने में जुटी है जबकि सियागंज में अफ्रीका व अन्य देशों से बिना बिल के काजू मंगवाने और बिना बिल के बिक्री कर चोरी करने के सबूत मिले है। अपर आयुक्त स्टेट जीएसटी रजनी सिंह के अनुसार कार्रवाई अभी प्रारंभिक दौर में है। स्टाक, दस्तावेज और बिलों की जांच में टीमें जुटी है। एक-दो दिन में छापों के परिणाम और कर अपवंचन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। राजस्व वसूली आरैर कर चोरी रोकने के लिए विभाग लगातार जांच व कार्रवाई कर रहा है।
