MP में महंगाई भत्ता बढ़ाने की कर्मचारियों ने उठाई मांग, एमपी के कर्मचारियों को इंतजार
भोपाल. केन्द्र सरकार ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 4 प्रतिशत बढ़ा दिया है जो एक जुलाई से वेतन के साथ दिया जायेगा। इस ऐलान के साथ ही मध्यप्रदेश के कर्मचारी संगठनों ने भी महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव का बहाना लेकर कर्मचारियों का महंगाई भत्ता न रोका जाये। राज्य सरकार चुनाव आयोग से विशेष अनुमति के लिये फाइल भेजे, आयोग जो निर्णण् ले, उसके अनुसार काम हो।
एमपी तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के सचिव उमाशंकर तिवारी ने बताया है कि केन्द्र सरकार ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 42 से बढ़ाकर 46 प्रतिशत कर दिया है। इस वजह से राज्य के कर्मचारी केन्द्रीय कर्मचारियों से फिर 4 प्रतिशत पीछे हो गये हैं। सामान्य व्यवस्था यह है कि केन्द्र के समान और साथ ही राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ना चाहिये जो कई वर्षो से नहीं बढ़ रहा है। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले सरकार ने महंगाई भत्ता केन्द्र के बरा किया था, लेकिन फिर से अंतर आ गया है।तिवारी ने कहा कि यह प्रदेश के 7.50 लाख कर्मचारी और 4.50 लाख पेंशनर से जुड़ा मुद्दा है और सामने दीपावली त्योहार भी है। इसलिए सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। इसमें चुनाव कोई बाधा नहीं हैं। क्योंकि नियमित प्रक्रिया के तहत होने वाले कार्यों के लिए बंदिशें नहीं हैं। फिर भी आयोग से विशेष अनुमति लेकर निर्णय ले सकते हैं। तिवारी कहते हैं कि सरकार अन्य कार्यों में भी ऐसे ही अनुमति लेती है।
