चारों सिमी आतंकी भूख हड़ताल पर सामान्य कैदियों की तरह रखने की मांग को लेकर, सैन्ट्रल जेल में जिद पर अड़े चारों आतंकी

भोपाल. केन्द्रीय जेल में हाई सिक्युरिटी सेल में रखे गये 4 सिमी (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) आतंकी पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उनकी हालत लगातार खराब हो रही है। जेल सूत्रों के अनुसार बुधवार की शाम अबु फैसल और कमरूद्दीन बेहोश हो गये। डॉक्टरों ने उन्हें ड्रिप से ग्लूकोज दिया। देर रात उन्हें होश आया तो होश में आते ही आतंकियों ने हाथ में लगा कैन्युअला निकाल दिया। जेल प्रशासन ने आतंकियों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिये राज्य शासन को पत्र लिखा है।
आतंकी जेल में न्यूज पेपर, लायब्रेरी, सामूहिक नामज और घड़ी देने की मांग कर रहे हैं। इनमें दो आतंकी शिवली औरे कमरूद्दीन को कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है। वहीं, अब फैसल और कामरान को आजीवन कारावास की सजा मिली है।
डॉक्टरों को सहयोग नहीं कर हैं आतंकी
पहले चारों आतंकियों को लिक्विड डाइट दी जा रही थी। अब इन्होंने इसे भी लेना बंद कर दिया है। बुधवार को जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने चारों से करीब डेढ़ घंटे चर्चा की। तमाम समझाइश देकर भूख हड़ताल खत्म करने के लिये कहा। चारों ने साफ मना कर दिया, जेलर सरोज मिश्रा नेबताया है कि आतंकी डॉक्टरों को सहयोग नहीं कर रहे हैं। हाथ लगाने भर से ही भड़क जाते हैं। ड्रिप भी निकालकर फेंक देते हैं।
चेतावनी पत्र दिया है
जेलर सरोज मिश्रा ने कहा है कि अबु फैसल, कमरूद्दीन, कामरान और शिवली ने एक-एक कर भूख हड़ताल शुरू की है। जेल नियमों के अनुसार चारों ने लिखित में भूख हड़ताल की सूचना दी थी। हमने नियमानुसार उन्हें वॉर्निंग लेटर जारी किया। चारों ने तब भी हड़ताल खत्म नहीं की। हमने आगे की कार्यवाही करते हुए उनकी मुलाकात और चिट्ठी लिखने पर रोक लगा दी और इसके बाद भी उन्होंने भूख हड़ताल खत्म नहीं की।

हाई सिक्योरिटी बैरक में हैं चारों आतंकी

जेल सुपरिंटेंडेंट राकेश बांगरे ने बताया कि इन चारों आतंकियों को जेल के A सेक्टर के हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। गृह मंत्रालय के आदेश थे कि इन बंदियों को पेशी के लिए कोर्ट न ले जाया जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ही इनकी पेशी की जाए। सीआरपीसी के सेक्शन 268 के तहत इन्हें जेल में ही रखा जाए। इनसे दूसरे बंदियों की सुरक्षा को खतरा है।अब भूख हड़ताल और दूसरी वजह से इन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ सकती है। इसके लिए हमने गृह मंत्रालय से आग्रह किया है। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को रोजाना अपडेट दे रहे हैं कि ये जेल नियमों को न मानकर ऐसी मांगें रख रहे हैं, जिसे मानना उचित नहीं है। चारों आतंकियों की हेल्थ पर नजर रखी जा रही है। डॉक्टर लगातार उनका चेकअप कर रहे हैं।

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