एलएनआईपीई में भोजन खाकर छात्र बीमार होने मामले में मजिस्ट्रियल जांच शुरू
ग्वालियर. एलएनआईपीई में विषाक्त भोजन खाकर सैकडों छात्र छात्राओं के बीमार होने के मामले में 10 बिंदुओं पर कोई भी 20 अक्टूबर तक साक्ष्य या दस्तावेज दे सकता है। ज्वाइंट कलेक्टर बृजबिहारी श्रीवास्तव की ओर से कलेक्टर के आदेश पर मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी गई है। इस संबंध में उदघोषणा भी जारी कर दी गई है। यहां यह बता दें कि एलएनआईपीई में विषाक्त भोजन खाने से 250 के लगभग छात्र-छात्राओं की हालत खराब हो गई थी। दो अक्टूबर को गांधी जयंती की शाम को खाना खाने के बाद छात्र बीमार हो गए और अगले दिन ज्यादा हालत खराब होने पर जेएएच के हजार बिस्तर अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुल 142 छात्र छात्राएं भर्ती हुए और कुछ दिनों में ठीक होकर संस्थान पहुंचे।
इन बिंदुओं पर जांच हो रही
घटना किन परिस्थितियों में व किन कारणों से हुई।
कितने छात्र छात्राओं ने खाना कब खाया व खाना खाने से उनमें से बीमार कितने छात्र छात्राएं किस समय पर हुए।
खाने में क्या बनाया गया था।
खाना किसके द्वारा और किसके नेतृत्व में बनाया गया था।
खाने में किस खाद्य पदार्थ के खाने से छात्र छात्राएं बीमार हुए व यह खाद्य पदार्थ कहां से कब मंगवाया गया था।
क्या फूड सेफ्टी ऑफिसर से जांच कराई गई थी।
इस घटना का जिम्मेदार कौन है व जिम्मेदार कर्मचारी या अधिकारी का नियंत्रण अधिकारी कौन है।
इलाज के दौरान चिकित्सकों द्वारा छात्र छात्राओं के बीमार होने का कारण क्या बताया गया था।
क्या दूषित खाने के सैंपल लिए जाकर जांच की कार्रवाई फूड अधिकारी द्वारा की गई थी या नहीं।
अन्य कोई बिंदु जिसका उल्लेख किया जाना जरूरी हो।
