विवेकानंद नीडम ROB 3 सालों ने नहीं बन पाया, 6 वर्षो से पड़ा अधूरा

ग्वालियर. नाकाचंद्रवदनी को शहर के विस्तारित इलाके को जोड़ने वाला विवेकानंद नीडम रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण काफी लेट हो चुका और नयी तारीख मिल रही है। रेलवे ने आरओबी का निर्माण करने 30 जून को गार्डर लांच कर दिया था। लेकिन डिजाइन में खामी होने से अधिकारियों ने इसे उतार लिया था। अब रिवाइज डिजाइन की स्वीकृति के लिये हेड क्वार्टर प्रस्ताव भेजा गया है।रेल अधिकारियों ने मानसून का बहाना बताकर 30 जून के बाद आरओबी का काम बंद कर दिया था और इस वर्ष अधिकारी आरओबी का काम पूरा करने को लेकर 3 बार तारीख बता चुके हैं। पहले मार्च 2023, फिर मई 2023, इसके बाद सितम्बर 2023 की तारीख तय की गयी थी। अब अधिकारियों का दावा है कि नवम्बर तक आरओबी का काम पूरा कर लिया जायेगा। इसके बनने से झांसी रोड व नाका चंद्रवदनी से होकर जाने वालय यातायात न्यू कलेक्ट्रेट व सिरोल के लिये सीधे निकल सकेगा। जिससे एजी पुल का यातायात का दबाव कम हो जायेगा और इसके साथ ही लोगों को 3 किमी चक्कर लगाकर न्यू कलेक्ट्रेट रोड़ जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
36 मीटर का गॉर्डर डाला जाना है
विवेकानंद नीड़म आरओबी पर 790 मीटर लम्बा आरओबी बनाया जा रहा है। इसकी चौड़ाई 24 मीटर है। इस तरह दोनों ओर की लम्बाई 1212 रखी गयी है। लागत करीब 57 करोड़ रूपये हैं। रेलवे को अपने हिस्से का 36 मीटर का आरओबी बना रहा है। जिस पर 36 मीटर लम्बा गार्डर लांच किया जाना है, लेकिन 30 जून से काम बन्द है।
आरओबी का काम 2017 में शुरू हुआ और 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य था
रेलवे प्रशासन की लापरवाही के चलते विवेकानंद नीडम आरओबी का काम 4 वर्ष की बिलंब से चल रहा है। इस आरओबी का निर्माण अक्टूबर 2017 में शुरू हुआ था। जबकि दिसम्बर 2019 तक पूरा होना था। लेकिन अब यह नये वर्ष से पहले पूरा होने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। क्योंकि रेलवे के बाद लोक निर्माण विभाग का सेतु संभाग भी अपने हिस्से का काम पूरा करेगा। इस तरह यह आरओबी करीब 6 साल में बनकर तैयार होगा। जिसे 2 वर्ष में बन जाना चाहिये था। यहां रेलवे का फाटक है। जिसे निर्माण कार्य के चलते बन्द कर दिया गया है। इससे विवेकानंद नीडम से नाका चंद्रवदनी की ओर जाने-जाने का रास्ता लगभग 10 महीने से बन्द है। झांसी मण्डल के अधिकारियों ने पहले दावा किया था कि जून 2022 में रेलवे अपने हिस्से का काम पूरा कर लेगा। लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
रेलवे अपने हिस्से का आरओबी का काम नवम्बर तक पूरा कर लेगा। आरओबी के डिजायन में कुछ बदलाव किया है। जिसकी मंजूरी के लिये मुख्यालय प्रस्ताव भेजा गया है।
मनोज सिंह, पीआरओ, झांसी मण्डल
