ग्वालियर में निरीक्षण के दौरान ठेकेदार और पार्षद का विवाद, ठेकेदार पर लगाया कमीशन का आरोप

ग्वालियर. शहर में मास्टर फाइलों के जरिए बनाई जा रहीं सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता की शिकायतें होने पर नगर निगम आयुक्त हर्ष सिंह निरीक्षण के लिए निकले। इस दौरान वार्ड 25 में निरीक्षण के दौरान पार्षद पति और ठेकेदार के बीच विवाद हो गया। पार्षद पति का कहना था कि ठेकेदार खराब गुणवत्ता का सड़क निर्माण कर रहा है, तो वहीं ठेकेदार ने पार्षद पर 10 प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोप लगा दिए। इस पर निगमायुक्त ने ठेकेदार से लिखित में शिकायत देने के लिए कहा है।
शाम तक ठेकेदार ने कोई लिखित आवेदन निगम में नहीं दिया है। तत्कालीन निगमायुक्त किशोर कान्याल ने शहर में 80 करोड़ की सड़कों के टेंडर किए थे। ये सड़कें मास्टर फाइल के जरिए बनाई जानी हैं। इन सड़कों में पार्षद निधि इस्तेमाल नहीं हो रही, इसलिए पार्षदों का कोई हस्तक्षेप भी ठेकेदार सहन नहीं कर रहे हैं। निगमायुक्त के पास प्रतिदिन गुणवत्ताहीन निर्माण की शिकायतें पहुंच रही हैं। इनकी सत्यता जांचने के लिए निगमायुक्त बुधवार को वार्ड 21 में पहुंचे। यहां नारायण विहार कालोनी, गोला का मंदिर सहित अन्य जगहों का निरीक्षण किया। इस दौरान पार्षद बृजेश श्रीवास, अधीक्षण यंत्री जेपी पारा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इसके बाद निगमायुक्त वार्ड 25 में निरीक्षण करने पहुंचे। यहां शीतला कालोनी में पार्षद पति संजय परमार ने गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण की बात कही। इस पर निगमायुक्त ने ठेकेदार अजय वाजपेयी से जवाब मांगा, तो ठेकेदार ने कहा कि गुणवत्ता की आप जांच करा लें। दरअसल, पार्षद 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं, इसलिए शिकायतें की जा रही हैं। निगमायुक्त ने लिखित शिकायत देने के लिए कहा, लेकिन ठेकेदार ने कोई शिकायत नहीं की है।

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