आयकर सर्वे बढ़ने की आशंका 900 करोड़ जुटाने की चुनौती

इंदौर. बीते वित्त वर्ष में आयकर इंदौर को 2200 करोड़ राजस्व जुटाने का लक्ष्य दिया था। उसी बीच केंद्र सरकार ने आयकर के वर्षों पुराने लंबित प्रकरणों के निपटारे के लिए विवाद से विश्वास योजना घोषित कर दी। योजना का लाभ विभाग को मिला। असर से हुआ कि लक्ष्य आयकर इंदौर ने सरकार के खजाने में लगभग 3200 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाकर जमा करवा दिया। बीते साल विभाग के अधिकारियों के पास सर्वे के अधिकार भी नहीं थे। ऐसे में लक्ष्य से आगे जाकर राजस्व जुटाने का असर हुआ कि इस साल के लिए आयकर इंदौर को करीब 4000 करोड़ का राजस्व दे दिया है।

31 दिनों में विभाग को लगभग 900 करोड़ जुटाना है
इसी महीने प्रदेश के आला अधिकारियों ने इंदौर में अधिकारियों की बैठक ली। आंकड़ा सामने आया कि जनवरी अंत: तक विभाग इंदौर परिक्षेत्र में सिर्फ 2020 करोड़ रुपये ही जुटा सका है। ऐसे में अब वित्त वर्ष खत्म होने से पहले फरवरी के बचे 10 दिनों और मार्च के 31 दिनों में विभाग को लगभग 900 करोड़ और जुटाना है।

जीएसटी से उम्मीद
आयकर सर्वे की संख्या बढ़ने की आशंका से कर पेशेवर भी इनकार नहीं कर रहे हैं। दरअसल, बीते महीनों में ही आयकर अधिकारियों को सर्वे के अधिकार दिए हैं। ऐसे में लक्ष्य हासिल करने के लिए सर्वे का सहारा लिया ही जाएगा। इंदौर सीए ब्रांच के पूर्व अध्यक्ष अभय शर्मा के अनुसार इस साल आयकर विभाग के सामने लक्ष्य तो तगड़ा है, लेकिन विभाग को जीएसटी से भी काफी उम्मीदे हैं। दरअसल, जीएसटी का बेस और व्यापारियों का टर्नओवर काफी बढ़ा है।

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