एलिवेटेड रोड के निर्माण के भारी सामान लाने के लिये पहले बनानी होगी सड़क
ग्वालियर। एलिवेटेड रोड बनाने के लिए PWD विभाग को फिर से नदी के अंदर सड़क बनानी पड़ेगी। इसके लिए मिट्टी को हटाने का काम प्रारंभ कर दिया गया है। इसके साथ ही नदी गेट के पास पिलर बनाने के लिए गड्ढे करना शुरू कर दिए हैं। नदी के अंदर सड़क बनाने में PWD विभाग को फिर से मशक्कत करनी पड़ रही है, क्योंकि बारिश के कारण बहकर आई मिट्टी नदी में जमा हुई है।
एलिवेटेड रोड के दूसरे चरण में PWD विभाग को नदी गेट से काम प्रारंभ करना है। छप्परवाला पुल से लेकर तकरीबन हनुमान चौराहे के पास तक PWD विभाग को मकानों को हटाना है। इसके बाद यहां पर एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य प्रारंभ हो सकेगा। मकानों को हटाने के लिए नोटिस आदि जारी करने एवं निशान लगाने की प्रक्रिया PWD विभाग पूरी कर चुका है। वहीं छप्परवाला पुल पर नगर निगम ने पिलर खड़े करने के लिए गड्ढों की खुदाई का कार्य प्रारंभ कर दिया है।
5-6 फीट तक भर गई मिट्टी
स्वर्णरेखा नदी में बारिश के कारण बहकर आई मिट्टी की गाद तकरीबन 6 फीट मोटाई तक जमी हुई है। जिसके कारण नदी के अंदर एलिवेटेड रोड निर्माण कार्य के लिए सामान लाने में परेशानी हो रही है। चूंकि एलिवेटेड रोड निर्माण में 200 टन वजनी स्लैब डाले जा रहे हैं, उन्हें भारी वाहन की मदद से साइट तक पहुंचाया जा रहा है। चूंकि मुख्य मार्गों पर भारी ट्रैफिक रहता है, इसलिए पीडब्ल्यूडी विभाग ने नदी के अंदर से कच्चा पहुंच मार्ग बनाया हुआ है। जहां से रात के समय वाहनों की मदद से सामान साइट पर पहुंचाया जा रहा है। चूंकि बारिश में बहकर आई मिट्टी के कारण पूर्व में डाली गई सड़क खत्म हो चुकी है, इसलिए अब फिर नए सिरे से सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है।
रात में चल रहा है काम
दिन में भारी ट्रैफिक रहने के कारण एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य रात के समय किया जा रहा है, जिससे दिन के समय ट्रैफिक बाधित न हो, साथ ही किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। इसके कारण मिट्टी निकालने का कार्य भी रात के समय किया जा रहा है। रात में ही भारी मशीनरी की मदद से मिट्टी को डंपरों में लोडकर उसे निकाल दिया जा रहा है, जबकि सुबह 5 बजे तक काम बंद कर दिया जाता है।
