लॉकडाउन में कटरा वैष्णो देवी ट्रेड को 600 करोड़ रूपये का नुकसान
नई दिल्ली. देशभर में लॉकडाउन के दौरान पिछले 2 माह से माता वैष्णो देवी की यात्रा बन्द है। जिसका सीधा असर पूरी तरह से यात्रा पर आश्रित रहने वाली माता वैष्णो देवी की आधार स्थली कटरा के व्यवसाय पर पड़ा है। पूरी तरह से वैष्णो देवी यात्रा पर आधारित कटरा का व्यवसाय यात्रा बन्द होने से बूरी तरह से चरमरा गया है। एक अनुमान के अनुसार, वैष्णो देवी यात्रा के बन्द होने से तीनों चरणों के लॉकडाउन में कटरा वैष्णो दीव ट्रेड को 600 करोड़ रूपये का नुकसान हो चुका है।
जय माता के जयकारे और भक्तों की चहल-पहल से गर्मियों के इन महीनों में गुलजार रहने वाली धर्मनगरी कटरा कोरोना ग्रहण से सुनसान पड़ी हुई है। छोटे-बड़े सभी होटलों में सन्नाटा छाया हुआ है। कश्मीरी अखरोट, बादाम और केसर बेचने वाली ड्राईफ्रूट की दुकानों पर पड़े ताले अपनी कहानी स्वयं बयान कर रहे हैं।
कश्मीरी पश्मीना शॉल के व्यापारी भी सूनी आंखों से स्वयं को उजड़ता देख रहे हैं। वर्ष 2019 में अप्रैल के महीने में 6 लाख 90 हजार 893, मई के महीने में 8 लाख 7 हजार 125, जून में 11 लाख 59 हजार 715 और जुलाई के महीने में 8 लाख 45 हजार 71 श्रद्धालुओं ने माता वैष्णो देवी के दर्शन किये। यानी गर्मियों के इस पीक सीजन में 4 महीनों में 35 लाख 2 हजार 804 श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिये आये। जबकि इस वर्ष कोरोना के ग्रहण से यह संख्या शून्य हो गयी है।
धार्मिक पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि यात्रा बन्द होने से स्थानीय व्यापार को 10 से 11 करोड़ का प्रतिदिन नुकसान हो रहा हैं माता वैष्णो देवी की यात्रा के साथ ठेले, रेहडी, पटरी पर समान बेचने वाले, घोड़े, पिठ्ठू, पालकी वाले, छोटे -बड़े दुकानदार, होटल रेस्टोरेंट, ड्राई फ्रूट और शॉल बेचने वाले करीब 2 लाख लोगों का रोजगार प्रभावित हो रहा है।
