नामांकन भरते ही उद्धव ठाकरे का सीएम बने रहने की राह आसान
मुंबई. विधान परिषद् के चुनाव केलिये आज नामांकन भरने की अंतिम तिथि को उद्धव ठाकने ने अपना नामांकन दाखिल किया नामांकन भरत समय उद्धव ठाकरे के साथ उनकी धर्मपत्नी रश्मि, बेटे आदित्य और तेजस के साथ शिवसेना के कई सीनियर नेता जैसे संजय राउत, सुभाष देसाई और एकनाथ शिन्दे मौजूद थे। इसके अलावा एनसीपी की ओर से मुख्यमंत्री अजित पंवार और मंत्री जयंत पाटिल भी मौजूद रहें। वहीं कांग्रेस के बाला साहेब थोराट और अशोक चव्हाण भी समर्थन के लिये उपस्थित थे।
आपको बता दें कि उद्धव ठाकरे 28 नवम्बर 2019 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे और नियम के अनुसार उन्हें 6 माह के भीतर यानी 28 मई से पूर्व विधायक बनना आवश्यक था। उन्होंने विधानसभा के बजाय विधान परिषद का रास्ता चुना हैं।
कांग्रेस ने अपना एक उम्मीदवार वापिस ले लिया
उद्धव ठाकरे की गुहार पर कांग्रेस ने अपना एक उम्मीदवार वापिस ले लिया और उद्धव का रास्ता आसान हो गया। भाजपा ने गोपीचंद पडलकर, प्रवीण दटके, डॉ. अजित गोपछडे, रणजीत सिंह, मोहित पाटील को उम्मीदवार बनाया था। भाजपा की ओर से देवेन्द्र फडणवीस के विरोधी माने जाने वाले 3 धाकड़ और सीनियर नेताओं एकनाथ खड़से, विनोद तावड़े और पंकजा मुंडे को उम्मीदवार बनाया गया है । जिसका साफ मतलब निकलता है कि पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की अब भी पार्टी में चलती है और केन्द्रीय नेतृत्व भी उन्हीं की सुनता हैं।
