नया संसद भवन बनेगा 65000 वर्गफीट में, 20 हजार करोड़ के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को मंजूरी
नई दिल्ली. पर्यावरण मंत्रालय ने अतिरिक्त संसद भवन के निर्माण की मंजूरी दे दी है जो कि सरकार के 20000 करोड़ रुपए के विवादित सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है। मंत्रालय की एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी ने सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के स्पष्टीकरण के आधार पर प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी है। जब यह प्रोजेक्ट मंत्रालय के सामने पहली बार आया उसके 30 दिन के समय में मंत्रालय को बहुत सी आपत्तियां मिली थी जिस पर सीपीडब्ल्यूडी ने अपने स्पष्टीकरण दिया है।
42 मीटर सेंट्रल विस्टा बिल्डिंग में बेसमेंट व तीन फ्लोर होंगे
मंत्रालय को इस संबंध में करीब 1292 आपत्तियां मिली है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को संसद मार्ग पर स्थित संसद भवन के विस्तार और पुनर्निर्माण के रूप में लिस्ट किया गया है। नई बिल्डिंग का प्रस्तावित एरिया करीब 65000 स्कवायर मीटर होगा जो कि मौजूदा संसद भवन से सटा हुआ है। 42 मीटर सेंट्रल विस्टा बिल्डिंग में बेसमेंट और तीन फ्लोर होंगे। सीपीडब्ल्यूडी ने बताया कि संसद की मौजूदा बिल्डिंग को ध्वस्त करने का कोई प्रस्ताव नहीं है और सिर्फ संसद भवन के ढांचे को मजबूती देने और अंदरूनी पुनर्निर्माण की योजना है हालांकि संसद परिसर में मौजूद 5200 स्कवायर मीटर में फैली कुछ पुरानी बिल्डिंग ध्वस्त की जा सकती है।
