ग्वालियर के शहीद सरमन ने कारगिल युद्ध में 12 राउंड फायर कर दुश्मनों को ढेर किया था, प्रभारी मंत्री ने शहीद के निवास पर जाकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए
ग्वालियर. ग्वालियर में स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कारगिल युद्ध में पाक सेना के कई जवानों को मौत के घाट उतारने के बाद शहीद हुए सरमन सिंह के निवास पर जाकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रभारी मंत्री सिलावट सरमन सिंह द्वारा दुश्मन फौज के जवानों को जिन 12 कारतूसों से मौत के घाट उतारा था उसके खोखे देख कर वह भावुक हो गए। भारत सरकार ने 12 राउंड के खोखे सम्मानपूर्वक शहीद के परिवार को भेंट किए हैं। इसके बाद राजपूताना राइफल्स के जवानों ने जीत के बाद टाइगर हिल्स पर तिरंगा फहराया था, तभी वहां पाकिस्तानी सैनिकों ने हैंड ग्रेनेड फेंका था जिसमें सरमन सिंह शहीद हो गए थे। यह एक ऐसा युद्ध था जिसमें दुश्मन देश के सैनिक उंचाई पर थे और भारतीय फौजें नीचे थीं, ऐसे में विपरीत परिस्थितियों के बाद भी पाकिस्तान को करारा जवाब दिया गया था।
स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य समारोह के लिए ग्वालियर आए प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने शनिवार रात पड़ाव रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे मंशापूर्ण हनुमान मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। इसके बाद स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वह मुरार स्थित शहीद सरमन के निवास पर पहुंचे। प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने सरोज कुमारी को नमन करते हुए कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार मातृभूमि की रक्षा करने लिए प्राण न्यौछावर करने वाले अमर शहीद सरमन सिंह के प्रति कृतज्ञ है। इस मौके पर शहीद सरमनसिंह के भाई विहवल सेंगर एवं बेटे लक्ष्मण सेंगर व अंशुमान सेंगर के अलावा भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष कमल माखीजनी व आशीष प्रताप सिंह राठौड़, वैजन्ती देवी, विमला तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि गण उपस्थित थे। यहां प्रभारी मंत्री ने जब वह कारतूस के खोके देखे जिनसे इस वीर सपूत ने पाकिस्तान को सैनिकों को ढेर किया था तो प्रभारी मंत्री सिलावट भी भावुक हो गए। उनकी आंखे नम हो गईं। इसके बाद उन्होंने शहीद के चित्र पर श्रृद्धासुमन अर्पित किए और उनके परिवार से कहा कि ऐसे वीर सपूत हमेशा याद रखे जाएंगे।
