प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव का जिम्मा रामनिवास व अशोक सिंह को
ग्वालियर. ग्वालियर-चंबल अंचल की 13 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है और सिर्फ जौरा विधानसभा सीट बनवारीलाल शर्मा के निधन के कारण रिक्त हुई है इसलिए 12 सीटों पर भाजपा उम्मीदवार के नाम लगभग तय है। कमलनाथ सरकार गिराने के लिए मंत्री पद व विधायकों से इस्तीफा देकर शनिवार को भाजपा में शामिल होने वाले पूर्व विधायक ही भाजपा के उम्मीदवार होंगे इसलिए दिल्ली से लौटते ही यह लोग अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो जाएंगे लेकिन उम्मीदवारों का चयन कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती है क्योंकि यह पहला उपचुनाव होगा जो कि कांग्रेस, महल की बगैर छत्र छाया के लड़ेगी।
उपचुनाव में अशोक सिंह व रामनिवास की अहम भूमिका- विधायक प्रवीण पाठक
पार्टी नेतृत्व ने कांग्रेस प्रत्याशी तलाशने का जिम्मा दिग्विजय सिंह के विश्वसनीय अशोक सिंह व सिंधिया के साथ जाने की बजाए कांग्रेस के सिद्धांतों में अपनी पूरी आस्था जताने वाले रामनिवास रावत को सौंपा है। रामनिवास रावत इस घटनाक्रम से पहले सिंधिया के करीबी माने जाते थे। भोपाल से आने के बाद विधायक प्रवीण पाठक ने पार्टी कार्यालय में कांग्रेसियों से संवाद कर इस बात के संकेत दिये है कि उपचुनाव में अशोक सिंह व रामनिवास रावत की अहम भूमिका होगी।
अब पार्टी नेताओं का पूरा फोकस संगठन को मजबूत करने पर
कमलनाथ सरकार गिरने के बाद विधायक प्रवीण पाठक भोपाल से लौटने के बाद शनिवार की दोपहर को कांग्रेस कार्यालय पहुंचे। ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद जिले में हुए डैमेज कंट्रोल पर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र शर्मा व बचे हुए कांग्रेसियों के साथ विधायक ने मंथन किया। प्रवीण पाठक ने दिल्ली व प्रदेश हाईकमान की गाइड लाइन से अवगत कराते हुए कहा कि अब पार्टी नेताओं का पूरा फोकस संगठन को मजबूत करने पर है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत व अपेक्स के अध्यक्ष अशोक सिंह आप लोगों के बीच कोरोना का प्रभाव काम होते ही आएंगे और बैठक लेंगे।
