यदुवंशी समाज द्वारा मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान में बोले -शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण भी जरूरी-सीबी प्रसाद
ग्वालियर। अखिल भारतीय यदुवंशी समाज द्वारा बाल भवन में मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में करीब 60 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह, प्रमाण-पत्र, दुपट्टा एवं मां लक्ष्मी जी का चित्र भेंट किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर सीबी प्रसाद, विशेष अतिथि तहसीलदार मनीष जैन, अखिल भारतीय यदुवंशी समाज अध्यक्ष -मिश्रीलाल एवं महामंत्री नवीन यदुवंशी, आरआई होतम सिंह यादव ने दीप प्रज्ज्वलित किया । सम्मान समारोह में नंदकिशोर यादव, रामकृष्ण धवनियां और अंत में संचालन मनोज राठौर एवं आभार दीपक यादव ने किया।
यदुवंशी क्षत्रिय समाज का प्रतिभा सम्मान समारोह
यदुवंशी क्षत्रिय समाज प्रतिभा सम्मान समारोह में 10वीं एवं 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं, इस वर्ष शासकीय सेवा में चयनित युवाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने वाली समाज की प्रतिभाओं का सम्मान किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्वालियर ADM सीबी प्रसाद, विशिष्ट अतिथि ग्वालियर तहसीलदार मनीष जैन, एवं श्री मिश्रीलाल जी रावत जी, अध्यक्ष अखिल भारतीय यदुवंशी समाज, जयपुर रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष -विनोद यादव, महामंत्री-धरमजीत यादव, कोषाध्यक्ष- गौरव यादव , उपाध्यक्ष- दीपक यादव,महिला उपाध्यक्ष कमला यादव एवं यशवंत यादव, राजेंद्र धमनियां, होतम सिंह यादव (राजस्व निरीक्षक),अखिल भारतीय यदुवंशी समाज, महामंत्री नवीन यदुवंशी एवं होतम यादव (LIC) का विशेष सहयोग रहा। प्रतिभाओं का सम्मान, समाज की प्रगति की पहचान है। शिक्षा, संस्कार और सफलता की यह प्रेरणा निरंतर आगे बढ़ती रहे।
शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण भी जरूरी-सीबी प्रसाद
मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर सीबी प्रसाद ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति को स्वयं कष्टमय जीवन का अनुभव करना चाहिए, तभी वह दूसरों के कष्टों को समझ सकता है। उन्होंने कहा कि मेधावी होने के साथ-साथ चरित्र निर्माण भी आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए तथा उनका आशीर्वाद लेकर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी मोबाइल में अधिक समय बिता रही है और आम जिंदगी से उसका जुड़ाव कम होता जा रहा है। बुजुर्गों के प्रति श्रद्धा और आदर का भाव बनाए रखना जरूरी है। विद्यार्थियों ने जो शिक्षा प्राप्त की है, उसका उपयोग देश को आगे बढ़ाने में करें, तभी उनकी शिक्षा और जीवन सार्थक होगा।
97% अंक लाने वाले बच्चों के माता-पिता की मेहनत को भी मिले श्रेय : मनीष जैन
विशेष अतिथि तहसीलदार मनीष जैन ने सम्मानित छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनके माता-पिता की बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा 97% अंक प्राप्त करता है तो इसके पीछे पिता की मेहनत भी शामिल है, जिसने अपने सपनों को किनारे रखकर बच्चे की स्कूल और कोचिंग की फीस का इंतजाम किया। वहीं मां ने रात-रात भर जागकर बच्चों के लिए भोजन, नाश्ता, कपड़े और स्कूल जाने की तैयारी में अपना समय समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि आज के समय में 97 प्रतिशत अंक आने के बाद भी कई माता-पिता बच्चों से और अधिक की अपेक्षा करते हैं, जबकि हमारे समय में ग्रेस अंकों से पास होने पर भी माता-पिता खुशी से लड्डू बांटते थे। उन्होंने कहा कि यह दौर किताबों से अधिक मोबाइल पर रील बनाने का हो गया है, ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई, संस्कार और अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए।
