ग्वालियर में सभी 800 विवाह स्थल हो जाएंगे वैध, 500 वर्ग मीटर में भी मैरिज गार्डन मान्य, पार्कों में नहीं होगी शादियां

ग्वालियर. शहर में विवाह या फिर अन्य तरह के आयोजन स्थल के लिए पंजीयन अब नगर निगम करेगा, अभी तक ऐसी कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। इसी कारण ऐसे स्थानों के संचालकों पर प्रशासन कार्रवाई करता था। नए आदेश में मैरिज गार्डन के लिए एक लाख वर्ग फीट जगह की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है। पांच कैटेगरी में सार्वजनिक कार्यक्रम स्थलों को स्थानीय निकाय मंजूरी देंगे। सबसे छोटा विवाह स्थल 500 से 1000 वर्गमीटर तक का हो सकेगा ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार आसानी से कार्यक्रम कर सकें।
अन्य सुविधाएं जुटाने के लिए गजट नोटिफिकेशन कर दिया
नए आदेश का असर जिले के उन 800 विवाह स्थल, धर्मशाला व होटलों पर होगा जिनमें 50 से अधिक लोगों के लिए पारिवारिक कार्यक्रम होते हैं। अभी इनके पंजीयन शॉप एक्ट में होता है। नगरीय आवास एवं विकास विभाग ने विवाह घर के लिए दो गेट जरूरी करने सहित अन्य सुविधाएं जुटाने के लिए गजट नोटिफिकेशन कर दिया है। शहर में 21 अप्रैल से शादियां शुरू होंगी। मैरिज गार्डनों की हर मुहूर्त पर बुकिंग हो चुकी है।
यह रहेंगी विवाह घर पंजीयन की शर्तें
आतिशबाजी, हलवाई की चिन्हित जगह, दो गेट, एक गेट होने पर आवेदन से पहले दूसरा गेट बनना होगा।
विवाह स्थल के लिए 12 मीटर चौड़ा मार्ग, सामुदायिक भवन के लिए 9 मीटर।
अग्निशमन व स्थानीय निकाय का बकाया न होने की एनओसी।
पार्किंग स्थल कुल जगह का 25 प्रतिशत।
कचरे के निष्पादन, रात 10 से सुबह 8 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्र न चलाने की घोषणा।
3 हजार वर्गमीटर तक के स्थल पर 17 स्नानागार व शौचालय होंगे। इसके बाद प्रति दो हजार पर दो-दो अतिरिक्त बनाने होंगे।
पार्कों में नहीं हो सकेंगी शादियां
सार्वजनिक आयोजन वाले ऐसे क्षेत्र स्कूल-कॉलेज या फिर अस्पताल से 100 मीटर की दूसरी पर होना जरूरी होंगे। निगम ऐसे स्थानों का पंजीयन नहीं करेगा जो मोहल्ला विकास समितियों में पार्क के लिए अधिसूचित है। नियमों के उल्लंघन पर निगम को कार्रवाई का अधिकार होगा।

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