देहरादून से ग्वालियर आया यलो टाइगर, 7-10 तक रहेगा क्वारंटाइन
ग्वालियर. गांधी प्राणी उ़द्यान (चिडि़याघर) में बाघों की नस्ल सुधारने और अनुवांशिक विविधता (जेनेअिक डायवर्सिटी) बनाये रखने के लिये देहरादून जू से एक नर यलो टाइगर को ग्वालियर के चिडि़याघर में लाया गया है। इसके बदले ग्वालियर जू से एक नर व्हाइट टाइगर को देहरादून भेजा जायेगा। जू क्यूरेटर गौरव टाइगर ने बताया है कि शनिवार सुबह देहरादून से लाये गये टाइगर को केन्द्रीय चिडि़याघर प्राधिकरण (सीजेडए) के नियमानुसार 7-10 दिनों तक क्वारंटाइन में रखा जायेगा।
इस बीच जू की टीम उसके स्वास्थ्य, व्यवहार और माहौल के प्रति अनुकूल पर नजर रखेगी। क्वारंटाइन अवधि पूरी होने के बाद ही इसे पर्यटकों के देखने के लिये बाड़े में छोड़ा जायेगा। निगमायुक्त अभिषेक चौधरी के निर्देश पर चिडि़याघर प्रभारी डॉ. उपेन्द्र यादव, जू क्यूरेटर और जू कीपर शिवकुमार पाल की टीम देहरादून गयी थी। जो बाघ का परीक्षण कर उसे सुरक्षित ग्वालियर ले आयी।
