एक हजार बिस्तार अस्पताल (जयारोग्य चिकित्सालय) में 276 सुरक्षा कर्मी तैनात फिर भी पिट रहे डॉक्टरर्स
ग्वालियर। डॉक्टर, स्टाफ व मरीजों की सुरक्षा के लिए कैंपस में 276 सुरक्षाकर्मी, वाहन पर प्रतिमाह 40 लाख रुपए से अधिक खर्च हैं फिर भी डॉक्टर पिट रहे हैं, मरीजों का सामान चोरी हो रहा है और स्टाफ स्वयं को असुरक्षित महसूस करता है कि पता नहीं कब क्या हो जाए? जो हालात हैं गजराराजा अस्पताल एवं केआरएच अस्पतालों के। यहां काम करने वाला हर व्यक्ति स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा है, क्योंकि सुरक्षाकर्मी ड्यूटी से गायब हो जाते हैं। सरकार ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों की सुरक्षा और समुचित व्यवस्था के लिए हाईटेक कंपनी को ठेका है और इसी कंपनी के द्वारा जयारोग्य ग्रुप के अस्पतालों में करीब 276 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
ड्यूटी पर उस स्थान पर रहती है, जहां से अस्पताल के गेट-काउंटर पर नजर रखी जा सके। लिफ्ट, वार्ड, इमरजेंसी वार्ड, आईसीयू, सभी विभागों के गार्ड शिफ्ट, रजिस्ट्रेशन, गेट व दवा वितरण केंद्र के। स्टाफ के पास इनकी ड्यूटी लगाई जाती है। इसके बावजूद कई घटनाएं होने होती हैं जो जाती हैं और कोई कुछ कर नहीं पाता।
व्यवस्थाओं के लिए कोई प्लानिंग नहीं
इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात होने के बावजूद अस्पतालों में कोई स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। बुधवार अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटना सामने आई, तो सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भी सुरक्षा को लेकर कमियों की धुन दिख गई। वार्डों में मरीजों की तीमारदारी करने वालों का सामान भी आए दिन चोरी हो जाता है, और धारक पार्किंग में बाइक खड़ा से जाना तो वाहन आसमान काम हो गया है। इस शिकायत पर कि जेएएच के अस्पताल सुरक्षित नहीं हैं और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए प्रबंधन कोई प्लानिंग नहीं कर पा रहा।
शुरू से विवादों में रही है हाईटेक कंपनी
सरकार ने जब से हाईटेक कंपनी को ठेका दिया है, सुरक्षा व्यवस्थाओं में लगातार विवादों में ही रही है। सुरक्षाकर्मियों के बीच ड्यूटी को लेकर आपस में भी विवाद व मारपीट तक की घटनाएं हो चुकी हैं। सुरक्षाकर्मियों आरोप लगाते रहे हैं कि ड्यूटी से हटाने पर गाली-गलौज की जाती है। सुरक्षाकर्मियों के बीच ड्यूटी को लेकर आपसी विवाद कई बार इतना बढ़ गया था, सुरक्षा गार्ड के बीच विवाद के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
सुरक्षा व्यवस्था को कसा जाएगा
इस मामले में जयारोग्य अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अमित भदौरिया ने कहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। पिछले दिनों जो घटनाएं हुई हैं उन्हें देखते हुए एक बार फिर समीक्षा की जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था को कसा जाएगा, जिससे घटनाएं न हों।
