बंद अलमारी में 4 बैग से निकले 3 करोड़ नगद, ऑटो चालक के घर मिली रकम का पीडब्ल्यू इंजीनियर से क्या है संबंध

सागर. मध्यप्रदेश के सागर मे पुलिस हथियार की तलाश में एक ऑटो चालक के घर पहुंची थी। मकसद था सोशल मीडिया पर सामने आयी पिस्तौल की तस्वीर की जांच करना और यह पता लगाना कि तस्वीर में दिखाई दे रहा हथियार वास्तव में उसके पास है या नहीं। लेकिन तलाशी के बीच पुलिस की नजर में एक लॉक अलमारी पर पड़ी। जिसने सभी को चौंका दिया। अलमारी खोली गयी तो उसमें एक-दो नहीं, बल्कि 4 बैग मिले, जब बैग खोले गये तो उनके अन्दर नोटों की गड्डिया थी। पुलिस ने नगदी का बाहर निकाला तो रकम इतनी अधिक निकली की मौके पर गिनती करना आसान नहीं था। इलेक्ट्रॉनिक करेंसी काउंटिंग मशीन मंगाई गयी।    शुरूआती जानकारी में चारों बैगों में करीब 3 करोड़ रूपये से अधिक नगदी होने की बात सामने आयी है।
किसका है यह पैसा
करोड़ों रूपये की नगदी सामने आने के बाद जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है। रकम का वास्तविक मालिक कौन है। पुलिस पूछताछ के दौरान परिवार की तरफ से दावा किया गया कि अलमारी और उसमें रखा पैसा उनका नहीं है। परिजनों के अनुसार यह रकम उनके रिश्तेदार रमेश अहिरवार का है। परिवार का कहना है कि रमेश अहिरवार लगभग 8-9 माह पहले यह पैसा यहां रखकर गये थे। परिजनों के अनुसार रमेश अहिरवार भोपाल के चूना भट्टी इलाके में रहते है। पीडब्ल्यूडी में इंजीनियर बताये जा रहे है। परिवार का दावा है िकवह लगभग 8-9 माह पहले पैसे यहां रखकर गये थे। इतनी बड़ी रकम घर में रखने की वजह क्या थी? पुलिस अब रकम के वास्तविक स्त्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि इतनी बड़ी राशि से संबंधित कोई वैध दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड या अन्य प्रमाण मौजूद है या नहीं।
नोट गिनते-गिनते देर रात तक चली कार्रवाई
करोड़ों की नकदी बरामद होने के बाद पुलिस ने करेंसी काउंटिंग मशीन मंगाई  । पुलिस की मौजूदगी में नोटों की गिनती शुरू हुई । कार्रवाई दोपहर बाद शुरू हुई और देर रात करीब 12 बजे तक चलती रही है। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। इससे बरामदगी से लेकर नोटों की गिनती तक की प्रक्रिया को रिकॉर्ड में रखा गया है। मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे । परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई है। कुछ अन्य नामों को लेकर भी सवाल किए गए और पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को जांच में शामिल किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जानकारी संबंधित विभागों और एजेंसियों को दी जाएगी । आयकर और राजस्व विभाग समेत अन्य संबंधित एजेंसियां भी रकम के स्रोत की जांच कर सकती है।

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