ग्वालियर में लापरवाही पर 4 पशु चिकित्सा अधिकारी निलंबित

ग्वालियर. ग्वालियर में शासकीय कार्यों में लापरवाही और बिना अनुमति लंबे समय तक अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग के चार सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अधिकारियों पर बिना अनुमति मुख्यालय से अनुपस्थित रहने, कृत्रिम गर्भाधान और पशुओं के टीकाकरण के लक्ष्य पूरे नहीं करने तथा शासकीय दायित्वों की अनदेखी करने के आरोप हैं। मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
अधिकारी बिना सक्षम अनुमति लंबे समय से अनुपस्थित थे
प्रशासनिक जांच में उपस्थिति पंजी और ई-अटेंडेंस की समीक्षा के दौरान पता चला कि चारों अधिकारी बिना सक्षम अनुमति लंबे समय से मुख्यालय से अनुपस्थित थे। उनकी अनुपस्थिति के कारण शासन की महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित हुईं। कृत्रिम गर्भाधान और पशुओं के टीकाकरण के तय लक्ष्य पूरे नहीं हुए। जांच में इनकी उपलब्धि शून्य पाई गई।
उप संचालक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग की रिपोर्ट और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अनुशंसा के आधार पर कलेक्टर ने कार्रवाई की। प्रथम दृष्टया अधिकारियों द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमों के तहत निलंबन के आदेश जारी किए गए।
इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
अनिल वित्तल, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी, पशु चिकित्सालय पारसेन
विवेक कोटिया, कृत्रिम गर्भाधान उपकेंद्र, भगेह
राजपाल धाकड़, पशु चिकित्सालय कामधेनु नगर मेला ग्राउंड
अंतिमा यादव, पशु चिकित्सालय भितरवार

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