वंदे भारत में फटा दूध तो शताब्दी में परोसी एक्सपायर ब्रेड, भड़के यात्री
ग्वालियर. रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों में बेहतर खानपान और विश्वस्तरीय यात्रा सुविधा के दावों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इन लक्जरी ट्रेनों में महंगा किराया और कैटरिंग चार्ज लेने के बावजूद यात्रियों को निम्न गुणवत्ता के खाद्य पदार्थ परोसे जा रहे हैं। दो मामले सामने आए, जब हजरत निजामुद्दीन-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों को फटा हुआ दूध परोसने की शिकायत मिली, तो वहीं नई दिल्ली-रानी कमलापति शताब्दी एक्सप्रेस में एक्सपायर डेट की ब्रेड परोस दी गई। यात्रियों का कहना है कि जब प्रीमियम किराया वसूला जा रहा है तो भोजन की गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कार्न फ्लेक्स में दूध डाला, वह फट गया
निजामुद्दीन-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस (22470) में यह मामला उस समय सामने आया, जब उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी एडवोकेट राजेंद्र पाल गौतम एग्जीक्यूटिव क्लास (ई-2) कोच में निजामुद्दीन से झांसी की यात्रा कर रहे थे। नाश्ते के दौरान जैसे ही उन्होंने कार्न फ्लेक्स में दूध डाला, वह फट गया। उन्होंने इसका वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा किया। उन्होंने दूध को थर्ड क्वालिटी बताते हुए कहा कि यह पीने योग्य नहीं है और यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
गुणवत्ता की जांच कर दोषी एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
उन्होंने रेल मंत्री से पूरे मामले की जांच कराने और केवल दूध ही नहीं, बल्कि ट्रेन में परोसे जाने वाले सभी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कर दोषी एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं शनिवार सुबह नई दिल्ली से रानी कमलापति स्टेशन (भोपाल) जा रही 12002 शताब्दी एक्सप्रेस में भी खानपान व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। ट्रेन के सी-4 कोच में सफर कर रहे करीब 74 यात्रियों को नाश्ते में ऐसी ब्रेड परोस दी गई, जिसकी उपयोग अवधि 10 जुलाई को ही समाप्त हो चुकी थी। एक यात्री की नजर जब ब्रेड के पैकेट पर अंकित ‘यूज वाइ’ तारीख पर पड़ी तो अन्य यात्रियों ने भी अपने पैकेट जांचे। अधिकांश यात्री तब तक ब्रेड खा चुके थे। यात्रियों ने कैटरिंग एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जबकि कुछ यात्रियों ने उपभोक्ता आयोग के पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है।

