Latest

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

सिंधिया राजघराने की बंटवारे के लिए समझौते पर मंगलवार को ग्वालियर जिला न्यायालय में सुनवाई होगी

ग्वालियर. सिंधिया राजघराने की करीब 40 हजार करोड रुपये मूल्य की संपत्ति से जुडे बहुचर्चित विवाद में बंटवारे के लिए समझौते पर मंगलवार को ग्वालियर जिला न्यायालय में सुनवाई होगी। बंटवारे का समझौता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी तीनों बुआ उषा राजे, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे की ओर से प्रस्तुत किया गया है।
प्रतिमा देवी ने कैविएट दायर की
इस बीच अब ज्योतिरादित्य की बडी बुआ स्वर्गीय पद्रमाराजे सिंधिया की पुत्री प्रतिमा देवी ने कैविएट दायर की ननिहाल की संपत्ति पर दावा किया है इसलिए सिंधिया राजघराने के संपत्ति विवाद में ज्येष्ठाधिकार का दावा फिर प्रासंगिक हो गया है। मंगलवार को सुनवाई में प्रस्तावित समझौते के साथ उत्तराधिकार से जुडे पुराने दावों और कानूनी पहलुओं पर भी अदालत की नजर रहेगी।
अब संपत्ति विवाद आगे बढने के आसार
दरअसल वर्ष 1989 में संपत्ति के लिए दायर दावे में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्वयं को राजघराने की संपत्ति के एकमात्र उत्तराधिकारी के रूप में ज्येष्ठाधिकार की उस परंपरा का संदर्भ दिया था जिसमें पारंपरिक राजशाही व्यवस्था के तहत माता-पिता या शासक की मृत्यु के बाद उनकी संपूर्ण निजी व रियासती संपत्ति पर केवल सबसे बडे वैध पुत्र का अधिकार होता है जबकि उनकी तीनों बुआ ने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम का संदर्भ देकर संपत्ति में अपने हक पर दावा किया।
दोनों दावों के बीच ज्योतिरादित्य और उनकी तीनों बुआ में बंटवारे पर सहमति बन चुकी है। इस पर ही अदालत की मुहर लगती उससे पहले ही दिवंगत पद्रमाराजे सिंधिया की पुत्री प्रतिमा देवी ने कैविएट दायर कर कहा है कि समझौते पर उनका पक्ष सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए। ऐसे में अब संपत्ति विवाद आगे बढने के आसार बन गए है।

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

MP में संविदाकर्मियों को बड़ा तोहफा, 50% पद होंगे पक्के, अक्टूबर से पहले होगी परीक्षा

भोपाल. विद्युत वितरण के साथ पावर ट्रांसमिशन और पावर मैनेजमेंट कंपनी में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों के हित में बडा कदम उठाते हुए सरकार ने इन्हें नियमित करने का निर्णय लिया है। रिक्त नियमित पदों के विरूद्ध 50 प्रतिशत पद संविदाकर्मियों से भरे जाएंगे। इसका लाभ लगभग 6 हजार कर्मचारियों को मिलेगा। हालांकि इसके लिए पात्र कर्मचारियों को ऑनलाइन विभागीय परीक्षा देनी होगी जो अक्टूबर के पहले आयोजित होगी। पदों की गणना 1 जुलाई 2026 की स्थिति में कंपनी में सीधी भर्ती के समकक्ष चिह्नित नियमित पद संख्या में से कार्यरत नियमित कर्मचारियों की संख्या घटाकर की जाएगी।
भर्ती केवल उन्हीं पदों के लिए होगी जिनके समकक्ष के नियमित पद रिक्त
भर्ती की प्रक्रिया के लिए पूर्व क्षेत्र कंपनी को नोडल कंपनी नियुक्त किया है साथ ही ऊर्जा विभाग ने यह निर्देश दिए है कि हाईकोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर के साथ दोनों खंडपीठों में कैविएट दायर की जाए ताकि कोई भी निर्णय विभाग का पक्ष सुने बिना न हो। ऐसे संविदाकर्मी जिन्होंने कम से कम कंपनी में 2 वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो, यदि कर्मचारियों के दो अनुबंधों के बीच में कुछ समय का अंतराल है तो उसे सेवा में रूकावट नहीं माना जाएगा लेकिन इस बीच का अनुभव नहीं जोडा जाएगा। दोबारा संविदा नियुक्ति हुई है तो उसका अनुभव जुडेगा जो खाली समय की अवधि को घटाकर निकाला जाएगा। अनुभव का प्रमाण पत्र कार्यपालन अभियंता स्तरीय या उससे बडे अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा। यह प्रमाण पत्र आवेदन के समय देना जरूरी होगा। भर्ती केवल उन्हीं पदों के लिए होगी जिनके समकक्ष के नियमित पद रिक्त है।
चयनित संविदाकर्मी को देना होगा न्यागपत्र
अगर कोई संविदा कर्मी नियमित पद के लिए चुन लिया जाता है तो उसे संविदा पद से त्यागपत्र देना होगा। त्यागपत्र स्वीकार करने के लिए सामान्यत 1 माह की सूचना देनी होती है लेकिन इस योजना में नियम को शिथिल किया गया है ताकि नियुक्ति जल्दी मिल जाए। त्यागपत्र देने के बाद संविदा सेवा पूरी तरह समाप्त मानी जाएगी और कर्मचारी कोई दावा नहीं कर सकेगा।
अन्य विभागों में भी लागू हो ऐसी व्यवस्थाः संविदा कर्मचारी महासंघ
उधर मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रमेश राठौर ने सरकार से मांग की है कि जिस तरह ऊर्जा विभाग द्वारा विभागीय परीक्षा लेकर नियमित पदों के विरुद्ध संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की योजना बनाई गई है वैसा ही अन्य विभाग भी करें। इसमें बोनस अंक भी इसी प्रकार से निर्धारित किए जाने चाहिए।

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

देश में जल्द चलेंगे ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक-नोट

नई दिल्ली. बाजार में जल्द ही 10 और 20 के प्लास्टिक नोट नजर आएंगे। रिजर्व बैंक 100-100 करोड़ यानी टोटल 200 करोड़ पॉलिमर यानी प्लास्टिक से बने नोट छापेगी। यह प्लास्टिक करेंसी का ट्रायल होगा, अगर यह सफल होता है तो आगे और नोट भी छापे जाएंगे।
रिजर्व बैंक 10 और 20 के नोटों को रेगुलर तौर पर जारी करेगा
केंद्र सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में दी। हालांकि, पॉलिमर नोटों का ट्रायल कब शुरू होगा, इसकी तारीख का ऐलान अभी नहीं किया गया है। पॉलिमर बैंकनोट के ट्रायल सफल होने के बाद रिजर्व बैंक 10 और 20 दोनों वैल्यू के नोटों को रेगुलर तौर पर जारी करेगा। हालांकि कागज की मौजूदा करेंसी भी चलती रहेगी। इसे बंद नहीं किया जाएगा। 10 दिन पहले मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि रिजर्व बैंक जल्द ही देश में पॉलीमर से बने नोटों का पहला पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। यह देश में नए जनरेशन की करेंसी लाने के रिजर्व बैंक के प्लान का अगला कदम है।
पॉलिमर नोट कब तक मार्केट में आएंगे
फिलहाल यह एक ट्रायल यानी पायलट प्रोजेक्ट है। आरबीआई की नोट-प्रिंटिंग यूनिट ने पॉलीमर सबस्ट्रेट शीट की सप्लाई के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया है, जिसमें बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त तय की गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने, कच्चा माल मिलने और छपाई के बाद ही यह नोट अलग-अलग चरण में बाजार में देखने को मिलेंगे। यदि यह ट्रायल सफल रहता है, तो आगे और भी नोट पॉलीमर में छापे जाएंगे।

 

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

ग्वालियर-प्रयागराज एक्सप्रेस समेत 6 ट्रेनें कैंसिल

ग्वालियर. मध्य प्रदेश के विशेषकर ग्वालियर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-मानिकपुर रेलखंड पर मउरानीपुर-रोरा स्टेशनों के बीच दोहरीकरण कार्य के तहत प्रस्तावित नॉन-इंटरलॉकिंग एनआई ब्लॉक का कार्यक्रम संशोधित कर दिया है। रेल संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण 28 जुलाई के बजाय अब 29 जुलाई को होने के कारण रेलवे ने ब्लॉक की नई तिथियां जारी की है। 28 से 30 जुलाई के बीच 6 ट्रेनें निरस्त रहेंगी। वहीं 2 ट्रेनों का मार्ग बदला गया है जबकि 1 ट्रेन को कुल 210 मिनट तक विनियमित रेगुलेट किया जाएगा। रेलवे के अनुसार ट्रेन 11810 ग्वालियर-प्रयागराज एक्सप्रेस 28 और 29 जुलाई को निरस्त रहेगी। वहीं 11802 प्रयागराज-ग्वालियर एक्सप्रेस 29 और 30 जुलाई को निरस्त रहेगी। वहीं चार ट्रेने झांसी स्टेशन से संचालित होने वाली है।
ग्वालियर के यात्रियों को परेशानी हो सकती है
इसका असर ग्वालियर से चलने वाली ग्वालियर-प्रयागराज एक्सप्रेस सहित कई एक्सप्रेस और मेमू ट्रेनों पर पडेगा। कुछ ट्रेनें निरस्त रहेंगी, कुछ का मार्ग बदला गया है जबकि कई ट्रेनों को विलंब से चलाया जाएगा। रेलवे के अनुसार ट्रेन क्रमांग 11801 ग्वालियर-प्रयागराज एक्सप्रेस 27 और 28 जुलाई को ग्वालियर से और ट्रेन क्रमांक 11802 प्रयागराज-ग्वालियर एक्सप्रेस 28 और 29 जुलाई को प्रयागराज से निरस्त रहेगी।

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन में तैनात हवलदार की मौत

ग्वालियर. महाराजपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत 40 विंग एयरफोर्स स्टेशन में तैनात एक हवलदार की इलाज के दौरान मिलिट्री हॉस्पिटल मुरार में मौत हो गई। 4 दिन पहले हवलदार की तबीयत ड्यूटी के बाद कैंपस में ही अपनी बैरक में आराम करते समय अचानक बिगड गई थी। तबीयत बिगडने के बाद तत्काल उसे मिलिट्री हॉस्पिटल मुरार में भर्ती कराया गया था जहां रविवार शाम को हवलदार की मौत हो गई। अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर डेड हाउस में रखवा दिया है। मृतक के परिजन को सूचना दी गई है। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।


क्या है पूरा मामला
सूचनाकर्ता सूबेदार सुधीर दुबे पुत्र स्व. विष्णु प्रसाद दुबे, निवासी 40 विंग एयरफोर्स स्टेशन ने थाना महाराजपुरा पहुंचकर इस दुखद घटना की सूचना दर्ज कराई। बताया गया है कि 40 विंग एयरफोर्स स्टेशन में तैनात 55 वर्षीय हवलदार नरेश कुमार मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगडा जिले की जावली तहसील के गांव भारमर के निवासी थी। वे 22 जुलाई 2026 की रात करीब 12 बजे ड्यूटी समाप्त कर संबंधी तबीयत गंभीर रूप् से खराब हो गई। तबीयत बिगडते ही साथी सैन्य कर्मियों और अधिकारियों ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए मिलिट्री हॉस्पिटल मुरार में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका गहन इलाज चल रहा था। इलाज के दौरा रविवाार देर रात हवलदार नरेश कुमार ने अंतिम सांस ली।
महाराजपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पंचनामा तैयार किया और नियमानुसार वैधानिक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश स्थित मृतक हवलदार के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है।

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

MP के 6 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट, अगले 4 दिन तेज बारिश की चेतावनी

ग्वालियर. मध्य प्रदेश में स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम एक्टिव है, इस वजह से प्रदेश में फिर से तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। रविवार को पूर्वी हिस्से में तेज बारिश हुई जबकि सोमवार को 6 जिलों में हैवी रेल यानी भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार अगले 24 घंटे में उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश होने का अनुमान है।
वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजग, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बडवानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाडा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी और निवाडी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश जारी रहेगी।
प्रदेश में यह सिस्टम एक्टिव
मौसम वैज्ञानिक अरूण शर्मा ने बताया कि प्रदेश से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। वहीं लो प्रेशर एरिया और डिप्रेशन भी एक्टिव है। आने वाले दिनों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। इस वजह से 27 से 30 जुलाई के बीच भारी और अति भारी बारिश का अलर्ट है।

 

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

1 अगस्त से बदलेगा तत्काल टिकट का नियम, चालू होगा टोकन सिस्टम

भोपाल. तत्काल टिकट व्यवस्था के नियम 1 अगस्त से बदलने जा रहे है। एमपी के भोपाल रेल मंडल के भोपाल, रानी कमलापति सहित सभी रेलवे स्टेशन पर तत्काल टिकट दलालों की पहुंच से दूर करने के लिए टोकन सिस्टम प्रणाली लागू की जा रही है। तत्काल आरक्षण प्रक्रिया के दौरान यात्रियों को टोकन वितरण किए जाएंगे। आरक्षण केंद्रों पर अनाधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश बंद करने के लिए खुद का टिकट एवं परिजनों का टिकट लेने आने वालों की पहचान की जाएगी। ऐसा कोई भी व्यक्ति जिसकी पहचान स्थापित नहीं होगी उसे 1 अगस्त से तत्काल टिकट वितरण व्यवस्था के वक्त टिकट खिडकी के आसपास भी फटकने नहीं दिया जाएगा।
ये व्यस्था अभी ऑफ लाइन टिकटों के लिए लागू की जा रही है। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत एसी श्रेणी के तत्काल टिकट के लिए प्रातः 8.30 बजे से 9.00 बजे तक तथा नॉन-एसी श्रेणी के लिए सुबह 9.00 बजे से 9.30 बजे तक टोकन बांटे जाएंगे। प्रत्येक काउंटर पर एसी श्रेणी के लिए अधिकतम 10 तथा नॉन-एसी के लिए 15 टोकन दिए जाएंगे।
भीड के अनुसार स्थानीय अधिकारी इसकी संख्या में बदलाव कर सकते है। टोकनों का आवंटन प्राथमिकता के आधार पर क्रमबद्ध होगा। पहले प्राथमिकता ए श्रेणी के सभी यात्रियों का काम पूरा होने के बाद ही प्राथमिकता बी के आवेदकों को अवसर दिया जाएगा। टोकन गैर-हस्तांतरणीय होंगे और प्रत्येक टोकन का विवरण रजिस्टर में दर्ज होगा।

 

 

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

ग्वालियर में बनेगी प्रदेश की दूसरी एलिवेटेड फ्लाईओवर रोटरी, 311 करोड़ की योजना

ग्वालियर. बारादरी चौराहा पर प्रस्तावित एलिवेटेड फ्लाईओवर रोटरी की फिजिबिलिटी जांचने के लिए अब इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मुंबई की टीम बहुत जल्द सर्वे करने ग्वालियर आएगी। इस रोटरी के निर्माण के लिए किसी विशेषज्ञ संस्था से सर्वे कराने के निर्देश लोक निर्माण विभाग के भोपाल स्थित मुख्यालय से दिए गए थे जिसके बाद स्थानीय अधिकारियों ने आईआईटी मुंबई के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट से संपर्क किया। डिपार्टमेंट के दो प्रोफेसरों डॉक्टर धर्मवीर सिंह और डॉक्टर अविजीत माजी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुडकर इस सर्वे के लिए मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत कुम्हरपुरा से लेकर एमएच चौराहा और सात नंबर चौराहा से हुरावली तक दो फ्लाइओवर भी तैयार किए जाएंगे।
जिला सडक सुरक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया
इसे जोडने के लिए बारादरी पर फ्लाईओवर रोटरी तैयार की जाएगी। ये प्रदेश की दूसरी फ्लाईओवर रोटरी होगी। इससे पहले जबलपुर में प्रदेश की पहली फ्लाईओवर रोटरी बनी हुई है। ये रोटरी मदन महल से दमोह नाका तक तैयार हुई है। अब ग्वालियर में प्रदेश की दूसरी एलिवेटेड फ्लाईओवर रोटरी के निर्माण की दिशा में एक कदम और आगे बढाया गया है। बीते दिनों सांसद भारत सिंह कुशवाह ने इस फ्लाईओवर के लिए केंद्रीय सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। जिला सडक सुरक्षा समिति की बैठक में इस फ्लाईओवर के निर्माण का निर्णय लिया गया था।
इस रोटरी फ्लाईओवर निर्माण से मुरार क्षेत्र को जाम से मुक्ति मिलेगी
इस एलिवेटेड रोटरी फ्लाईओवर के निर्माण में 311.75 करोड रुपये की लागत आने की संभावना है और इसकी हर दिशा से कुल लंबाई 4.6 किमी होगी। इस रोटरी फ्लाईओवर के निर्माण से मुरार क्षेत्र को जाम से मुक्ति मिल सकेगी क्योंकि ट्रैफिक मुख्य मार्ग पर चलने के साथ ही जमीन से ऊपर भी चल सकेगा। इसकी शुरूआत कुम्हरपुरा इलाके से होगी और बारादरी चौराहे के ऊपर एलिवेटेड रोटरी तैयार की जाएगी। ऐसे में जिस वाहन चालक को 7 नंबर चौराहा या हुरावली की ओर जाना है तो वह आराम से ऊपर से ही निकल सकेगा।
इस फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को सीएम मॉनिट में भी शामिल किया
इस प्रस्तावित रोटरी फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को सीएम मॉनिट के कार्यों में भी शामिल किया गया। सीएम मॉनिट मुख्यमंत्री कार्यालय की प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट होते है जिन्हें सीधे राज्य शासन से मंजूरी मिलती है। सीएम मॉनिट में शामिल होने के बाद अब भोपाल से पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग के पास एक पत्र आया था। इसमें रोटरी फ्लाईओवर के निर्माण का विस्तृत प्लान मांगा गया है। इस विस्तृत प्लान के आधार पर प्रोजेक्ट को स्वीकृत करने और बजट जारी करने जैसी आगामी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना बन गई थी। प्लान सबमिट होने के बाद एक बार आईआईटी जैसी संस्था से सर्वे कराने के निर्देश थे जिसके बाद आईआईटी मुंबई से संपर्क किया गया। हालांकि आईआईटी मुंबई ने सर्वे व डीपीआर तैयार करने के लिए 25 लाख रुपये के शुल्का की मांग की है।
अभी तक ये प्लान तैयार किया गया
पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग के अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए प्लान के अनुसार कुम्हरपुरा से एमएच चौराहा और सात नंबर चौराहा से हुरावली तक फ्लाईओवर के साथ ही बारादरी चौराहा के ऊपर एलिवेटेड रोटरी तैयार की जाएगी। इसकी कुल चौडाई 12.50 मीटर होगी जिसमें 5.50-5.50 मीटर की दो लेन में ट्रैफिक का संचालन होगा। बाकी डेढ मीटर में डिवाइडर व फुटपाथ की व्यवस्था होगी। इसमें सिविल वर्क के 230 करोड रुपये, कंटिनजेंसी के रूप में 6.9 करोड रुपये, क्वालिटी कंट्रोल चार्ज के रूप में 2.3 करोड के अलावा जीएसटी, पोल शिफ्टिंग आदि मिलाकर 311.75 करोड रुपये खर्च होंगे।

मुख्यालय से निर्देश मिले थे कि फिजिबिलिटी सर्वे के लिए आईआईटी जैसी विशेषज्ञ संस्था को आमंत्रित किया जाए। पिछले दिनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आईआईटी मुंबई की टीम ने सर्वे के लिए सहमति दे दी है।– जोगिंदर यादव, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग

 

 

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान,धर्मेंद्र प्रधान ने Protest के पहले ही दिन इस्तीफे का प्रस्ताव दे दिया था

इंदौर. भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन शुरू होने के पहले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान ने अपना त्यागपत्र देने का प्रस्ताव पार्टी के सामने रख दिया था। उस समय भाजपा ने इसे स्वीकार नहीं किया, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदलने पर पार्टी ने त्यागपत्र का निर्णय लिया। इसके बाद प्रधान ने बिना किसी देरी के पद छोड़ दिया। विजयवर्गीय ने इसे एक अनुशासित भाजपा कार्यकर्ता की पहचान बताया।
छात्र आंदोलन के माध्यम से देश में हिंसा फैलाने का प्रयास
रविवार को इंदौर में पौधरोपण अभियान की शुरुआत के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का त्यागपत्र उन ताकतों की साजिश को विफल करने वाला कदम साबित हुआ, जो छात्र आंदोलन के माध्यम से देश में अस्थिरता और हिंसा फैलाने का प्रयास कर रही थीं। उन्होंने दावा किया कि कुछ विदेशी ताकतें भारत को बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी स्थिति में धकेलना चाहती थीं, लेकिन त्यागपत्र के फैसले ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
विपक्षी दल की कोई भूमिका नहीं
कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद विपक्ष निराश और हताश था तथा उसे छात्र आंदोलन में राजनीतिक अवसर दिखाई दिया। उनके अनुसार, छात्र आंदोलन में कांग्रेस सहित किसी भी विपक्षी दल की कोई भूमिका नहीं थी। विपक्ष के नेता केवल राजनीतिक कारणों से छात्रों के पीछे खड़े हो गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि पड़ोसी के घर बच्चा पैदा हो जाए और कांग्रेस ढोल बजाने लगे, तो उसमें उसकी कोई भूमिका नहीं हो जाती।

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

दतिया उपचुनाव में चुनाव आयोग के निर्देश पर 14 पुलिस अफसरों के तबादले, 6 थानों के प्रभारी हटाए

भोपाल. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने दतिया जिले सहित चंबल-ग्वालियर अंचल में पदस्थ 14 निरीक्षक एवं उप निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पदों से हटाकर नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई उपचुनाव के दौरान निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।


कुछ अधिकारियों को दतिया के थानों में जिम्मेदारी सौंपी
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि भारत निर्वाचन आयोग के 26 जुलाई के पत्र के अनुपालन में इन अधिकारियों को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक नई इकाइयों में पदस्थ किया गया है। इनमें कई थाना प्रभारियों को पुलिस मुख्यालय भोपाल अटैच किया गया है, जबकि कुछ अधिकारियों को दतिया जिले के विभिन्न थानों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दतिया विधानसभा क्षेत्र से इन पुलिस अफसरों को हटाया
थाना प्रभारी अज़ाक – निरीक्षक केहरी परिहार
थाना सिविल लाइन – उप निरीक्षक अमित ओसारे
थाना बड़ौनी – उप निरीक्षक नीरज कुमार
थाना प्रभारी जिगना – उप निरीक्षक रचना माहौर
थाना गोराघाट – उप निरीक्षक अर्चना पाल
थाना प्रभारी धीरपुरा – उप निरीक्षक भूपेन्द्र सिंह जाट

hacklink satın al grandpashabet grandpashabet grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet grandpashabet güncel giriş grandpashabet grandpashabet güncel grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet giriş grandpashabet grandpashabet grandpashabet grandpashabet holiganbet giriş holiganbet matbet holiganbet sahabet onwin bets10 bets10 giriş bets10 güncel giriş betcio atlasbet bets10 bets10 giriş safirbet safirbet safirbet giriş safirbet güncel giriş tarafbet betnano meritbet mariobet markajjbet queenbet betcio atlasbet tarafbet mariobet mariobet betpark betpark casibom casibom casibom giriş casibom casibom giriş vaycasino holiganbet grandpashabet casibom ibizabet grandpashabet giriş cashwin grandpashabet betgit giriş casibom giriş grandpashabet giriş grandpashabet kalitebet kalitebet giris betsmove Betsmove giris Royalbet Royalbet giriş Royalbet güncel Royalbet casibom casibom giriş meritking meritking giriş