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पूर्व CM फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग की कोशिश, सुरक्षाकर्मियों ने बचाया

जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार देर शाम फायरिंग की कोशिश की गई है। अधिकारियों के मुताबिक अब्दुल्ला ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी समारोह में पहुंचे थे। उनके साथ जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी भी मौजूद थे। घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि जब फारूक अब्दुल्ला शादी से जा रहे थे तभी हमलावर कमल सिंह जम्वाल ने पीछे से आकर अब्दुल्ला पर गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बचा लिया और हमलावर को पकड़ लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमले के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।


फारूक अब्दुल्ला और सुरिंदर चौधरी सुरक्षित
अधिकारियों ने बताया कि फारूक अब्दुल्ला और सुरिंदर चौधरी सुरक्षित हैं। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद डिप्टी मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा-पुलिस से पूछना चाहिए कि रॉयल पार्क में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई। वहां लोकल पुलिस से कोई नहीं था। यह बहुत बड़ी सिक्योरिटी चूक है।

 

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रूस से 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदेगा भारत, रिलायंस-IOC ने बुकिंग की

नई दिल्ली. ईरान-इजराइल में जारी जंग के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज रूट बंद हो गया है। ऐसे में कच्चे तेल की सप्लाई बंद होने के बाद भारत करीब 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल रूस से खरीदेगा। यह दावा ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों ने रूस से तेल के एग्रीमेंट किए हैं। हाल ही में अमेरिका ने समुद्र में फंसे रूसी तेल के शिपमेंट्स खरीदने के लिए भारत को 30 दिन (3 अप्रैल तक) की छूट देने का दावा किया था। हालांकि, इस पर भारतीय अधिकारी कह चुके हैं कि भारत तेल खरीदने के लिए किसी भी देश की इजाजत पर निर्भर नहीं है।
एशियाई समुद्री सीमा में फंसा तेल खरीदा
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ के जरिए होने वाली तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। ऐसे में भारतीय रिफाइनर्स ने उन रूसी जहाजों को सुरक्षित किया है जो पहले से ही एशियाई समुद्र में मौजूद थे, लेकिन उन्हें खरीदार नहीं मिल रहे थे। ट्रेडर्स का कहना है कि इंडियन ऑयल ने करीब 1 करोड़ बैरल और रिलायंस ने भी कम से कम 1 करोड़ बैरल तेल खरीदा है। बाकी बचा हुआ तेल अन्य भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों ने लिया है।
रास्ते में ही जहाजों ने भारत की ओर मोड़ा रुख
शिपिंग डेटा से पता चला है कि रूसी जहाज ‘मायलो’ और ‘सारा’ जैसे कई बड़े तेल टैंकर, जो पहले सिंगापुर की ओर जा रहे थे, उन्होंने अब भारत के बंदरगाहों की तरफ अपना रास्ता मोड़ लिया है। अमेरिकी छूट मिलने के तुरंत बाद इन जहाजों के डेस्टीनेशन बदल दिए गए। रूस ने इस बार यूराल्स और वरान्डे जैसे ग्रेड का तेल ऑफर किया है।

 

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मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में 20 प्रतिशत होटल बंद

नई दिल्ली. ईरान अमेरिका औ इजराइल के बीच बढते युद्ध का असर अब पूरी दुनिया पर दिखाई देने लगा है। खाडी क्षेत्र में जारी संघर्ष से वैशिवक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर भारत पर भी पड रहा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में एलपीजी गैस की कमी महसूस होने लगी है।
युद्ध के कारण अंताष्ट्रीय सप्लाई चेन में भारी बाधा आई है। इसका असर भारत में एलपीजी की उपलब्धता पर पडा है। मुंबई के साथ-साथ पुणे औ नागपुर जैसे बडे शहरों में भी कमर्शियल सिलेंडर की भारी किल्लत देखी जा रही है। तेल कंपनियों ने फिलहाल 19 किलो और 5 किलो वाले कमर्शियल सिलेंड की भारी किल्लत देखी जा रही है। तेल कंपनियों ने फिलहाल 19 किलो और 5 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई सीमित कर दी है। इसके कारण होटल, ढाबे और छोटे फूड व्यवसायों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। गैस वितरा को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 25 दिन पहले बुकिंग का नया नियम लागू किया है। इससे जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने में भी मदद होगी।
मुंबई के होटलों पर ताले
गैस की भारी कमी के कारण मुंबई का होटल उद्योग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। आहार (एसोसिएशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट) के अनुसार आपूर्ति न होने की वजह से शहर के लगभग 20 प्रतशित होटल फिलहाल बंद कर दिए गए है। स्थिति इतनी गंभी है कि अगर अगले तीन दिनों तक गैस की किल्लत जारी रही तो मुंबई के 50 प्रतिशत होटलों में कामकाज ठप हो सकता है। कमर्शियल गैस सिलिंडरों की अनुपलब्धता ने रेस्टोरेंट मालिकों के सामने बडा संकट खडा कर दिया है।
महाराष्ट्र के उद्योगों पर संकट
इस अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर केवल मुंबई तक सीमित नहीं है, बल्कि नासिक के औद्योगिक क्षेत्रों में भी दिखने लगा है। नासिक की अंबड और सातपुर एमआईडीसी में गैस की कमी के कारण कई उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। अनुमान है कि गैस आपूर्ति बाधित होने से लगभग 1200 छोटे और बड़े उद्योगों पर सीधा असर पड़ेगा।

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कच्चा तेल 9% सस्ता होकर 88 डॉलर पर आया

नई दिल्ली. शेयर बाजार में आज यानी 10 मार्च को तेजी है, सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 78100 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 200 अंक की तेजी है। ये 24200 पर कारोबार कर रहा है। आज बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी शेयर्स में ज्यादा बढत है।
कच्चा तेल 89 डॉलर पर आया
ग्लोबल माकेट में कच्चे तेल की कीमतों में आज यानी मंलगवार को 10 मार्च बडी गिरावट देखने को मिली है। एशिया में शुरूआती कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमतें करीब 8.5 प्रतिशत गिरकर 92.50 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। इससे पहले कल ये 115 डॉलर के पास चला गया था।
वहीं अमेरिकी तेल भी करीब 9 प्रतिशत टूटकर 88.60 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। तेल की कीमतों में यह कमी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने जंग जल्द खत्म होने की बात कही थी।
चांदी 8000 हजार और सौना 1500 रुपए महंगा
सोने और चांदी के दामों में आज बढत है। वायदा बाजार यानी एमसीएक्स पर 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1500 रुपए बढक 1.62 लाख पर पहुंच गया है। वहीं एक किलो चांदी 8000 रुपए बढकर 2.75 लाख रुए पर कारोबार कर रही है।

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ईरान-इजरायल युद्ध में पाकिस्तान का निकल गया तेल, अपने ही लोगों पर थोप दिए ये नियम

नई दिल्ली. इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है जिसके चलते तेल की कीमतों में तेजी नजर आ रही है जिसके चलते पाकिस्तान समेत कई देशों ने अपने ईंधन भंडार को बाने के लिए हर संभव प्रयास किया। पाकिस्तान ने तेल को बचाने के लिए अपने ही नागरिकों पर निर्देश दिए है। दरअसल पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्वक ईंधन संकट से निपटने के लिए तेल की बचत के कई उपयों की घोषणा की।
क्या बोले पाकिस्तानी पीएम
देश को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी पीएम ने कहा कि क्षेत्रीय स्थिति और ईरान और इजरायल युद्ध ने हमारी मुशिकल से हासिल की गई आर्थिक स्थिरता को प्रभावित किया है लेकिन सरकार आम आदमी पर बोझ पडने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत सरकार ने LPG सिलेंडर पर लिया बड़ा फैसला,कई राज्यों में गैस और ईंधन की कमी

नई दिल्ली. ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है। इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर लगातार हमले कएि जा रहे है। ईरान भी जवाबी कार्रवाई में इजरायल पर हमला कर रहा है। युद्ध के कारण गैस आयात में बाधा आने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सरकारी तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि उपलब्धर एलपीजी सिलेंडर पहले घरेलू उपभोक्ताओं को दिए जाएं उसके बाद ही व्यावसायिक उपयोग के लिए सप्लाई की जाए। इसके अलावा मंत्रालय ने सिलेंडर रिफि के इंतजार की अवधि 21 दिन से बढाकर 25 दिन कर दी है।
कुछ राज्यों में कमी की खबर
रिपोर्ट के अनुसार बिहार, महाराष्ट्र और पंजाब सहित कई राज्यों में एलपीजी और ईधन की कमी की खबरें सामने आई है। हालांकि केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन सामान्य रूप से काम कर रहे है और ईधन की कोई बडी कमी नहीं है।
मंत्रालय ने कहा एलपीजी मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं को ही दी जाए
पेट्रोलियम इमंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां यह युनिशिचत करें कि खरीदी गई एलपीजी मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं को ही दी जाए। सरकार ने देश की सभी तेल रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को भी निर्देश दिया है कि प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का इस्तेमाल दूसरे पेट्रोकेमिकल उत्पाद बनाने के बजाय केवल एलपीजी उत्पादन के लिए किया जाए।
होटल-रेस्तरां उद्योग की चिंता
दरअसल, मंत्रालय के इस आदेश के बाद होटल और रेस्तरां उद्योग भी चिंतित नजर आ रहे हैं। इसी बीच नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने चेतावनी दी है कि अगर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बाधित हुई तो कई रेस्तरां बंद हो सकते हैं। वहीं बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने भी कहा कि गैस की कमी के कारण शहर के कई रेस्तरां बुधवार से संचालन नहीं कर पाएंगे।
इसके बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि गैर-घरेलू उपयोग के लिए आयातित एलपीजी अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी क्षेत्रों को दी जाएगी। होटल और रेस्तरां की मांग की समीक्षा के लिए तीन तेल कंपनियों के निदेशकों की एक समिति बनाई गई है।

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इलेक्ट्रिसिटी बिल की टेंशन खत्म, IISER की स्मार्ट तकनीक से आप खुद तय करेंगे कितनी चाहिए बिजली

भोपाल. आने वाले समय में इमारतों में बिजली की खपत को नियंत्रित करना और भी आसान हो सकता है। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) की नई स्मार्ट टेक्नोलॉजी की मदद से अब यह पता लगाया जा सकेगा कि किस भवन में कितने लोग मौजूद हैं और उसी हिसाब से बिजली का उपयोग किया जा सकेगा। इससे ऊर्जा की बचत के साथ भवन प्रबंधन भी बेहतर होगा। यह रिसर्च आइसर के एसोसिएट प्रोफेसर हारून आर लोन द्वारा की गई है।
कम लागत वाले थर्मल कैमरों का होता है उपयोग
इस तकनीक में कम लागत वाले थर्मल कैमरों का उपयोग किया जाता है। ये कैमरे कमरे या हॉल में मौजूद लोगों की संख्या का अंदाजा लगा लेते हैं। इसके बाद एक विशेष कंप्यूटर एल्गोरिद्म उस जानकारी के आधार पर अनुमान लगाता है कि भवन में कितनी बिजली की जरूरत होगी।
सीमित डेटा, सटीक अनुमान
तकनीक की एक और खास बात यह है कि यह सीमित डेटा के आधार पर भी ऊर्जा की खपत का सटीक अनुमान लगाने में सक्षम है। इससे बड़ी इमारतों, ऑफिस, मॉल और संस्थानों में बिजली की अनावश्यक खपत को कम किया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्मार्ट तकनीक से ऊर्जा की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। भविष्य में स्मार्ट सिटी और ग्रीन बिल्डिंग्स में इस तरह की तकनीकों का उपयोग तेजी से बढ़ने की संभावना है।
हर समय नजर रखने की जरूरत नहीं
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि बिल्डिंग मैनेजर को हर समय बिजली की खपत पर नजर रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिस्टम खुद ही यह तय कर सकेगा कि कब लाइट ज्यादा चलानी है और कब कूलिंग या एयर कंडीशनिंग कम या ज्यादा करनी है।

 

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अब होली के बाद फिर ट्रेनें फुल, जाने वाले यात्री परेशान

जबलपुर. होली पर घर पहुंचे लोगों की कार्यस्थल की ओर वापसी का दौर जारी है। त्योहार के बाद रविवार को सप्ताहांत पर जबलपुर से जाने वाली लगभग सभी प्रमुख ट्रेनें फुल रही। दिल्ली, इंदौर, जयपुर, अहमदाबाद जैसे शहरों के लिए जाने वाली ट्रेनों में अभी पांच दिनों तक कन्फर्म टिकिट उपलब्ध नहीं है। सबसे ज्यादा भार दिल्ली और इंदौर जाने वाली ट्रेन पर है। प्रमुख ट्रेनों की तत्काल टिकिट में भी लंबी प्रतीक्षा सूची बन रही है। यात्रियों की सुविधा के लिए पश्चिम मध्य रेल ने दिल्ली, दानापुर, कोटा, अयोध्या के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई है। इन ट्रेनों में स्लीपर श्रेणी की टिकिट बुक हो चुकी है। वातानुकूलित श्रेणी की कुछ टिकिट ही खाली है। वहीं, उत्तर भारत से महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के बीच चलने वाली ट्रेनें यात्रियों से खचाखच भरी हुई है।
ट्रेन में कन्फर्म टिकिट नहीं मिलने पर बसों का सहारा
मुंबई, पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरू के लिए एक सप्ताह तक नियमित ट्रेनों में सीट उपलब्ध नहीं है। ट्रेन में कन्फर्म टिकिट नहीं मिलने पर पुणे, इंदौर, हैदराबाद, अहमदाबाद के लिए यात्री बसों का सहारा ले रहे है। यात्रियों को राहत देने रेलवे लंबी दूरी की स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की भी तैयारी कर रहा है।
सुरक्षा और सतर्कता बढ़ाई, लगातार निगरानी
त्योहार के बाद घर से वापसी के बीच रविवार को आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में यात्रा जबलपुर स्टेशन पहुंचे। शहर से चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों की सवारी के चलते मुख्य स्टेशन पर यात्रियों का दबाव रहा। भीड़ को देखते हुए रेल सुरक्षा बल और शासकीय रेल पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई। आरपीएफ के साथ ही होमगार्ड के जवान स्टेशन के प्रवेश द्वार पर तैनात रहे। यात्रियों के सामान की जांच और ट्रेन के प्रस्थान करने के एक घंटे पूर्व यात्रियों को प्रवेश दिया गया। रेल प्रशासन भी सतर्क रहा। ट्रेन के समय से कई घंटे पहले पहुंचने वाले यात्रियों को होल्डिंग एरिया में ठहराया गया।

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ग्वालियर में मकान में लगी भीषण आग ने नगर निगम की फायर ब्रिगेड की पोल खोल दी,फटे पाइप वाली फायर-ब्रिगेड के कारण जल्दी नहीं बुझी आग, सड़कों पर बहता रहा पानी

ग्वालियर. कोतवाली थाना क्षेत्र के महाराज बाड़ा स्थित बालाबाई बाजार में रविवार शाम एक व्यापारी के मकान में लगी भीषण आग ने नगर निगम की फायर ब्रिगेड व्यवस्था की पोल खोल दी। आग से ज्यादा पानी सड़कों पर बहता रहा और फटे पाइप व खराब उपकरणों के कारण आग बुझाने में 7 घंटे से ज्यादा का समय लग गया। इस हादसे में एक महिला की दम घुटने से मौत हो गई।

फायर ब्रिग्रेड की गाड़ियों के पाइप से लगातार पानी बहता रहा। - Dainik Bhaskar
धुएं के कारण अंकिता अग्रवाल का दम घुट गया
रविवार शाम करीब 4 बजे व्यापारी परिवार के मकान में अचानक आग लग गई। कुछ ही मिनटों में लपटों ने पूरे मकान को घेर लिया। उस समय घर के अंदर परिवार के छह लोग मौजूद थे। दमकलकर्मियों ने खिड़कियां तोड़कर पांच लोगों को बाहर निकाला, लेकिन धुएं के कारण अंकिता अग्रवाल का दम घुट गया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही उनके पिता अशोक अग्रवाल को हार्ट अटैक आ गया। उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस्तेमाल किए जा रहे पाइप कई जगह से फटे हुए थे
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तो पहुंच गईं, लेकिन आग बुझाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पाइप कई जगह से फटे हुए थे। पानी का बड़ा हिस्सा आग तक पहुंचने से पहले ही सड़क पर बहता रहा।
स्थानीय लोगों को पत्थर रखकर पाइप के लीकेज को बंद करना पड़ा
हालत यह थी कि स्थानीय लोगों को ही ईंट-पत्थर रखकर पाइप के लीकेज को बंद करने की कोशिश करनी पड़ी। कई गाड़ियों में पानी का प्रेशर भी नहीं बन पा रहा था, जिससे आग पर काबू पाने में लगातार देरी होती गई।

 

 

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MP में 8 हजार जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर

भोपाल. मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत करीब 8 हजार रेजिडेंट डॉक्टर सोमवार से हडताल पर जा सकते है। लंबित स्टाइपेंड संशोधन लागू नहीं होने के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने रविवार को प्रदेशभर के अलग अलग मेडिकल कॉलेजों में जस्टिस मार्च निकाला। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो सोमवार से OPD  सेवाएं नहीं देंगे। ऑपरेशन थिएटर में भी केवल अति गंभीर मरीजों का ही इलाज किया जाएगा। इससे हर्निया, रॉड इंप्लांट जैसे सामान्य ऑपरेशन के लिए मरीजों को इंतजार करना पड सकता है।


प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेज में रैली निकाली
विरोध के अगले चरण में रविवार को प्रदेश के विभिन्न शासकीय मेडिकल कॉलेज परिसरों में जस्टिस मार्च रैली निकाली। राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में दोपहर करीब 12 बजे सभी रेजिडेंट डॉक्टर एडमिन ब्लॉक पर एकत्र हुए। इसके बाद पूरे कैंपस और आसपास के इलाकों में रैली निकालकर नारेबाजी की गई। डॉक्टरों ने कहा कि यह मार्च शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया और सरकार से जल्द मांगें पूरी कने का अनुरोध किया गया है ताकि आंदोलन को आगे बढाने की जरूरत न पडे।

भोपाल में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने "जस्टिस मार्च" निकाला।आदेश के बावजूद लागू नहीं हुआ स्टाइपेंड संशोधन
डॉ. ब्रिजेंद्र ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन के 7 जून 2021 के आदेश के अनुसा सीबीआई आधारित स्टाइपेंड संशोधन 1 अप्रैल 2025 से लागू होना था। इसके बावजूद अब तक न तो संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया है और न ही अप्रैल 2025 से देय एरियर का भुगतान किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शासन और संबंधित विभागों को अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लयिा गया।