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NEET एग्जाम रद्द, MBBS स्टूडेंट मास्टरमाइंड, 60 लाख में हुई थी डील

नई दिल्ली. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने 3 मई को हुई नीट 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। परीक्षा की नई डेट्स जल्‍द जारी की जाएंगी। एनटीए ने कहा है कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है। बिहार में नीट परीक्षा में सॉल्वर गैंग एक्टिव थी। 60 लाख रुपए में एक सीट की डील हुई थी। एग्जाम से ठीक पहले पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा किया था। इसका मास्टरमाइंड एक एमबीबीएस स्टूडेंट था। नालंदा पुलिस ने गिरोह के 7 लोगों को गिरफ्तार किया था।


चेकिंग के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया
2 मई की रात नालंदा की पावापुरी थाना पुलिस ने गाड़ी चेकिंग के दौरान दो लग्जरी गाड़ियों (स्कॉर्पियो-एन और ब्रेजा) से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें मुख्य आरोपी विम्स मेडिकल कॉलेज का एमबीबीएस छात्र अवधेश कुमार है। उसके मोबाइल की जांच में कई अहम सुराग मिले, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। नीट परीक्षा में सॉल्वर बैठाकर पास कराने वाले संगठित गिरोह के 7 लोग अरेस्ट हुए थे। इस मामले में पहले गिरफ्तार सरगना की निशानदेही पर पुलिस ने मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में छापेमारी कर 4 और आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब तक इस मामले में कुल 7 बदमाशों को पकड़कर जेल भेजा जा चुका है।

गैंग से पुलिस को मोबाइल फोन और कुछ कैंडिडेट्स की आईडी मिली थी।
परीक्षा पास कराने के लिए एक कैंडिडेट से 50 से 60 लाख वसूलता था
पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह नीट परीक्षा पास कराने के लिए एक कैंडिडेट से 50 से 60 लाख रुपए तक वसूलता था। इसमें से 1.5 से 2 लाख रुपए एडवांस के तौर पर पहले ही ले लिए जाते थे। इसके बाद परीक्षा केंद्र पर असली कैंडिडेट की जगह सॉल्वर बिठाने की तैयारी की जाती थी।
मुजफ्फरपुर समेत अलग-अलग जिलों में छापेमारी
मास्टरमाइंड की निशानदेही पर पुलिस ने औरंगाबाद, जमुई और मुजफ्फरपुर समेत अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर 4 और आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये सभी परीक्षा में सॉल्वर बिठाने वाले थे, लेकिन मुख्य आरोपी के गिरफ्तार होने से पूरे गिरोह के मनसूबे पर पानी फिर गया।
डॉक्टर का बेटा समेत 4 गिरफ्तार
पुलिस ने जिन 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, उनमें सीतामढ़ी के डॉ. नरेश कुमार दास का बेटा हर्षराज, मुजफ्फरपुर का मनोज कुमार शामिल है। इसके अलावा बोचहां के गौरव कुमार और हथौरी थाना क्षेत्र के सुभाष कुमार को अरेस्ट किया गया था। चारों को गिरफ्तार कर जेल में भेज दिया गया है।

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आज शाम को मोहन कैबिनेट की अहम बैठक, होने वाले हैं बड़े फैसले

भोपाल. मध्यप्रदेश में आज मंत्रि परिषद की बैठक आहूत की गई है। बैठक सोमवार शाम को होगी। सब कुछ ठीक रहा तो कैबिनेट की इस बैठक में मप्र के मंत्रियों की स्वेच्छानुदान राशि बढ़ाने का निर्णय लिया जा सकता है। कैबिनेट मीटिंग में कर्मचारियों के लिए तबादला नीति भी लाई जा सकती है क्योंकि पिछली कैबिनेट बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों से नीति के बारे में न केवल पूछा था बल्कि अगली बैठक में इसे लाने के निर्देश भी दिए थे। सोमवार शाम तक ड्राफ़्ट फाइनल होने पर तबादला नीति को बैठक में शामिल किया जा सकता है। सीएम मोहन यादव का मंगलवार को असम का दौरा प्रस्तावित है इसलिए एक दिन पहले ही कैबिनेट मीटिंग बुला ली गई है।
अगली कैबिनेट में आ सकती है तबादला नीति
प्रदेश में कर्मचारियों, अधिकारियों के तबादलों पर लगी पाबंदी एक महीने के लिए हट सकती है। 15 मई से तबादले किए जा सकते हैं। इसके लिए तबादला नीति 2026 लागू की जानी है। बताया जा रहा है सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इसका प्रस्ताव तैयार कराया जा चुका है। तबादला नीति प्रदेश के सभी विभागों पर लागू होगी। स्कूल शिक्षा विभाग के लिए अलग से पॉलिसी बनाई जा रही है। कर्मचारियों, अधिकारियों के ट्रांसफर के संबंध में सीएम मोहन यादव बेहद सतर्क हैं। 6 मई को हुई कैबिनेट की बैठक में उन्होंने अधिकारियों से तबादला नीति जल्द लाने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इतना ही नहीं, सीएम मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को विभागीय व प्रभारी मंत्रियों के रूप में कर्मचारियों, अधिकारियों के तबादला न्यायोचित तरीके से करने को भी कहा था।
25 लाख हो सकती है मंत्रियों के लिए स्वेच्छानुदान राशि
इधर राज्य सरकार अपने मंत्रियों के प्रभाव में भी इजाफा कर रही है। इसके लिए उनकी स्वेच्छानुदान राशि बढ़ाने का प्रस्ताव है। राज्य सरकार प्रदेश में मंत्रियों की स्वेच्छानुदान राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपए तक करने जा रही है जोकि अभी 18 लाख रुपए है।

 

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MP में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी कर रहे लोगों को झटका, हजारों नेता अयोग्य घोषित

भोपाल. राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव लडने के नियमों का पालन नहीं करने पर 2022 का चुनाव लड चुके 3500 अभ्यर्थियों को आगामी 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। आयोग की ओर से ये कार्रवाई लगातार सुनवाई के बाद की गई है। ये वे प्रत्याशी है जो चुनव खर्च का सही ब्यौरा पेश नहीं कर पाए है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने अक्टूबर से नवंबर 2026 में प्रस्तावित उपचुनाव के साथ साल 2027 में होने वाले पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दी है। 2022 के चुनाव मे जिन अभ्यर्थियों ने निर्धारित 30 दिन की अवधि में निर्वाचन व्यय का ब्योरा नहीं दिया था उन्हें सुनवाई का अंतिम अवसर दिया जा रहा है। इसके लिए उन्हें आयोग के भोपाल स्थित कार्यालय आने की जरूरत भी नहीं है।
कुछ लोगों को 2 साल तो कुछ को 5 साल का प्रतिबंध लगाया
आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने संबंधित अभ्यर्थी के जिला मुख्यालय स्थित राष्ट्रीय सूचना केंद्र से जुडकर पक्ष रखने की व्यवस्था की है। हर गुरूवार सुनवाई के लिए डेढ घंटे निर्धारित किए है। अब तक करीब 3500 अभ्यर्थियों के मामलों का निराकरण कर उन्हें अयोग्य घोषित किया गया है। इसमें कुछ लोगों को 2 साल तो कुछ को 5 साल के लिए चुनाव लडने से प्रतिबंधित किया गया है। यानी इस हिसाब से ये सभी 2027 के जून से जुलाई में होने वाले निकाय चुनाव तक अयोग्यता अवधि पूरी नहीं कर पाएंगे, इसलिए ये चुनाव भी नहीं लड सकेंगे।
खर्च का हिसाब न देने वाले अयोग्य घोषित
यही नहीं, जिन नेताओं को 5 साल के लिए अयोग्य घोषित किया गया है, वो 2031 तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। नियम के मुताबिक, चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों में हर प्रत्याशी को अपने चुनावी खर्च का पाई-पाई का ब्यौरा देना जरूरी होता है। लेकिन, आयोग की जांच में सामने आया कि, इन 3500 अभ्यर्थियों ने या तो खर्च का हिसाब दिया और ना ही ऐसी जानकारी दी, जिसे पूरा और संतोषजनक माना जाए। आयोग ने इन सभी को व्यक्तिगत सुनवाई का मौका भी दिया, लेकिन साक्ष्य पेश न कर पाने के चलते उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया।

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MP बीजेपी में मलाईदार पदों के लिए बढ़ी खींचातानी, निगम-मंडल, प्राधिकरण, बोर्ड और समितियां अटकीं

भोपाल. मध्य प्रदेश में राजनीतिक नयिुक्तियों को लेकर बीजेपी में अंदरूनी खींचतान शुरू हो गई है। इसके कारण 31 से ज्यादा निगम मंडलों, बोर्डों, आयोगों और विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियां अटक गई है। इनमें से कुछ निगम मंडल, विकास प्राधिकरण को काफी मलाईदार माना जाता रहा है। भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद के लिए कई दावेदारों के बीच पूर्व से चल रहा चेतन सिंह का नाम फिलहाल अटक गया है। कुछ मंत्री और विधायक चाहते है कि इस पद पर उनके गुट के व्यक्ति की ताजपोशी हो ताकि भविष्य मे इसका फायदा अपने क्षेत्रों में अधोसंरचनात्मक विकास के रूप में लिया जा सके।
प्रदेश में 31 पदोें पर नियुक्तियां बाकी
नीति एवं योजना आयोग, सामान्य निर्धन कल्याण आयोग, पिछडा वर्ग कल्याण आयोग, गोपालन एवं पशु संवर्धन बोर्ड, खनिज विकास निगम, पंजाबी साहित्य अकादमी, सिंधी साहित्य अकादमी, कौशल विकास एवं रोजगार बोर्ड, स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कार्पोरेशन, ऊर्जा विकास निगम, हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम, बीच एवं फार्म विकास निगम, पिछडा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम, कृषि विपणन बोर्ड, पर्यटन बोर्ड, महिला वित्त एवं विकास निगम, राज्य सहकारी अनुसिचत जाति वित्त विकास निगम, माटीकला बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम, सफाई कर्मचारी आयोग, कृषक आयोग, वरिष्ठ नागरिक कल्याण आयोग, शिल्फी मंडल, समाज कल्याण बोर्ड, असंगठित कामगार बोर्ड, मदरसा बोर्ड, भारिया विकास प्राधिकरण, कोल जनजाति विकास प्राधिकरण, कटनी विकास प्राधिकरण, महाकौशल विकास प्राधिकरण, बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण में नियुक्तियां बाकी है।
जनता पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
प्रदेश में हो रही राजनीतिक नियुक्तियों का जनता को कितना फायदा होगा, यह तो भविष्य में ही पता चल पाएगा, लेकिन आर्थिक रूप से सरकार पर बोझ आना शुरू हो गया है। अध्यक्ष, उपाध्यक्षों के लिए कार्यालयों में जमावट, वाहनों का प्रबंध और कर्मचारियों की मांग बढऩे लगी है। एक पूर्व अध्यक्ष ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक महीने में एक अध्यक्ष, उसके लिए वाहन, ड्राइवर, कार्यालय व स्टॉफ का खर्च मिलाकर 3 से 5 लाख रुपए खर्च होंगे। उक्त खर्च का कांटा शुरू हो चुका है।
इन्हें दोबारा मौका
अब तक हो चुकी राजनीतिक नियुक्तियों में कुछ लोग ऐसे भी है जो पूर्व में भी पद पा चुके थे। इस बार तीर्थ एवं मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष बनाए गए विनोद गोटिया पूर्व में पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रह चुके हैं। जबकि लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष बनाए गए सत्येंद्र भूषण सिंह पहले वन विकास निगम में अध्यक्ष रहे हैं। जबकि महेंद्र सिंह यादव बीज विकास निगम में रह चुके हैं, अब उन्हें अपेक्स बैंक का प्रशासक बनाया है।

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MP में अब चलेगी लू, आंधी-बारिश का दौर थमेगा, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर में बढ़ेगा तापमान

भोपाल. मध्य प्रदेष में अब आंधी, बारिष, ओले का दौर थमेगा और तेज गर्मी पडेगी। आईएमडी मौसम केंद्र ने 12 मई से प्रदेष में लू का अलर्ट जारी किया है। रविवार से ही गर्मी असर दिखाने लगेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर व जबलपुर समेत पूरे प्रदेष में दिन का पारा 2 से 4 डिग्री तक बढ सकता है। इससे पहले षनिवार को प्रदेष में एक ट्रफ और एक साइक्लोनिक सकुर्लेषन की एक्टिविटी देखने को मिली। इस वजह से कई षहरों में बादल छाए रहे। षाम को भोपाल, बैतूल, सिवनी, पांढुर्णा, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, गुना, विदिष, राजगढ, सागर, जबलपुर, दमोह, बालाघाट, मंडला, उमरिया, षहडोल और छिंदवाडा में बारिष हुई और आंधी चली।
पहली बार मई में तेज गर्मी
प्रदेष में 3. अप्रैल से आंधी-बारिष का दौर षुरू हो गया था। लगातार 10 दिन यानी 9 मई तक प्रदेष में बारिष हुई। कभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर देखने को मिला तो कभी चक्रवात और ट्रफ का। इस वजह से समई के पहले सप्ताह में बारिष हुई। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ने बताया कि 10 मई से प्रदेष में मौसम साफ रहेगा। इससे गर्मी का असर बढने लगेगा। 12 से 13 मई को पष्चिमी हिस्से के कुछ जिलों में लू का अलर्ट भी किया है।

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ग्वालियर में पानी की टंकी से मिला सांप, 19000 लोग पी रहे थे मरे हुए सांप का पानी

ग्वालियर. नगर निगम की लापरवाही का मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक 10 के घासमंडी मिर्जापुर मस्जिद इलाके की पानी की टंकी में मरा हुआ सांप मिला। इस टंकी से करीब 19 हजार लोगों को पानी की सप्लाई होती है जो पिछले कई दिनों से इसी पानी का उपयोग कर रहे थे। रहवासियों का आरोप है कि पानी की टंकी की लंबे समय से साफ-सफाई नहीं की गई थी जिसके कारण टंकी के अंदर गंदगी जमा हो गई और उसमें मरा हुआ सांप मिला।


एक युवक ने लकडी की मदद से मरा हुआ सांप बाहर निकाला
लेगों का कहना है कि निगम की लापरवाही के चलते वे दूषित पानी पीने को मजबूर हो रहे थे जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। घटना का एक वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर सामने आया जिसमें एक युवक लकडी की मदद से टंकी के अंदर से मरा हुआ सांप बाहर निकालता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि घटना शनिवार की है।

टंकी से युवक ने मरा हुआ सांप निकाला।
अधिकारी समास्या को नजर अंदाज कर रहे
घटना के बाद भी नगर निगम अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के बाद भी अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे है और समस्या को नजर अंदाज किया जा रहा है।

क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रषासन से टंकी की तत्काल सफाई और पानी की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है साथ है, साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग उठाई है।

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ग्वालियर में IPL सीजन में रोज 10 करोड़ तक का सट्टा, ऑनलाइन सट्टे की बड़ी मंडी का चौंकाने वाला सच

ग्वालियर. सरकार द्वारा 4800 सट्टा और ऑनलाइन कैसीनो साइटों और ऐप्स को बंद करने के बादवजूद ग्वालियर में ऑनलाइन सट्टे का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। डिजिटल दांव का यह धंधा अब उद्योग का रूप ले चुका है। लोकल लिंक ब्लॉक होने पर सटोरिए सरहद पार दुबई और हांगकांग के नेटवर्क से इसका संचालन कर रहे हैं जिससे ग्वालियर भी ऑनलाइन सट्टे की एक बडी मंडी बनता जा रहा है। शहर में रोज करीब 5 करोड रुपए का सट्टा लगा रहा है जो आईपीएल जैसे पीक सीजन में 10 करोड रुपए प्रतिदिन तक पहुंच जाता है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सट्टा सिंडीकेट की जडें शहर से लेकर देहात तक जीम है। आईपीएल की आड में सटोरिए लोटस 360, टाइगरएक्सच-247, 99 एक्सच. कॉल, लेजर 247. कॉम, महादेव ऐप और श्रीराम बीके जैसे ऐप्स के जरिए सट्टे का कारोबार चला रहे है। हाल ही में पिंटो पार्क और मुरार की बंशीपुरा से पकडे गए बुकी ने खुलासा किया है कि शहर में उनकी तरह सट्टा खिलाने वालों का एक बडा जाल फैला हुआ है। पहले जहां गोवा, दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई से लिंक मिलती थी वहीं अब यह धंधा सरहद पार से ऑपेट हो रहा है। वहीं लोकल सरगना कमीशन पर लिंक खरीदकर बुकी को थमा रहे है।

 

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बंगाल से लाकर MP में बेचे जा रहे थे नकली नोट, NIA और IB जांच में जुटी

भोपाल. भोपाल में नकली नोटों के साथ पकडे गए आरोपी की जांच के मामले में अब जांच एजेंसियों ने सक्रियता बढा दी है। 1.40 लाख रुपए के जाली नोटों के साथ पकडाए पश्चिम बंगाल निवासी एमबीबीएस डॉक्टर सैफुल इस्लाम को राजधानी पुलिस रिमांड पर मालदा लेकर पहुंची है। इससे पहले हुई पूछताछ में आरोपी से कई चौकाने वाले खुलासे हुए है।
पश्चिम बंगाल से लाकर नकली नोट खपाता था
शुरूआती पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिछले करीब 2 साल से पश्चिम बंगाल से लाकर नकली नोट खपाने का काम कर रहा था। नोट देने वाले आरोपी से उसका दो साल से भी ज्यादा की पहचान है। दोनों के बीच हुई मोबाइल चैट भी पुलिस को मिल गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंटेलिजेंस ब्यूरों और राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। कोहेफिजा पुलिस ने दोनों एजेंसियों से संपर्क किया था जिसके चलते आधा दर्जन अधिकारियों ने कोहेफिजा थाने पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई।
पुलिस पूछताछ में आरोपी डॉक्टर कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी है। आरोपी के अनुसार मालदा में सक्रिय कुछ लोगों के संपर्क में आकर वो नकली नोटों के कारोबार से जुडा था। हालांकि उसने अभी तक यही बताया कि 28 मार्च को पहली बार वो 2 लाख रुपए के नकली नोट लेकर भोपाल आया था। आरोपी ने नकली नोटों को कैश डिपॉजिट मशीन में जमा करने की कोशिश की थी लेकिन मशीन ने वो नोट एक्सेप्ट नहीं किए जिसके बाद से वो दुकानों और मॉल में खरीदारी करने लगा साथ ही सस्ते दाम पर जाली नोट खरीदने वालों को तलाशने लगा।

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MP में डॉक्टर से 1.40 लाख के नकली नोट बरामद, पाकिस्तान के कागज पर थी प्रिंटिंग

भोपाल. भोपाल में कोहेफिजा थाना पुलिस ने एक युवक से 500-500 के 280 नकली नोट बरामद किए है। आरोपी ने खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बताया। दरअसल सौफिया कॉलेज मैदान के पास बुधवार को संदिग्ध युवक कम कीमत पर 500 के नोट किसी को देने आया था। पुलिस ने पकडा तो नाम सैफुल इस्लाम पिता अनवर उल इस्लाम 25 निवासी अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा भोपाल बताया। जब बैग की तलाशी ली गई तो उसमें अलग-अलग सीरीज के जाली नोट मिले। एक आईफोन, एक एंड्रॉयड मोबाइल जब्त किया। युवक को कोर्ट से सात दिन की रिमांड पर लियागया है।
पुलिस को संदिग्ध ट्रांजेक्शन भी मिले
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहचान छिपाने आईफोन में यूके प्लास 44 नंबर का उपयोग कर वाट्सऐप कॉलिंग करता था। पुलिस को संदिग्ध ट्रांजेक्शन भी मिले। युवक ने स्वीकार है कि पशिचम बंगाल से नोट लाकर भोपाल सहित अन्य स्थानों पर खपाता था। यह काम तीन साल से कर रहा था।
जाली नोट नेपाल और पाकिस्तान के कागत पर छपे
हर दो से तीन माह में बंगाल से जाली नोट लाकर 300 रुपए में 500 का एक नोट देता था। सूत्रों की मानें तो इंटरनेशनल कनेक्शन सामने आया है। क्योंकि जाली नोट नेपाल और पाकिस्तान के कागज पर छपे है। शहर में बीते कुछ वर्षोें से लगातार नकली नोट अलग-अलग बैंक शाखाओं में जमा होने की सूचनाएं आई है। बैंकों ने थानों में केज दर्ज कराए। पुलिस का दावा है कि इस संबंध में गंभीरता से जांच करेंगे ताकि सही जानकारी मिल सके।

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दिल्ली पुलिस ने पकडे 9 आतंकी, आईएसआई की बडी साजिष नाकाम, मंदिरांे पर ग्रेनेड से हमले का प्लान था

नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए ‘गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0’ के तहत नौ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित ‘शाहजाद भट्टी मॉड्यूल’ दिल्ली और हरियाणा के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को दहलाने की साजिश रच रहा था।
निशाने पर थीं देश की कई जगह
इस मॉड्यूल के निशाने पर दिल्ली का एक ऐतिहासिक मंदिर, दिल्ली-सोनीपत हाईवे स्थित एक प्रसिद्ध ढाबा और हरियाणा के हिसार में स्थित एक सैन्य कैंप था। गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने दिल्ली के मंदिर की विस्तृत रेकी की थी और वहां तैनात सुरक्षा बलों (पुलिस और अर्धसैनिक बल) की तस्वीरें सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित अपने हैंडलर्स को भेजी थीं। उनकी योजना मंदिर परिसर में अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने और जवानों को निशाना बनाने की थी।
लोकप्रिय ढाबे पर हमला करने का काम सौंपा था
इसके अलावा, मॉड्यूल को दिल्ली-सोनीपत हाईवे के एक लोकप्रिय ढाबे पर ग्रेनेड हमला करने का काम सौंपा गया था। चूंकि इस ढाबे पर रोजाना हजारों यात्रियों की भीड़ रहती है, इसलिए हमलावरों का मुख्य उद्देश्य बड़े पैमाने पर जनहानि करना था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने हिसार स्थित सैन्य कैंप और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों के वीडियो बनाकर सीमा पार भेजे थे।
कुछ पुलिस थानों की रेकी की
स्पेशल सेल की पूछताछ में उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिस थानों की रेकी किए जाने की बात भी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस साजिश का उद्देश्य देश की आंतरिक सुरक्षा को अस्थिर करना था। फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से सघन पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क की फंडिंग, हथियारों की सप्लाई चेन और अन्य गुप्त ठिकानों का पता लगाया जा सके। इस कार्रवाई ने राजधानी और पड़ोसी राज्यों में संभावित बड़े आतंकी हमलों को समय रहते विफल कर दिया है।