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8वें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ने की उम्मीद, फिटमेंट फैक्टर से समझें नया वेतन

नई दिल्ली. आठवें वेतन आयोग की अधिसूचना जारी हुए करीब 10 महीने का समय पूरा हो चुका है, और नए वेतनमान तथा पेंशन संशोधन के लागू होने में अब महज 8 महीने का समय शेष है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जल्द ही किसी बड़े फैसले की उम्मीद है। प्राइवेट नौकरियों की तुलना में सरकारी कर्मचारियों को बेसिक पे पर हर साल 3 फीसदी की दर से ही सालाना वेतन वृद्धि दी जाती है। हालांकि, इस बार यही 3 प्रतिशत की दर आठवें वेतन आयोग की चर्चाओं में सबसे प्रमुख मुद्दा बन गई है।
विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने अपनी-अपनी मांगें आयोग के सामने रखी हैं। नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी और भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने ज्ञापन सौंपकर सालाना इंक्रीमेंट को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का अनुरोध किया है। सर्वे ऑफ इंडिया की मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन ने इसे बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने का सुझाव दिया है। बीपीएमएस के अनुसार, डीए केवल बढ़ती महंगाई के असर को संतुलित करता है, जबकि कर्मचारियों का वास्तविक जीवन स्तर और क्रय क्षमता सालाना इंक्रीमेंट पर निर्भर करती है।
इंक्रीमेंट का गणित
7वें वेतन आयोग के तहत 18,000 रुपये की शुरुआती बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी का वेतन 10 साल बाद 3 प्रतिशत दर से 24,190 रुपये तक पहुंचता है। यदि यह दर 6 प्रतिशत कर दी जाए, तो 10 साल बाद बेसिक पे 32,235 रुपये हो जाएगी। इससे कर्मचारी को हर महीने 8,045 रुपये और पूरे 10 साल में कुल 4.67 लाख रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
दूसरी ओर 56,100 रुपये की शुरुआती बेसिक पे वाले कर्मियों के लिए 6 प्रतिशत इंक्रीमेंट का लागू होना मासिक वेतन में 25,073 रुपये तक का अंतर ला सकता है, जो 10 वर्षों की अवधि में लगभग 14.6 लाख रुपये की अतिरिक्त आय के बराबर होगा।

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MP के डीजीपी कैलाश मकवाना पर भड़का हाईकोर्ट, जज ने व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में बुलाया

भोपाल. मध्यप्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना को कोर्ट की नाराजगी का शिकार होना पड़ा है। उन्हें अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा गया है। जबलपुर हाईकोर्ट ने एक मामले में डीजीपी कैलाश मकवाना सहित दो अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के रवैए पर कड़ी नाराजगी जताई। पुलिस विभाग की एक सेवानिवृत्त महिला सब-इंस्पेक्टर की रिकवरी नहीं लौटने पर कोर्ट ने यह सख्त रवैया अख्तियार किया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि तय समय सीमा में राशि वापस नहीं करने पर डीजीपी कैलाश मकवाना सहित सभी अधिकारियों को अगली सुनवाई में 28 सितंबर को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। जबलपुर हाईकोर्ट में सेवानिवृत्त महिला सब-इंस्पेक्टर लजवर खानम की याचिका पर सुनवाई चल रही है। उनकी 17 लाख की अवैध रिकवरी वापस न करने पर हाईकोर्ट ने डीजीपी कैलाश मकवाना सहित 3 अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की। तीनों को अंतिम अवसर दिया है।
हाईकोर्ट के जज विवेक जैन की एकल पीठ ने सेवानिवृत्त महिला सब-इंस्पेक्टर लजवर खानम के मामले में सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने आगामी 4 सप्ताह के भीतर पूरी राशि वापस करने के निर्देश दिए जज विवेक जैन की पीठ ने कहा कि यदि सेवानिवृत्त महिला सब-इंस्पेक्टर लजवर खानम की राशि तय समयावधि में वापस नहीं की जाती, तो डीजीपी कैलाश मकवाना, तत्कालीन भोपाल एसपी ममतेश माली और पेंशन अधिकारी शोभा भाकरिया को अगली सुनवाई कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। यह पेशी 28 सितंबर को रखी गई है।
हाईकोर्ट द्वारा डीजीपी कैलाश मकवाना को व्यक्तिगत रूप से तलब करने पर पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। डीजीपी को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश का उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई किए जाने का मतलब तो नहीं है पर इससे वरिष्ठ अधिकारी दबाव में आ गए हैं। अदालत के सख्त रवैए से यह साफ हो गया है कि कोर्ट हर हाल में उसके आदेशों का पालन सुनिश्चित करना चाहती है। इसके साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करना चाहती है। इस नजरिए से हाईकोर्ट में केस की अगली सुनवाई अहम साबित होगी। कोर्ट का रुख, डीजीपी और राज्य सरकार के जवाब पर निर्भर करेगा।

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बिजली सप्लाई मजबूत करने की तैयारी, एमपी में HT लाइनों पर C-Way कनेक्टर का ट्रायल

ग्वालियर. प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए अब एचटी हाईटेंशन लाइनों के कनेक्शनो में आधुनिक तकनीक अपनाने की तैैयारी है। विद्युत वितरण कंपनियां कंडक्टर जंपर और अन्य कनेक्शनों में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक बाइंडिंग पद्धति के स्थान पर सी-वेज कलेक्टर के उपयोग की संभावनाओं का परीक्षण करेंगी। महाराष्ट्र में इस तकनीक के बेहतर परिणाम सामने आने के बाद प्रदेश में भी इसे वितरण नेटवर्क में लागू करने की दिशा में कदम बढाए जा रहे है।
सी-वेज कनेक्टर की संभावना को कम करना है
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार एचटी लाइन में कनेक्शन कमजोर जोने पर ढीला संपर्क, स्पार्किंग, हॉट स्पॉट और जंपर फेल होने जैसी समस्याएं सामने आती है। कई बार यहीं छोटी तकनीकी खराबी लाइन फॉल्ट और लंबे समय तक बिजली गुल होने का कारण बन जाती है। सी-वेज कनेक्टर का उद्देश्य कनेक्शन को मजबूत और स्थायी बनाकर इन समस्याओं की संभावना को कम करना है। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार पहले चयनित क्षेत्रों में सी-वेज कनेक्टर लगा कर इनके प्रदर्शन का परीक्षण किया जाएगा। इसमें कनेक्शन की मजबूती, फाल्ट की स्थिति, स्पार्किंग और जंपर फेल होने की घटनाओं जैसे तकनीकी पहलुओं की निगरानी की जाएगी। परिणाम सकारात्मक रहे तो वितरण कंपनियां इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य क्षेत्रों में भी लागू कर सकती है।
ब्रेकडाउन घटाने पर रहेगा जोर
वितरण नेटवर्क में इस तकनीक के इस्तेमाल का सबसे बड़ा लक्ष्य अनियोजित बिजली व्यवधान और ब्रेकडाउन को कम करना है। मजबूत कनेक्शन होने से लाइन की विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद है, जिसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। खासकर उन क्षेत्रों में जहां एचटी लाइनों में बार-बार जंपर या कनेक्शन संबंधी खराबी के कारण फाल्ट होते हैं, वहां यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है।

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21 दिन जंगल में लापता रही चीता निर्वात मिली, बाड़े में वापस लाई गई

श्योपुर. कूनो नेशनल पार्क से करीब 21 दिन पहले लापता हुई दक्षिण अफ्रीकी से लाई गई मादा चीता निर्वा आखिरकार सुरक्षित मिल गई। उसका सैटेलाइट कॉलर काम नहीं कर रहा था जिस कारण सिग्नल मिलना बंद हो गया था। मानसून के दौरान जंगल में उसकी मौजूदगी को लेकर लगातार अनिश्चितता बनी रही। लंबी तलाश के बाद टीम ने निर्वा का पता लगाया और उसे सुरक्षित वापस बाडे में छोडा गया। कूनों नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने चीता प्रोजेक्ट की उपलब्धियों को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए निर्वा की तलाश को बडी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि कॉलर से सिग्नल नहीं मिलने के बावजूद टीम ने लगातार प्रयास जारी रखे। करीब 21 दिन तक उसकी लोकेशन की पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी थी।


कॉलर बंद होने से निर्वा की चिंता बढी थी
निर्वा के कॉलर से सिग्नल बंद होने के बाद उसकी निगरानी चुनौती बन गई थी। मानसून के दौरान जंगल में उसकी मौजूदगी और लगातार बदलते मौसम के बीच टीम के सामने उसे जोखने की चुनौती थी। आखिरकार उसकी लोकेशन ट्रेस की गई और उसे सुरक्षित वापस लाया गया।

मादा चीता निर्वा की तलाश करती वनरक्षकों की टीम।
दिल्ली तक पहुंची थी शिकायत
निर्वा के लंबे समय तक ट्रेस नहीं होने और कॉलर खराब होने को लेकर वाइल्ड लाइफ वर्कर अजय दुबे ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री तथा एनटीसीए के सदस्य सचिव को लिखित शिकायत भी की थी। शिकायत में मामले की उच्च स्तरीय जांच और कॉलर की तकनीकी खराबी की जांच की मांग की गई थी।

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कूनो में निर्वा की तलाश तेज, 5 टीमें जंगल छान रहीं; अब तक नहीं मिला सुराग

श्योपुर. 20 अगस्त से कूनों से लापता मादा चीता निर्वा की तलाश में वन विभाग की पांच अलग-अलग टीमें लगातार जंगल की खाक छान रही है लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका है। वन विभाग के अधिकारी जंगल में तलाशी के साथ शिकार हुए जानवरों के आस-पास भी चीता के पगमार्ग आदि की तलाश भी कर रहे है। फिलहाल वल अमले के हाथ खाली है और देरी होने के साथ अनहोनी की आशंका गहराती जा रही है। हालांकि पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ भोपाल समीता राजौरा का कहना है कि निर्वा जंगल से बाहर निकली होती तो जानवरों के किल के निशान भी मिलते, उम्मीद है कि जल्द ही मिल जाएगी।
राजस्थान के शाहबाद पहुंचा दूसरा चीता
पिछले पांच दिनों से राजस्थान के शाहबाद इलाके में देखा जा रहा है कि चीता की गंध का पीछा करते हुए दूसरा चीता भी वहां पहुंच गया है। गुरूवार को दोनों ने दो बकरियों का शिकार किया। वन विभाग की ट्रेकिंग टीमें लगातार उनका पीछा करते हुए उन पर नजर बनाए हुए है। उधर कूनों में मादा चीता केजेपी-1 और नर चीता केजीपी-3 के बीच नजदीकियां देखी जा रही है। वह लगातार एक दूसरे के साथ टाइम बिता रहे है। उनके बीच मेटिंग होने की संभावना जताई जा रही है।
कूनों में चीतों की निगरानी के लिए लाए खोजी कुत्तों बेल्जियम मेलिनोइस प्रजाति के इलू और रूबी की मौत के मामले में हैंडलर के खिलाफ वन विभाग के अधिकारियों ने डी कायम कर दी है। उनके खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों के द्वारा जानकारी दी गई है कि उनके पास अभी इस तरह के ट्रेंड 16 डॉग स्क्वड की टीमें है, जन्हें जरूरत पडने पर पूरे प्रदेश भर में उपयोग किया जाता है।

 

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ग्वालियर में सफाई व्यवस्था पर सवाल, 51 वार्डों में ठेका सिस्टम के बीच हालात बिगड़े; उफने सीवर चेंबर

ग्वालियर. शहर की सीवर सफाई व्यवस्था को ठेका प्रथा से मुक्त कर नगर निगम ने भले ही 9 वार्डों में खुद जिम्मेदारी संभाल ली हो लेकिन 48 घंटे बाद भी राहत पूरी तरह नजर नहीं आरही है। कहीं कर्मचारियों को सीवर लाइन की जानकारी नहीं है तो कहीं स्टाफ ही नहीं पहुंचा। कई इलाकों में लाइने चोक होने से बारिश के दौरान सीवर का गंदा पानी घरों तक पहुंच गया। दूसरी ओर, जिन 51 वार्डों में अभी भी ठेका सिस्टम से काम चल रहा है वहां हालात और ज्यादा खराब दिखाई दे रहे है। तेज बारिश के बाद कई जगह सीवर चेंबर प्रेशर से खुल गए और गंदा पानी सडकों पर बहने लगा। निगम ने 25 अगस्त से ग्वालियर पूर्व विधानसभा के वार्ड 20 और 21 तथा ग्वालियर विधानसभा के वार्ड 2, 3, 17, 31, 32, 33 और 36 में सीवर की व्यवस्था अपने हाथ में ली है। इन वार्डों में आउटसोर्स के माध्यम से कर्मचारी लगाए है। हालांकि ग्राउंड पर व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं आई है। कुछ वार्डों में गुरूवार तक कर्मचारी पहुंचे जबकि कुछ जगह पार्षदों को व्यवस्था संभालनीं पडीं।
फूलबाग चौपाटी के 3 सीवर चेंबर उफान पर
फूलबाग चौपाटी पर सडक किनारे बने 3 सीवर चेंबर बारिश के बाद उफान पर आ गए। लाइनें चोक होने से प्रेशर इतना बढा कि चेंबर के ढक्कन ऊपर उठ गए। गंदगी सडक पर फैलने लगी। इसी तरह नगर निगम मुख्यालय के दूसरे गेट के सामने बना सीवर चेंबर भी जरा सी बारिश में चोक हो जाता है। वहीं 36 की पार्षद भावना कन्नोजिया ने कहा कि फिलहाल ठेकेदार से जुडे कर्मचारी ही काम कर रहे है।
निगम को कर्मचारियों की स्पष्ट तैनाती करनी होगी, जिससे क्षेत्र में सीवर संबंधी समस्या का तेजी से समाधान हो सके। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर विधानसभा में सीवर संबंधी समस्या के समाधान के लिए क्षेत्रीय विधायक और मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को किराए पर वाहन लेकर खुद ही लोगों की समस्या का समाधान कराया था।

 

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ग्वालियर में मोमोज खाते समय युवक के सिर में मारी गोली, बदमाशों ने की फायरिंग

ग्वालियर. ग्वालियर के गुरुवार शाम मोमोज के ठेले पर हुए विवाद के बाद दो बदमाशों ने 28 वर्षीय विवेक मीणा के सिर में गोली मार दी। गोली लगने से उसकी मौत हो गई। विवेक Blinkit में डिलीवरी बॉय था और बजरंग दल सहमंत्री चेतन मीणा का भाई था। वारदात के बाद दोनों हमलावर फरार हो गए। नई सड़क बावन पायेगा निवासी विवेक गुरुवार शाम करीब 7 से 7:15 बजे आनंद नगर में मोमोज के ठेले पर था। इसी दौरान दो युवकों से किसी बात को लेकर बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर बदमाशों ने कट्टा निकालकर विवेक के सिर में पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोली मार दी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा।


मौत से नाराज उसके साथियों ने सरकारी एंबुलेंस पत्थर मारकर तोड़ दिया
घटना की सूचना मिलते ही बहोड़ापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायल विवेक को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत से नाराज उसके साथियों ने सरकारी एंबुलेंस के कांच पर पत्थर मारकर तोड़ दिया। नई सड़क बावन पायेगा निवासी विवेक Blinkit में डिलीवरी बॉय था। गुरुवार शाम करीब 7 से 7:15 बजे के बीच आनंद नगर में उसका दो अज्ञात युवकों से किसी बात को लेकर विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने कट्टा निकालकर उसके सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही विवेक सड़क पर गिर पड़ा।

वारदात के बाद अस्पताल में पुलिस, परिजन व मृतक के साथियों की भीड़ जमा हो गई।
एसएसपी मौके पर पहुंचे और आरोपियों को 12 घंटे में पकड़ने का आश्वासन दिया
विवेक के बड़े भाई चेतन मीणा बजरंग दल में सहमंत्री हैं। पुलिस शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश या आपसी विवाद के एंगल से भी जांच कर रही है। डिलीवरी बॉय की हत्या के विरोध में उसके साथियों ने थाने पर चक्का जाम कर दिया। एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव मौके पर पहुंचे और आरोपियों को 12 घंटे में पकड़ने का आश्वासन दिया। इसके बाद मृतक के साथियों ने चक्का जाम खोल दिया।

युवक के साथियों ने थाने के सामने चक्काजाम कर दिया। 12 घंटे में कार्रवाई की बात पर माने।

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CBI का बड़ा एक्शन, BSNL के दो वरिष्ठ इंजीनियर ₹1.50 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार

भोपाल. राजधानी भोपाल में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को रिश्वतखोरी के मामले में बीएसएनएल भोपाल के दो वरिष्ठ इंजीनियरों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इनमें चीफ इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) और सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) शामिल हैं। दोनों पर जबलपुर की एक फर्म के लंबित बिलों का भुगतान कराने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। सीबीआई की जांच में अब यह पता लगाया जा रहा है कि लंबित बिलों के भुगतान और रिश्वत की मांग में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। तलाशी और पूछताछ से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिल भुगतान के एवज में मांगी 2-2 लाख रुपये रिश्वत
सीबीआई के अनुसार, जबलपुर की फर्म बीएसएनएल के ऑपरेशन एंड कॉम्प्रिहेंसिव मेंटेनेंस (ओसीएम) और इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन से जुड़े काम कर रही है। फर्म के 14 अलग-अलग कार्यों से संबंधित बिल भुगतान के लिए लंबित थे। आरोप है कि इन बिलों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले दोनों अधिकारियों ने फर्म से अलग-अलग दो-दो लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच की और गुरुवार को ट्रैप कार्रवाई की।
पहली किस्त लेते ही पकड़ा
सीबीआई ने की टीम ने कार्रवाई के दौरान दोनों अधिकारियों को 75-75 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह रकम कथित तौर पर दो-दो लाख रुपए की मांगी गई रिश्वत की पहली किस्त थी। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई के अफसरों ने आरोपियों से जुड़े भोपाल, लखनऊ और कानपुर स्थित आवासीय एवं कार्यालय परिसरों में तलाशी शुरू कर दी। टीम दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

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मंत्रियों के साथ दो दिन चिंतन करेंगे CM मोहन यादव, कलेक्टर-कमिश्नर संग बनेगा फ्यूचर रोडमैप

भोपाल. सीएम मोहन यादव पहली बार चिंतन शिविर का आयोजन करने जा रहे है। सितंबर में सीएम सभी मंत्रियों के साथ दो दिनों तक चिंतन-मंथन करेंगे। सीएम के निर्देश पर इस चिंतन शिविर की तैयारियां की जा रही है। अगले महीने में प्रस्तावित चिंतन शिविर मं मंत्रियों के समूह बनाकर ढाई साल में हुए विभागीय कामों, योजनाओं की प्रोग्रेस की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही संकल्प पत्र के अनुसार अगले ढाई साल के रोडमैप पर भी चर्चा होगी। इस बार के चिंतन शिविर में तीन-चार विभागों के मंत्रियों के ग्रुप बनाकर चिंतन-मंथन किया जाएगा।


चिंतन शिविर के दौरान कलेक्टर-कमिश्नर से लेकर विभागों के एसीएस, पीएस भी मौजूद रहेंगे। सीएम की इच्दा है कि मंत्रियों के साथ होने वाली समीक्षा बैठक में प्रभार के जिलों की स्थिति पर भी चर्चा हो और वहां की स्थानीय चुनौतियों, कामों को लेकर रिव्यू में अफसरों से सवाल-जवाब किए जा सकें।
आमतौर पर चिंतन शिविर राजधानी से दूर एकांत क्षेत्र में आयोजित किए जाते रहे है लेकिन मंत्रियों सेलेकर तमाम अफसरों को भोपाल के बाहर शिविर में आने-जाने ठहरने में काफी खर्च होता है। सीएम ने यह सुझाव दिया है कि राजधानी में ही यह चिंतन शिविर आयोजित किया जाए, ताकि मंत्री-अफसर सब आसानी से रात्रि विश्राम के लिए अपने घर जा सकें और आने-जाने ठहरने की व्यवस्थाओं पर होने वाले खर्च से बचा जा सके।

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शक्कर के दाम में मिलेगी राहत, 2-3 दिन में गिरेंगे भाव

भोपाल. शक्कर के मिल डिलीवरी मूल्य एवं थोक बाजार भाव में कुछ और नरमी आ गई, लेकिन अखिल भारतीय स्तर पर इसका औसत खुदरा मूल्य उछलकर 63.97 रुपए प्रति किलो के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया है। उद्योग समीक्षकों की मानें तो, मिल डिलीवरी मूल्य और थोक बाजार भाव में आई नरमी का असर अगले दो स तीन दिनों में खुदरा दाम पर दिखाई पड़ने लगेगा और शक्कर का खुदरा मूल्य गिरकर 60 रुपए प्रति किलो से नीचे आ जाएगा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एस ग्रेड की शक्कर का एक्स फैक्टरी बिक्री मूल्य 5500-5700 रुपए प्रति क्विंटल पर था, जो अब गिरकर 5400-5500 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया है। उद्योग विश्लेषकों के अनुसार सरकारी सख्ती के कारण घटे हुए दाम पर भी खरीदारों का अभाव देखा जा रहा है।
रोजाना इस्तेमाल का किराना हुआ महंगा
शक्कर 5800 से 5900, रायल रतन साबूदाना लूज में 7550, 1 किलो पैकिंग में 8100, सच्चा मोती लूज में 7450, 1 किलो पैंकिंग में 7950, आधा किलो पैंकिंग में 8050, सच्चा साबुदाना एगमार्क (आधा किलो पैकिंग) 8200, साबूदाना चक्र एगमार्क (500 ग्राम) 8140, साबूदाना गोपाल लूज (25 किलो) 6910 रुपए (भाव प्रति क्विंटल में)। खोपरा गोला कट्टे में 355 और बाक्स में 365 से 419, खोपरा बूरा 3200 से 5950 रुपए।
इन चीजों के दामों में भी उतार-चढ़ाव
पूजन सामग्री : नारियल 120 भरती 3100 से 3150, 160 भरती 3600 से 3650, 200 भरती 3900 से 3950, 250 भरती 4600 से 4650, देशी कपूर 1295 से 1320, पूजा बादाम 250 से 260, बेस्ट 275 से 300, पूजा सुपारी 425, अरीठा 175 रुपए। केसर 185 से 200, बेस्ट 255 से 262 रुपए प्रति ग्राम।
मसाले : कालीमिर्च 755 से 760, मिनिमटर 775 से 785, मटरदाना 800 से 900, हल्दी निजामाबाद 230 से 250, हल्दी सांगली 320, जीरा 240 से 245, मीडियम 250 से 285, बेस्ट 310, सौंफ मोटी 130 से 155, बेस्ट 185 से 275, एक्सट्रा बेस्ट 325 से 385, बारीक 175 से 275, लौंग चालू 900 से 920, बेस्ट 950, दालचीनी 250 से 255, बेस्ट 260 से 270, जायफल 840 से 880, बेस्ट 925, जावत्री 1850 से 2000, बेस्ट 2300 से 2350, बड़ी इलायची 1350 से 1450, बेस्ट 1550 से 1650 रुपए।