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अब ट्रेन में नहीं चलेगा टिकट का स्क्रीनशॉट, रेलवे ने बदला यह जरूरी नियम

ग्वालियर. यदि आप भी ट्रेन में सफर करते समय टीटीई को मोबाइल पर टिकट का स्क्रीनेशॉट, पीडीएफ फाइल या वाट्सएप् पर फॉरवर्ड किया गया मैसेज दिखाते है तो अब आपको बेहद सावधान होने की जरूरत है। भारतीय रेलवे ने अपने आधिकारिक इंटरनेेश मीडिया प्लेटफार्म पर एक महत्वपूर्ण पोस्ट साझा करते हुए अनारक्षित टिकटों को लेकर नियमों में बदलाव किया है।
एप के भीतर मौजूद ओरिजिनल डिजिटल टिकट ही वैध माना जाएगा
नए नियमों के अनुसार रेल वन से बुक किए गए अनारक्षित टिकटों के मामले में अब यात्रा के दौरान सिर्फ और सिर्फ एप के भीतर मौजूद ओरिजिनल डिजिटल टिकट ही वैध माना जाएगा। यदि कोई यात्री टिकट की फोटोकॉपी, स्क्रीनशॉट या किसी अन्य मैसेजिंग एप पर आई कॉपी दिखाता है तो रेलवे उसे बिना टिकट मानकर जुर्माना वसूला जा सकता है।
रेलवे ने क्यों लिया यह फैसला
अक्सर देखा गया है कि रेल यात्रा के दौरान कई लोग एक ही टिकट का स्क्रीनशॉट या पीडीएफ अलग-अलग मोबाइल पर फॉरवर्ड कर कई लोगों को यात्रा करा देते है। रेलवे बोर्ड के अनुसार स्क्रीनशॉट और वाट्सएप् के जरिए टिकट शेयर करने की इस आदत से धोखाधडी और राजस्व की हानि की चिंताएं काफी बढ गई थी। इसी डिजिटल जालसाजी और टिकटों के दुरूपयोग को रोकने के लिए रेलवे ने अब केवल ओरिजिनल रेल वन एप टिकट और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को ही मान्यता देने का फैसला किया है।

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एक नेटवर्क से जुड़ेंगे MP के 149 टोल प्लाजा, गड़बड़ियों पर लगेगी रोक

ग्वालियर. ग्वालियर चंबल अंचल के 19 सहित प्रदेश के 149 टोल प्लाजा अब एक ही सुरक्षित डिजिटल नेटवर्क से जुडेंगे। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंश कॉर्पोरेशन ने सभी टोल प्लाजाओं को भोपाल मुख्यालय से मैनेज्ड मल्टी प्रोटोकॉल लेबल स्विचिंग नेटवर्क के जरिए जोडने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद भोपाल मुख्यालय से हर टोल प्लाजा की रियल टाइम निगरानी की जा सकेगी। किसी भी टोल प्लाजा पर नेटवर्क डाउन होने, कनेक्टिविटी बाधित होने, डेटा ट्रांसफर में गडबडी या बैंडविड्थ कम मिलने की सूचना तत्काल मुख्यालय तक पहुंच जाएगी। इस कार्य के लिए 3.81 करोड रुपए की लागत आएगी।
ग्वालियर संभाग के टोल प्लाजा भी इस नेटवर्क से जुडेंगे
इससे टोल संचालन में पारदर्शिता बढेगी, राजस्व संग्रह की निगरानी अधिक प्रभावी होगी और तकनीकी गडबडियों का समय रहते समाधान किया जा सकेगा। ग्वालियर संभाग के टोल प्लाजा भी इस नेटवर्क से जुडेंगे जिससे यहां के टोल संचालन पर भी भोपाल से सीधी नजर रखी जा सकेगी। परियोजना के तहत प्रत्येक टोल प्लाजा को समर्पित एमपीएलएस नेटवर्क से जोडा जाएगा जबकि भोपाल स्थित मुख्यालय को हाई-स्पीड नेटवर्क हब के रूप् में विकसित किया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद प्रदेश के सभी टोल प्लाजा एक केंद्रीकृत डिजिटल नेटवर्क के दायरे में आ जाएंगे।
किस डिवीजन के कितने टोल दायरे में आएंगे
एमपीआरडीसी ने अपने भोपाल डिवीजन के 20, ग्वालियर डिवीजन के 19, छिंदवाडा के 8, धार के 20, इंदौर के 9, जबलपुर के 10, नर्मदापुरम के 3, रीवा के 13, सागर के 15, शहडोल के 9 और उज्जैन के 23 टोल प्लाजा को इसमें शामिल किया है।
ग्वालियर डिवीजन के चिह्नित टोल प्लाजा
ग्वालियर डिवीजन के उमरी टोल प्लाजा, देवखेडी, बिलौआ, लुक्की, बसवाहा, भीमपुरा, पंडोला, बरेठा, फूप, पलोथर, पगारा, फुटेरा, रतवाई, चितोरा, धनेली, सौास, मौ, मगरौनी और केरूआ टोल प्लाजा को इस प्रोजेक्ट में चिह्नित किया है।

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जून में लगातार छठे महीने महंगाई बढ़ी

नई दिल्ली. आलू-अदरक समेत खाने-पीने की चीजों के दाम फिर बढने से रिटेल महंगाई लगातार छठे महीने बढी है। जून में यह 4.38 प्रतिशत पर पहुंच गई है। जनवरी में यह 2.74 प्रतिशत थी। वही एक महीने पहले मई मंे 3.93 प्रतिशत थी। यानी यह लगातार छठा महीना है जब महंगाई बढी है। वहीं जनवरी 2025 के बाद यह पहला मौका है जब महंगाई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के 4 प्रतिशत के मिड टारगेट के पार निकल गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 13 जनवरी को महंगाई के ये आंकडे जारी किए है।
ब्याज दें बढने की आशंका
भले ही मौजूदा महींगाई अभी भी आरबीआई के 2 प्रतिशत से 6 प्रतिशत के टॉलरेंस बैंड के भीतर है लेकिन कीमतों में आगे और बढोतरी केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें बढाने के लिए मजबूर कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो अपने वाली तिमाहियों में देश की आर्थिक ग्रोथ पर असर पड सकता है। जून में ही आरबीआई ने अल नीनो परिस्थितियों के कारण कम मानसून की आशंका और बढती एनर्जी कीमतों के दोहरे रिस्क को देखते हुए आने महंगाई के अनुमान को 4.6 प्रतिशत से बढाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया था।
फूड इंफ्लेशन जून में बढकर 5.32 प्रतिशत पर पहुंची
खाने-पीने के सामानों की महंगाई यानी फूड इंफ्लेशन जून में बढकर 5.32 पर पहुंच गई है। मई में यह आंकडा 4.38 प्रतिशत पर था।

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CM मोहन यादव की सुरक्षा में बड़ी चूक, हेलीकॉप्टर के ऊपर मंडराता दिखा ड्रोन, जांच में जुटी पुलिस

भिंड. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के रविवार को भिंड दौरे के दौरान दंदरौआ धाम में सुरक्षा व्यवस्था में चूक सामने आई। दंदरौआ हनुमान मंदिर में दर्शन के बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से ग्वालियर रवाना होने के लिए हेलीपैड पहुंचे। सीएम के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला तथा भाजपा जिला अध्यक्ष देवेंद्र नरवरिया भी हेलीकॉप्टर में सवार हो चुके थे। इसी दौरान हेलीपैड के ऊपर एक ड्रोन उड़ता दिखाई दिया।
पायलट ने सुरक्षा कारणों से तत्काल टेकऑफ से मना किया
हेलीपैड के ऊपर ड्रोन मंडराता देख पायलट ने सुरक्षा कारणों से तत्काल टेकऑफ से मना कर दिया। इसके चलते मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों को करीब 10 मिनट तक हेलीकॉप्टर में ही इंतजार करना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और ड्रोन की तलाश शुरू कर दी। तलाशी के दौरान दंदरौआ हनुमान मंदिर की छत पर राघवेंद्र खेमरिया नामक युवक ड्रोन उड़ाते हुए मिला। पुलिस ने तत्काल ड्रोन नीचे उतरवाकर उसे हिरासत में ले लिया और ड्रोन जब्त कर लिया।
दंदरौआ धाम में इंटरनेट मीडिया देखता है राघवेंद्र
जानकारी के अनुसार राघवेंद्र मंदिर के इंटरनेट मीडिया से जुड़े कार्यों का संचालन करता है और कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग के लिए ड्रोन उड़ा रहा था। हालांकि मुख्यमंत्री के उड़ान क्षेत्र में ड्रोन संचालन की अनुमति थी या नहीं तथा सुरक्षा प्रोटोकाल का उल्लंघन कैसे हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
अनुमति मिलने के बाद मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर ग्वालियर के लिए रवाना
ड्रोन जब्त और सुरक्षा एजेंसियों की अनुमति मिलने के बाद मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर ग्वालियर के लिए रवाना हुआ। घटना को मुख्यमंत्री की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। दंदरौआ धाम के हेलीपैड के ऊपर उड़ रहे ड्रोन को जब्त कर लिया गया है। युवक को हिरासत में नहीं लिया था, मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। – रविंद्र शर्मा, टीआईथाना मेहगांव

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MP में इंजीनियरों को छोडकर 1 लाख से अधिक कर्मचारियों का होगा प्रमोशन

भोपाल. मध्य प्रदेश में 10 साल बाद 1 जुलाई 2026 से पदोन्नतियां प्रारंभ हुई है। 1 लाख से अधिक अधिकार-कर्मचारी पदोन्नत होंगे लेकिन इंजीनियरों को झटका लगा है। सरकार ने उन्हें 10 साल पहले विशेष छूट दी थी कि द्वितीय से प्रथम श्रेणी के पदों पर पदोन्नति योग्यता सह वरिष्ठता के आधार पर दी जाएगी। 2025 के पदोन्नति नियम में यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इंजीनियरों को भी अब उसी आधार पर पदोन्नति मिलेगी, जिस पर अन्य संवर्ग के द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को दी जाएगी।
लोक निर्माण विभाग की पहल पर सामान्य प्रशासन विभाग ने 2016 में पदोन्नति नियम में संशोधन करके यह प्रविधान किया था कि द्वितीय से प्रथम श्रेणी के पद पर पदोन्नति में योग्यता सह वरिष्ठता को आधार बनाया जाएगा। यह इस सो के साथ किया गया था कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले इंजीनियर प्रोत्साहित होंगे। हालांकि इसका लाभ कम ही इंजीनियरों को मिल पाया क्योंकि पदोन्नति नियम निरस्त कर दिए गए।
जब नया नियम बनाया तो उसमें इस प्रविधान को सम्मिलित नहीं किया गया। इसके पीछे सामान्य प्रशासन विभाग ने तर्क दिया दिया कि सबके लिए एक जैसे प्रविधान यदि नहीं रखे जाते तो अन्य संवर्ग के अधिकारी-कर्मचारी न्यायालय में चुनौती दे सकते थे। वैसे भी पदोन्नतियां 10 साल से बंद थी जिसका नुकसान सभी संवर्क के अधिकारियों-कर्मचारियों को हुआ। यही कारण है कि ऐसे सभी प्रविधानों को नियम से बाहर किया गया जिनके कारण समस्या आ रही थी। इसका लाभ यह हुआ कि हाई कोर्ट में नए नियम को लेकर जो याचिकाएं दायर की गई है उसमें से किसी में भी इस विषय को नहीं उठाया गया। उधर मैदानी स्तर पर काम करने वाले वे इंजीनियर अवश्य निराश है जो पदोन्नति की उम्मीद लगाए हुए है।

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इंग्लैंड दौरे के बाद भारत का कोचिंग स्टाफ बदलेगा

नई दिल्ली. इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार दो टी-20 सीरीज हारने के बाद भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव हो सकते है। रिपोर्ट्स के अनुसार असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट और बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल टीम से बाहर हो सकते है। दोनों का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद खत्म हो रहा है। लगातार खराब प्रदर्शन के बाद बीसीसीआई टीम और सपोर्ट स्टाफ का रिव्यू करेगा। टीम की खराब फील्डिंग भी बोर्ड की चिंता बढा रही है। भारत ने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर 10 से ज्यादा कैच छोडे। ऐसे में फील्डिंग कोच टी. दिलीप को भी हटाया जा सकता है। पिछले साल उन्हें अभिषेक नायर के साथ टीम से बाहर किया गया था लेकिन बाद में दोबारा जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार रयान टेन डोशेट पूरे साल भारतीय टीम के साथ लगातार यात्रा करने से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने अपनी यह बात बीसीसीआई के सामने भी रखी है साथ ही उनके किसी आईपीएल फ्रेंचाइजी से जुडने की चर्चा है। वहीं मोर्ने मोर्कल भी दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहे है। अगर रेयान टेन डोशेट और मोर्ने मोर्कल सपोर्ट स्टाफ से बाहर होते है तो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के नए फास्ट बॉलिंग कोच लक्ष्मीपति बालाजी को श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैंचों की सीरीज खेलेगा। वहीं जुलाई के आखिर में जिम्बाब्वे दौरे पर होने वाली टी-20 सीरीज में वीवीएस लक्ष्मण सीओई के कोचिंग स्टाफ के साथ टीम इंडिया की जिम्मेदारी संभालेंगे।
रयान टेन डोशेट और मोर्ने मोर्कल को गौतम गंभीर ने जुलाई 2024 में हेड कोच बनने के बाद अपने सपोर्ट स्टाफ में शामिल किया था। इससे पहले बल्लेबाजी कोच अभिषेक नायर की जगह सितांशु कोटक को जिम्मेदारी दी जा चुकी है। अब इंग्लैंड दौरे के बाद गंभीर के स्पोर्ट स्टाफ में एक और बडे बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

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दिल्ली में नरोत्तम मिश्रा ने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की

दतिया. मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव के लिए सबसे प्रबल दावेदार मरले जा रहे पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने के बाद हुए बवाल के बाद पार्टी डैमेज कंट्रोल करने में जुटी हुई है। इसी बीच दिल्ली में रविवार को नरोत्तम मिश्रा ने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते वक्त नरोत्तम मिश्रा एक सवाल के जवाब में ऐसा कुछ कह गए जिससे टिकट कटने का उनका दर्द बयां हो गया।
नरोत्तम मिश्रा का दर्द छलका
नरोत्तम मिश्रा से जब पूछा कि आप मध्य प्रदेश में इस तरह की चर्चांए चल रही है कि नरोत्तम मिश्रा का बडा कद उनकी टिकट कटने का कारण बन गया क्योंकि अब मध्य प्रदेश में कोई और बडा नेता नहीं चाहता था कि इसके जवाब में नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि ये तो तय हो गया कि कद बडा नहीं है, टिकट नहीं मिला न। तो आपका जवाब तो इसी में है और पार्टी बहुत ऊपर होती है, हमसे ज्यादा दूर तक देख सकती है, वहो वहां है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी ने जिसे टिकट दिया है सब उसे सिर माथे पर रखेंगे और उसका काम करेंगे। नरोत्तम मिश्रा ने ये भी कहा कि टिकट कटने का क्षणिक आवेश आया था जो अब शांत हो चुका है।
वहीं शनिवार देर शाम को भोपाल में नरोत्तम मिश्रा ने सीएम मोहन यादव, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और श्रेत्रीय संगठन महामंत्री हअजय जामवाल से सीएम हाउस में मुलाकात की थी। इस दौरान सभी नेताओं के बीच विचार विमर्श व बातचीत हुई थी। इस मुलाकात के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मुलाकात की है। नरोत्तम मिश्रा हमारी पार्टी के वरिष्ठ व सम्मानित नेता है। उनके मार्गदर्शन में हम दतिया उपचुनाव लडेंग और भारी बहुत से जीतेंगे।

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बादल फटा, उत्तराखंड के हाइड्रो प्रोजेक्ट के पास लैंडस्लाइड

जम्मू कश्मीर. पहाडी राज्यों में बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ गया है। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में बादल फटने के बाद बाढ आई। कई खेत बर्बाद हो गए, सडक बह गई। उत्तराखंड के विकासनगर में भारी बारिश के कारण लखवाड हाईड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में लैंडस्लाइड हो गई। कई वाहन और मशीनें मलबे में दब गई। उधर देश के लगभग 70 प्रतिशत से मानसून के बादल गायब हो गए है। राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र में अगले 5 दिन तक बारिश की संभावना भी कम है। बारिश रूकने से मध्य प्रदेश्, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश् समेत उत्तर भारत के राज्यों में तापमान बढ गया। राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।


मानसून को सक्रिय रखने वाले सिस्टम का कमजोर पडा
मौसम विभाग के अनुसार देश के 70 प्रतिशत हिस्से से मानसून के बादल गायब होने के पीछे सबसे बडी वजह मानसून को सक्रिय रखने वाले सिस्टम का कमजोर पडना है। 9 जुलाई के बाद बंगाल की खाडी में कोई नया मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम नहीं बना जिससे मानसूनी हवाओं को पर्याप्त नमी नहीं मिल सकी। फिलहाल बारिश मुख्य रूप से उत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और पूर्वोत्तर तक सीमित है। आईएमडी का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के फिर से पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना कम है।

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वंदे भारत में फटा दूध तो शताब्दी में परोसी एक्सपायर ब्रेड, भड़के यात्री

ग्वालियर. रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों में बेहतर खानपान और विश्वस्तरीय यात्रा सुविधा के दावों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इन लक्जरी ट्रेनों में महंगा किराया और कैटरिंग चार्ज लेने के बावजूद यात्रियों को निम्न गुणवत्ता के खाद्य पदार्थ परोसे जा रहे हैं। दो मामले सामने आए, जब हजरत निजामुद्दीन-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों को फटा हुआ दूध परोसने की शिकायत मिली, तो वहीं नई दिल्ली-रानी कमलापति शताब्दी एक्सप्रेस में एक्सपायर डेट की ब्रेड परोस दी गई। यात्रियों का कहना है कि जब प्रीमियम किराया वसूला जा रहा है तो भोजन की गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कार्न फ्लेक्स में दूध डाला, वह फट गया
निजामुद्दीन-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस (22470) में यह मामला उस समय सामने आया, जब उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी एडवोकेट राजेंद्र पाल गौतम एग्जीक्यूटिव क्लास (ई-2) कोच में निजामुद्दीन से झांसी की यात्रा कर रहे थे। नाश्ते के दौरान जैसे ही उन्होंने कार्न फ्लेक्स में दूध डाला, वह फट गया। उन्होंने इसका वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा किया। उन्होंने दूध को थर्ड क्वालिटी बताते हुए कहा कि यह पीने योग्य नहीं है और यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
गुणवत्ता की जांच कर दोषी एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
उन्होंने रेल मंत्री से पूरे मामले की जांच कराने और केवल दूध ही नहीं, बल्कि ट्रेन में परोसे जाने वाले सभी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कर दोषी एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं शनिवार सुबह नई दिल्ली से रानी कमलापति स्टेशन (भोपाल) जा रही 12002 शताब्दी एक्सप्रेस में भी खानपान व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। ट्रेन के सी-4 कोच में सफर कर रहे करीब 74 यात्रियों को नाश्ते में ऐसी ब्रेड परोस दी गई, जिसकी उपयोग अवधि 10 जुलाई को ही समाप्त हो चुकी थी। एक यात्री की नजर जब ब्रेड के पैकेट पर अंकित ‘यूज वाइ’ तारीख पर पड़ी तो अन्य यात्रियों ने भी अपने पैकेट जांचे। अधिकांश यात्री तब तक ब्रेड खा चुके थे। यात्रियों ने कैटरिंग एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जबकि कुछ यात्रियों ने उपभोक्ता आयोग के पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है।

 

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ग्वालियर में लापरवाही पर 4 पशु चिकित्सा अधिकारी निलंबित

ग्वालियर. ग्वालियर में शासकीय कार्यों में लापरवाही और बिना अनुमति लंबे समय तक अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग के चार सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अधिकारियों पर बिना अनुमति मुख्यालय से अनुपस्थित रहने, कृत्रिम गर्भाधान और पशुओं के टीकाकरण के लक्ष्य पूरे नहीं करने तथा शासकीय दायित्वों की अनदेखी करने के आरोप हैं। मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
अधिकारी बिना सक्षम अनुमति लंबे समय से अनुपस्थित थे
प्रशासनिक जांच में उपस्थिति पंजी और ई-अटेंडेंस की समीक्षा के दौरान पता चला कि चारों अधिकारी बिना सक्षम अनुमति लंबे समय से मुख्यालय से अनुपस्थित थे। उनकी अनुपस्थिति के कारण शासन की महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित हुईं। कृत्रिम गर्भाधान और पशुओं के टीकाकरण के तय लक्ष्य पूरे नहीं हुए। जांच में इनकी उपलब्धि शून्य पाई गई।
उप संचालक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग की रिपोर्ट और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अनुशंसा के आधार पर कलेक्टर ने कार्रवाई की। प्रथम दृष्टया अधिकारियों द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमों के तहत निलंबन के आदेश जारी किए गए।
इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
अनिल वित्तल, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी, पशु चिकित्सालय पारसेन
विवेक कोटिया, कृत्रिम गर्भाधान उपकेंद्र, भगेह
राजपाल धाकड़, पशु चिकित्सालय कामधेनु नगर मेला ग्राउंड
अंतिमा यादव, पशु चिकित्सालय भितरवार

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