जून में लगातार छठे महीने महंगाई बढ़ी
नई दिल्ली. आलू-अदरक समेत खाने-पीने की चीजों के दाम फिर बढने से रिटेल महंगाई लगातार छठे महीने बढी है। जून में यह 4.38 प्रतिशत पर पहुंच गई है। जनवरी में यह 2.74 प्रतिशत थी। वही एक महीने पहले मई मंे 3.93 प्रतिशत थी। यानी यह लगातार छठा महीना है जब महंगाई बढी है। वहीं जनवरी 2025 के बाद यह पहला मौका है जब महंगाई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के 4 प्रतिशत के मिड टारगेट के पार निकल गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 13 जनवरी को महंगाई के ये आंकडे जारी किए है।
ब्याज दें बढने की आशंका
भले ही मौजूदा महींगाई अभी भी आरबीआई के 2 प्रतिशत से 6 प्रतिशत के टॉलरेंस बैंड के भीतर है लेकिन कीमतों में आगे और बढोतरी केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें बढाने के लिए मजबूर कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो अपने वाली तिमाहियों में देश की आर्थिक ग्रोथ पर असर पड सकता है। जून में ही आरबीआई ने अल नीनो परिस्थितियों के कारण कम मानसून की आशंका और बढती एनर्जी कीमतों के दोहरे रिस्क को देखते हुए आने महंगाई के अनुमान को 4.6 प्रतिशत से बढाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया था।
फूड इंफ्लेशन जून में बढकर 5.32 प्रतिशत पर पहुंची
खाने-पीने के सामानों की महंगाई यानी फूड इंफ्लेशन जून में बढकर 5.32 पर पहुंच गई है। मई में यह आंकडा 4.38 प्रतिशत पर था।

