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पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के 22 रूपये दाम घटाये

नई दिल्ली. पाकिस्तान सरकार ने एक बार फिर से पेट्रोल-डीजल के दामों में कटौती की है। इससे पहले पिछले हफ्ते ही 6-7 रूपये पेट्रोल-डीजल के दाम कम किये थे। अब एक बार फिर ईधन की कीमतों में कटौती की है। पेट्रोल-डीजल के दाम को 22 रूपये प्रतिलीटर तक कम किया गया है।
पेट्रोल पर 22 रूपये और हाईस्पीड डीजल (एचएसडी) पर 22 रूपये प्रतिलीटर कटौती की गयी है। अब पेट्रोल की कीमत 380 रूपये प्रतिलीटर हो चुका है। डीजल के दाम 381 रूपये प्रतिलीटर हो चुका है। यह कटौती ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल के दाम में गिरावट के बाद आयी है।
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में एक सप्ताह के दौरान 11 प्रतिशत की गिरावट आयी है। क्योंकि ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौता होने की चर्चा हो रही है। प्रस्ताव पर अमेरिका विचार कर रहा है। हालांकि कुछ तीखे बयान भी आये है।जिससे तनाव बना हुआ है। खासकर होर्मुज को लेकर अभी सहमति बनती हुई नहीं दिख रही है।

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ईरान की तरह चीन भी मिसाइलों को रखने तैयार कर रहा है पाताल लोक

नई दिल्ली. चीन के दूर-दराज के रेगिस्तानी इलाके में एक विशाल सैन्य परिसर तेजी से विकसित किया जा रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह परिसर ऐसा बनाया जा रहा है कि अगर अमेरिका ने चीन के परमाणु हथियारों पर पहला हमला भी कर दिया तो भी चीन के पास जवाबी हमला करने की पूरी ताकत बनी रहें।
सैटेलाइट इमेजरी से पता चलता है कि चीन अपने सबसे लम्बी दूरी की मिसाइलों वाले साइलो इलाके के पास सैकड़ों लांच पैड, बंकर और कम्युनिकेशन नेटवर्क बना रहा है। यह निर्माण चीन की परमाणु शक्ति को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा गदम है। चीन से पहले से ही ऐसा मिसाइलों बना चुका है जो अमेरिका के किसी भी शहर तक पहुंच सकती है। अभी वह इन मिसाइलों को और सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिये बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है।

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होर्मुज पर तनाव-अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर फिर से किये हमले, 3 धमाकों से हिल गया बंदर अब्बास

नई दिल्ली. अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तानी मध्यस्थता से हुआ अस्थाई सीजफायर टूटने की दहलीज पर पहुंच गया गया है। वजह, अमेरिकी सेना ने एक बार फिर ईरान पर एयरस्ट्राइ की है। बुधवार-गुरूवार की रात ईरान के अन्दर एक और बड़े हवाई हमले को अंजाम दिया है। ऐसा बताया जा रहा है कि करीब रात 1.30 बजे स्थानीय समयानुसार बंदर अब्बास शहर के पूर्वी हिस्से से 3 धमाकों की आवाजें सुनाई दी। धमाकों का सटीक जगह और स्त्रोत अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया है कि अमेरिकी सेना ने रातभर ईरान में नये हमले किये। जिसमें एक ऐसे सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया है। जिसके बारे में अधिकारियों का मानना था कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी सेना और कमर्शियल समु्रदी आवाजाही के लिये खतरा पैदा कर रहा था। यह कार्यवाही आत्मरक्षा में की गयी है। इस नये हमले के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान द्वारा लांच किये गये कई घातक ड्रोन को भी बीच हवा में ही मार गिराया है।
ईरान समझौते पर ट्रंप के सख्त तेवर
गौरतलब है कि यह पूरी सैन्य कार्रवाई उस वक्त हो रही है जब दोनों देशों के बीच युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने के लिए ओमान और कतर की मध्यस्थता से बैक-चैनल कूटनीतिक बातचीत चल रही है।  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर एक कड़ा और दीर्घकालिक समझौता करने के लिए लगातार दबाव बना रहे है।
कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप के तेवर काफी सख्त नजर आए है। उन्होंने शांति वार्ता पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा, ‘मैं इस (प्रस्तावित समझौते) से अभी संतुष्ट नहीं हूं।  ईरान भले ही समझौता करना चाहता हो, लेकिन या तो हमें अपनी शर्तों पर इसे अंतिम रूप देना होगा, अन्यथा हमें वापस जाकर इस काम को पूरी तरह (सैन्य बल से) खत्म करना होगा ।’
साथ ही ट्रंप ने उन ईरानी दावों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि भविष्य के समझौते के तहत ईरान और ओमान मिलकर होर्मुज के शिपिंग रूट को नियंत्रित करेंगे. ट्रंप ने साफ किया कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग हर हाल में पूरी दुनिया के व्यापार के लिए खुला रहेगा।

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होर्मुज खोलने के लिये तैयार हुआ ईरान, 30 दिन में सामान्य होगा जहाजों का यातायात

नई दिल्ली. ईरान ने एक बड़ा ऐलान किया है कि उसने कहा है कि अगले 30 दिनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की तादाद फिर से पहले जैसी हो सकती है। यानी जंग से पहले जितने जहाज इस रास्ते से गुजरते थे। उतने फिर से गुजरने लगेंगे। इसबयान को दुनियाभर के देश राहत की खबर के तौर पर देख रहे हैं। होर्मुज का रास्ता दुनिया के लाइफलाइन है। युद्ध होने के बाद दुनियाभर के कई मुल्कों में ईधन का संकट खड़ा हो गया है। इकोनॉमी पर बुरा असर पड़ रहा है। अब होर्मुज को 30 दिनों में पहले जैसे करने की बात कहीं जा रही है। यानी युद्ध से पहले जो स्थिति थी वह बहाल की जायेगी। यह तसनीम समाचार एजेंसी की तरफ से जानकारी सामने आई है।
पिछले कुछ माह में मिडिल ईस्ट में तनाव बहुत बढ़ गया था। ईरान और दूसरे देशों के बीच तनातनी की वजह से इस रास्ते से गुजरने वाले जहाज कम हो गये। जहाज मालिक और तेल कम्पनियां डरी हुई है। कहीं उनके जहाज को नुकसान न हो। इस कारण से तेल की सप्ताई धीमी पड़ गयी। दुनियाभर में तेल के दाम और बाजार की हालत पर असर पड़ा रहा है। इन सब के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि अमेरिका, ईरान और उस इलाके के कुछ और देशों के बीच एक समझौता लगभग तय हो गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि इस डील में होर्मुज को फिर से खोलना शामिल है। इसका ऐलान जल्द किया जायेगा।
होर्मुज के खोलने भारत क्या लाभ
होर्मुज का रास्ता अगर पहले की तरह सुचारू हो जाता है तो यह भारत के लिये भी राहत भरी खबर होगी। क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। जिसका एक बड़ा भाग इसी रास्ते से आता है। युद्ध के डर से जहाज होर्मुज का रास्ता नहीं ले रहे हैं। लम्बे रूट से आना पड़ रहा है। इससे बीमा का भी खर्च बढ़ रहा है। रास्ता अगर सेफ होता है तो माल ढुलाई का खर्च घटेगा। इससे सीधेतौर से भारत का निर्यात -आयात में लाभ होगा।

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ट्रेन में सुसाइड अटैक के जोरदार धमाके में 23 लोगों की मौत

इस्लामाबाद. ब्लूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के मजीद ब्रिगेड के एक आत्मघाती हमलावर ने रविवार की सुबह पाकिस्तान के क्वेटा में चमन फाटक के पास क्वेटा कैंट से सैन्य कर्मियों को ले जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को टारगेट एक भीषण फिदायनी हमला किया है। रेलवे ट्रैक के नजदीक हुए इस शक्तिशाली विस्फोट में कम से कम 23 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। 53 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गये।

धमाके से जुड़ी 3 तस्वीरें…

धमाके के बाद रेलवे ट्रैक से उठता धुएं का गुबार।
धमाके के बाद रेलवे ट्रैक से उठता धुएं का गुबार।
धमाके के बाद रेलवे ट्रैक पर आग लग गई और ट्रेन के कई डिब्बे पलट गए।
धमाके के बाद रेलवे ट्रैक पर आग लग गई और ट्रेन के कई डिब्बे पलट गए।
धमाके वाली जगह पर मौजूद पुलिस और बचाव कर्मी।
धमाके वाली जगह पर मौजूद पुलिस और बचाव कर्मी।

विस्फोट की वजह से यात्री ट्रेन की एक बोगी पूरी तरह से जलकर राख हो गयी। जबकि ट्रैक के आसपास स्थित कई घरों और वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंची है। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस ऑफिसर तत्काल घटनास्थल पर एकत्र हो गये। राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। सुरक्षाबलों ने पूरे प्रभावित इलाके की घेराबंदी कर दी है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल भर्ती कराया गया है। जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। ब्लूच लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता ने मीडिया को बयान जारी कर इस फिदायीन हमले की जिम्मेदारी ली है।
ब्लूच लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता जीयंद ब्लूच के अनुसार संगठन की सुसाइड अटैक यूनिट मजीद ब्रिगेड ने इस हमले का अंजाम दिया है। यह ट्रेन क्वेटा कैंट से पाकिस्तानी सेना के जवानों को लेकर जा रही थी। जिसे निशाना यह धमाका किया गया था। इस ऑपरेशन से संबंधित विस्तृत जानकारी, साथ ही हमले के परिणामस्वरूप दुश्मन को हुए नुकसानों केबारे में जल्द ही मीडिया को एक आधिकारिक बयान में जानकारी दी जायेगी।
‘एक बोगी जलकर राख’
क्वेटा पुलिस के मुताबिक, चमन फाटक के पास हुआ ये धमाका इतना भीषण था कि जाफर एक्सप्रेस की एक पूरी बोगी आग की लपटों में घिरकर पूरी तरह राख हो गई है। रेलवे ट्रैक के आसपास बने कई रिहायशी मकानों की दीवारें ढह गईं और वहां खड़े वाहन भी इस ब्लास्ट की चपेट में आकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए है।
धमाके के तुरंत बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. पुलिस के आला अधिकारी और स्थानीय निवासी तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे व जलती हुई बोगी से पीड़ितों को बाहर निकाला रहे है।  पुलिस ने बताया कि इस हादसे में घायल हुए 53 लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत बेहद नाजुक है।

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व्हाइट हाउस के पास हुई फायरिंग में 25 राउंड चले, फायरिंग के वक्त परिसर में मौजूद थे राष्ट्रपति ट्रंप, हमलावर मारा गया

वॉशिंगटनत्र अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में प्रेसिडेंशियल कॉम्प्लेक्स ‘‘व्हाइट हाउस’’ के पास रविवार को गोलीबारी की घटना सामने आई है। घटना के वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में ही मौजूद थे। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार व्हाइट हाउस के पास फायरिंग करने वाला संदिग्ध हमलावर यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस के जवानों की जवाबी कार्यवाही में घायल हो गया है। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गयी। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार एक और व्यक्ति के घायल होने की खबर है।
घटनास्थल पर मौजूद एक रिपोर्टर के अनुसार व्हाइट हाउस परिसर के बाहर लगभग 25 गोलियां चलने की आवाज सुनी गयी है। अधिकारियों ने बताया है कि स्थिति काबू में है। फायरिंग की घटना से किसी भी सुरक्षाकर्मी के घायल होने की खबर नहीं है। फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (FBI) के डायरेक्टर काश पटेल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट मेे घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा है कि एफबीआई की टीम घटनास्थल पर मौजूद है। सीक्रेट सर्विस की हेल्प कर रही है। काश पटेल ने कहा है कि जांच जारी है। जैसे-जैसे जानकारी मिलेगी तो जनता को अपडेट दिया जायेगा।
हमलावर की मिली जानकारी
व्हाइट हाउस पर हमला करने वाले व्यक्ति की पहचान नेसिर बेस्ट के रूप में हुई है। न्यू यॉर्क पोस्ट के मुताबिक, खुद को यीशु मसीह समझने वाले इस व्यक्ति ने व्हाइट हाउस के चेकपॉइंट पर गोलीबारी की, जिसे सीक्रेट सर्विस ने नाकाम कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, नेसिर बेस्ट की उम्र 21 साल है। उसने रिवॉल्वर से कुछ राउंड फायर किए, लेकिन तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे मार गिराया गया।

 

 

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राष्ट्रपति ट्रम्प की बेटी इवांका की हत्या की कोशिश, IRGC ने की थी प्लानिंग

नई दिल्ली. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी इवांका की हत्या की खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ है। ईरान की सेना ‘‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से ट्रेनिंग पाये एक खतरनाक आतंकवादी ने इवांका ट्रम्प की जान लेने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था।
‘द पोस्ट’ अखबार को मिली जानकारी के अनुसार, यह आतंकी 6 वर्ष पहले अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गये अपने गुरू और ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेना चाहता था।सुरक्षा एजेंसियों ने इवांका ट्रम्प की हत्या का प्लान बना रहे आतंकी को दबोचा है। उसकी पहचान 32 साल के मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी के तौर पर हुई है। वह इराकी नागरिका बताया जा रहा है।
‘हमें इवांका को मारना होगा’
वाशिंगटन में इराकी दूतावास के पूर्व डिप्टी मिलिट्री अटैची एंतिफाध कनबर ने इस आतंकी के इरादों के बारे में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, ‘कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद, अल-सादी लोगों से कहता फिर रहा था कि हमें इवांका ट्रंप को मारना होगा।  वो कहता था कि हमें ट्रंप के पूरे घर को उसी तरह जलाकर खाक कर देना चाहिए, जिस तरह उसने हमारे घर (कमांडर सुलेमानी) को तबाह किया था। ‘ आरोपी अल-सादी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार, खासकर उनकी बेटी इवांका ट्रंप को जान से मारने की कसम खाई थी।  जांच के दौरान सुरक्षा बलों को अल-सादी के पास से फ्लोरिडा में मौजूद इवांका ट्रंप के आलीशान घर का पूरा ब्लूप्रिंट भी बरामद हुआ है। वो काफी समय से उनके घर की रेकी कर रहा था।

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पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान की हत्या

नई दिल्ली. पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमला बुरहान को पाकिस्तान के अज्ञात युवकों ने गोली मार कर हत्या कर दी है। सूत्रों के अनुसार हमले में इस आतंकी की मौत हो गयी है। आतंकी हमजा बुरहान को पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में गाली मारी गयी है। हमला बुरहान पिछले साल पुलवामा में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड में से एक शख्स था। यह शख्स पाकिस्तान में स्वयं का टीचर बताता था।पुलवामा हमला 14 फरवरी 2019 को हुआ था। जब आतंकियों ने सेना के काफिल का टारगेट किया था। इस आतंकी हमले में 40 से अधिक जवान शहीद हो गये थे।

पुलवामा अटैक में 40 CRPF जवान शहीद हुए थे

ये तस्वीर पुलवामा हमले के कुछ देर बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाबलों की है। तस्वीर में दिख रही गाड़ी पर सवार होकर ही आतंकियों ने इस दर्दनाक हादसे को अंजाम दिया था।
ये तस्वीर पुलवामा हमले के कुछ देर बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाबलों की है। तस्वीर में दिख रही गाड़ी पर सवार होकर ही आतंकियों ने इस दर्दनाक हादसे को अंजाम दिया था।

जानकारी के मुताबिक आतंकी हमजा बुरहान को अज्ञात शख्स ने मुजफ्फराबाद में गोली मारी।  ये घटना तब हुई जब ये आतंकी अपने ऑफिस में बैठा हुआ था।  हमजा बुरहान पुलवामा हमले के साजिशकर्ताओं में शामिल था।  वह खुद को पाकिस्तान में टीचर बताता था।  2019 के बाद से कई आतंकी घटनाओं में शामिल रहा था। वह PoK के इलाके में कई आतंकी संगठनों को ट्रेनिंग दे रहा था।  साथ ही बॉर्डर इलाके में वह आतंकियों को घुसपैठ कराने में मदद करता था।

पुलवामा हमला और भारत का ऑपरेशन बालाकोट
14 फरवरी 2019 को दोपहर करीब 3:15 बजे जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर एक भयानक आतंकी हमला हुआ। पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी और स्थानीय कश्मीरी युवक आदिल अहमद डार ने 300-350 किलो IED से भरी SUV को CRPF के काफिले की एक बस में घुसा दिया।  इसमें 40 CRPF जवान शहीद हो गए और कई घायल हुए।  यह 1989 के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर सबसे घातक हमला था।  जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। हमले के 12 दिन बाद 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ट्रेनिंग कैंप पर सर्जिकल एयर स्ट्राइक किया। इसमें बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए।

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डिप्लोमैसी इतनी चॉकलेटी कैसे बनी, मेलोडी ने बताया

नई दिल्ली. 2 ग्लोबल लीडर्स, एक भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी और दूसरी इटली की फायरब्रांड पीएम जॉर्जिया मेलोनी। बैठक में सीरियस टॉक्स चल रहे हैं। ट्रेड, डिफेंस, टेक्नोलॉजी, एआई। फिर उन्ही बातों को ज्वॉइंट प्रेस कॉफ्रेंस में आकर दोहराया जाये। कुछ डिप्लोमैटिक सर्कल्स में बैठे लोगों और फॉरेन पॉलिसी कवर करने वाले मीडिया की ही उसमें रूचि हो सकती है।
लेकिन इन सब रस्मो-रिवाज को परे रखकर अचानक मोदी 50 रूपये का मेलोडी चॉकलेट पैकेट निकालकर मेलौनी को गिफ्ट कर देते हैं। मेलोनी मुस्कुराते हुए कहती है प्रधानमंत्री मोदी ने हमें गिफ्ट दिया… बहुत अच्छी टॉफी मेलोडी और यह वीडियो पोस्ट सोशल मीडिया पर सनसनी बन जाती है।
मोदी-मेलोनी मास्टरक्लास
आज का टाइम है जहां लीडर्स सिर्फ पॉलिसी नहीं, पर्सनालिटी का भी ट्रांजेक्शन करते है। मोदी जी दशकों से कर रहे है।  चाय पर चर्चा, मन की बात, सोशल मीडिया. मेलोनी भी उसी क्लास में. अगली बार जब कोई कहे कि ‘पॉलिटिक्स बोरिंग है।’, #मेलोडी मोमेंट याद दिला दो. ₹50 का चॉकलेट पैकेट इंटरनेशनल हेडलाइंस बना सकता है. डिप्लोमेसी कभी इतनी स्वीट नहीं थी।
मेलोडी मीम्स में रोमांटिक फिल्टर्स, बॉलीवुड डायलॉग, ‘इंगेजमेंट फार्मिंग’ जोक्स। एक तरफ बोला गया ‘डिप्लोमेसी स्वीट हो गई’, दूसरी तरफ ‘मोदी जी पारले प्रमोट कर रहे’। पारले बिक भी जाता तो मोदी और मेलोनी जैसे इन्फ्लुएंसर को अपने ब्रांड प्रमोशन के लिए हासिल नहीं कर पाता। असली बात ये है कि दोनों समझते हैं कि पर्सनल केमिस्ट्री से दो देशों के बीच ब्रिज बनता है।  फॉर्मल टॉक्स जरूरी हैं, लेकिन ह्यूमन टच रिलेशन को लॉन्ग-लास्टिंग बनाता है। चॉकलेट गिफ्ट सिर्फ मीम के लिए नहीं है, ये सिग्नल भी था। ‘हम फॉर्मल भी हैं, कैजुअल भी, और भारत-इटली की दोस्ती स्वीट है।’.

 

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तेल की कीमत 110 डॉलर के पार, दहशत में दुनिया, नहीं माना ईरान तो होर्मुज में होगी नाटो की एंट्री

होर्मुज को लेकर होने वाली है नाटो की बड़ी बैठक. (Photo: AP)

नई दिल्ली. अमेरिका -ईरान में कब बात बनेगी। दुनिया इसका इंतजार कर रही है। दूसरी तरफ कच्चे तेल के दाम फिर से दहशत फैलाती नजर आ रही है। ग्लोब टेंशन कम होने का नाम नहीं ले रही है। यह सब है यूएस-ईरान के बीच तेल -गैस आवाजाही के लिये सबसे अहम समुद्री रूट होर्मुज ऑफ स्ट्रेट की वजह से जिसे ईरान ने बन्द कर रखा है तो इसके आसपास अमेरिका की नाकाबंदी चल रही है। इस सबसे बड़े संकट को कम करने के लिये अब होर्मुज में नाटो की एंट्री हो सकती है। इसके कुछ सदस्य देशों का अब मानना है कि अगर नाकाबंदी जारी रही है। ईरान न माना तो ऐसा करना आवश्यक हो सकता है। जिससे इस समुद्री रूट से जहाजों की आवाजाही सुचारू करने में मदद मिलेगी।
नाटो का रूख में अचानक बदला
ब्लूमबर्ग ने अपनी नयी रिपोर्ट में मंगलवार का नाटो गठबधन के वरिष्ठ अधिकारियों और राजनायिकों का हवाला देते हुए बताया है कि नाटो इस बाद पर चर्चा कर रहा है कि अगर ईरान जुलाई की शुरूआत तक स्ट्रेटिजिक समुद्री रूट होर्मुज स्ट्रेट को फिर से नहीं खोलता है। यहां से जहाजों को गुजरने में मदद कैसे की जाये। ये चर्चाये ईरान से जुड़े अमेरिका -इजरायल संघर्ष में प्रत्यक्ष भागीदारी के प्रति कई यूरोपीय सदस्यों के माह के प्रतिरोध के बाद बड़े बदलाव का संकेत है। क्योंकि ट्रम्प के अनुरोध को पहले कई नाटो देशों ने ठुकरा दिया था।
अप्रैल में, नाटो के सहयोगियों ने सार्वजनिक रूप से क्षेत्र में नाकाबंदी अभियान का समर्थन करने के लिए ट्रम्प की अपील को खारिज कर दिया है। रिपोर्ट की मानें, तो अब इस प्रस्ताव को कई नाटो देशों का समर्थन मिल चुका है, हालांकि अभी तक सर्वसम्मति से सभी का समर्थन नहीं मिला है।
‘अंकारा’ की बैठक में होगा फैसला
Hormuz Strait से होकर दुनिया की कुल जरूरत का करीब 20 फीसदी तेल और गैस की आवाजाही होती है और इसमें आई रुकावट के चलते तमाम देशों में तेल-गैस का संकट गहराया हुआ है।   कच्चे तेल की कीमतों में इजाफे से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं, महंगाई भी कोहराम मचाती नजर आ रही है।

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