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भूकंप-जापान में कुदरत का कहर, भूकंप की तीव्रता 7.1 से कापी धरती

जापान के सरकारी मीडिया NHK की तरफ से जारी फुटेज में भूकंप के झटके कैद हुए। - Dainik Bhaskar

नई दिल्ली. जापान के क्यूशू द्वीप पर मंगलवार को 7.1तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया है। यह भूकंप कुमामोतो इलाके में आया और इसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गयी है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (जेएमए) के अनुसार भूकंप के बाद 1 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गयी है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गयी है। इस दौरान चीन में धरती हिली है। चीन के किंघाई में 5.0 तीव्रता भूकंप दर्ज किया गया है।
जापान सरकार ने कुमामोतो के अलावा नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा, ओइता और मियाजाकी प्रांतोें में भी आपातकालीन भूकंप चेतावनी जारी की है। यह सभी इलाके क्यूशूद्वीप पर स्थित है। यह जानकारी न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने दी है। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आयी है। स्थानीय प्रशासन भूकंप से हुए असर का आकलन कर रहा है। साथ ही सुनामी के खतरे पर भी लगातार नजर बनाये हुए है। आपातकालीन टीमें अलर्ट पर हैं और स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।

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पीओके में हुई फायरिंग में 8 की मौत, मतदान का लोगों ने किया था बहिष्कार

मुजफ्फराबाद. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सोमवार को सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग कर दी। इसमें 8 लोगों की मौत का दावा किया गया है। दरअसल, सोमवार को पीओके में प्रथम चरण के विधानसभा चुनाव थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें बहुत कम मतदान हुआ है। कई इलाकों में लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया था। इस दौरान हजारों लोग चुनाव प्रक्रिया और पाकिस्तान सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर राजधानी मुजफ्फराबाद की तरफ मार्च कर रहे थे।
चुनाव से पूर्व क्यों भड़का पूरा इलाका
इन प्रदर्शनों का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर ज्वॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) कर रहे है। सरकार ने 5 जून को प्र्रस्तावित प्रदर्शन से कुछ दिन पहले ही इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद संगठनों के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया है। कुछ नेता भूमिगत हो गये, जबकि कुछ अब भी पुंछ डिवीजन के मुख्यालय रावलकोट में धरनास्थलों से आन्दोलन चला रहे है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़पों में लगभग 40 लोगों की मौत हो चुकी है। कई जगह लगातार धरने ओर सड़क जाम हुए है।
इतनी स्थिति खराब हो गयी कि बैंक लगातार 2 सप्ताह तक बंद रहे। अधिकांश इलाकों में मोबाइल और इंटरनेट पूरी तरह बन्द कर दिया गया है। भारती की सीमा से सटा पुंछ डिवीजन, जहां सबसे अधिक विरोध प्रदर्शन हुए। कई सप्ताह तक करीब पूरी तरह से सील रहा है। इससे वहां आटा और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। सरकार और अदालत का कहना है कि इन सीटों को केवल संविधान संशोधन के माध्यम से ही हटाया जा सकता है।

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भारत की पहली बुलेट ट्रेन-15 अगस्त 2027 से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, 12 स्टेशनों पर स्टॉपेज, 2 घंटे में 600 किमी का सफर तय करेगी

नई दिल्ली. भारत की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच शुरू होने वाली है। इसके लांच की तारीख भी तय कर ली गयी है। हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट मुंबई से अहमदाबाद बुलेट ट्रेन अगले साल 15 अगसत 2027 से चरणबद्ध तरीके से ऑपरेशनल होने के लिये तैयार है।
बुलेट ट्रेन की स्पीड होगी?
बुलेट ट्रेन जब फुल स्पीड में होगी तो 320 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दोड़ेगी। जबकि अहमदाबाद-मुंबई के बीच औसतन 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार बुलेट ट्रेन अगले से दौडे़गी। आपको बता दें कि फिलहाल सबसे हाई स्पीड ट्रेनों के जरिये अहमदाबाद के बीच यात्रा करने में करीब 6 घंटे का वक्त लगता है। बुलेट ट्रेन की शुरूआत के बाद यह दूरी महज 2 घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे न केवल यात्रियों के कीमती समय की बचत होगी। बल्कि दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक गतिविधियां भी बढ़ने वाली है।
जापानी तकनीक का उपयोग
यह मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का पहला चरण होगा। कॉरिडोर के एक हिस्से पर बुलेट ट्रेन की शुरूआत होगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरा रेल मार्ग शुरू हो जायेगा। यह कॉरिडोर जापान की प्रसिद्ध शिंकासेन सिस्टम पर बेस्ड है। जो अपने बेहतरीन सेफ्टी कार्ड, टाइमबाउंड, भूकंपरोधी इंजीनियरिंग और एडवांस्ड सिग्नलिंग सिस्टम के लिये जानी जाती है। जपान भारत में इस प्रोजेक्ट के लिये तकनकी के साथ ही वित्तीय मदद भी दे रहा है।
12 स्टेशनों पर होगा स्टॉपेज
बुलेट ट्रेन की शुरुआत से जुड़ी खबर के साथ ही ये भी सामने आया है कि मुंबई और अहमदाबाद के बीच ये हाई स्पील रेल कितने स्टेशनों पर रुकेगी। बिजनेस टुडे पर छपी रिपोर्ट में बताया गया कि बुलेट ट्रेन कॉरिडोर महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा और नगर हवेली से होकर 508 किमी तक फैला हुआ है। इसमें जिन 12 प्रमुख स्टेशनों स्टॉपेज तय किए गए हैं. उनमें मुंबई (BKC), ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं।

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ट्रम्प का कहर अब ईरान टूटेगा, 50 फायटर जेट भेजे मिडिल ईस्ट

नई दिल्ली. ईरान के साथ चल रहे युद्ध के संघर्ष में अमेरिका ने अपनी हवाई ताकत तेजी से बढ़ा दी गयी है। सेंटकॉम क्षेत्र यानी मिडिल ईस्ट में 50 से अधिक अतिरिक्त फायटर जेट भेजे गये है। यह कदम ईरान पर हमलों को और तेज करने और युद्ध के इलाके में तनाव बढ़ने की तैयारी का संकेत देता है। अमेरिका अब ईरान की मिसाइल और ड्रोन की क्षमता का और कमजोर करने के लिये बड़े पैमाने पर हवाई अभियान चला सकता है।
कौन से जेट कहां से भेजे गये
आरएफ लेकेनहैथ से 15एफ-35ए और 12 एफ-15
एवयानो एयरबेस से 12 एफ-16
स्पैंगडाहलेम एयरबेस से 12 एफ-16
न्यूयॉक टाइम्स ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि जर्मनी से एफ -16 और ब्रिटेन से एफ-35 भी भेजे जा रहे है। एरियल रिफ्यिूलिंग एयरक्राफ्ट भी भेजे गये है जो लम्बी दूरी के हमलों के लिये जरूरी है।
आगे क्या होने वाला है?
रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की यह तैनाती सिर्फ बचाव नहीं, बल्कि आक्रामक रुख है. F-35 और F-15 जैसे एडवांस जेट्स ईरान की एयर डिफेंस को भेद सकती हैं. इससे ईरान पर दबाव बढ़ेगा और वह होर्मुज में अपनी रणनीति बदल सकता है. दूसरी तरफ, ईरान ड्रोन-मिसाइल पर भरोसा कर रहा है. जॉर्डन हमला इसका उदाहरण है. लेकिन अमेरिका की बढ़ती हवाई ताकत के सामने ईरान को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. यह तैनाती क्षेत्रीय सहयोगी देशों – जॉर्डन, सऊदी अरब, यूएई को सुरक्षा देती है. लेकिन पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से युद्ध फैलने का खतरा है.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हो रहे हमले से आया संकट, भारत अलर्ट, तेल -गैस आयात के लिये बदला रास्ता

नई दिल्ली. अमेरिका-ईरान के बीच फिर से युद्ध छिड़ने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर तनाव काफी ज्यादा बढ़ चुका है। अधिकतर जहाज होर्मुज के बजाय बैकल्पिक रास्ते को जपना रहे हे। एस एंड पी ग्लोबज एनर्जी के नये रिसर्च के मुताबिक, जंग फारस की खाड़ी से तेल एलएनजी और निर्यात को तेजी से कम कर रही है। जबकि 17 जून को समझौता होने के बाद से तेल और गैस का निर्यात तेजी से बढ़ा था और अब यह कम हो चुका है। इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि भारत होर्मुज जनडमरू मध्य में बढ़ते रिस्क से बचने के लिये कच्चे तेल और एलएनजी के आयात को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान केक रास्ते मोड़ रहा है। इसका मतलब है कि भारतअ पने तेल-गैस की आपूर्ति पूरी करने के लिये वैकल्पिक रास्तों को अपना रहा है।
ईरान की वैकल्पिक रास्तों पर दी हमले की चेतावनी
वहीं, दूसरी ओर मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके तेल एक्सपोर्ट को रोका गया है तो वह फुजैरा पाइपलाइन और सऊरी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन सहित अन्य वैकल्पिक रास्तों को निशाना बना सकता है।

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यूएस के 3 हमलों में धाराशाई हुआ चाबहार का आइकॉनिक टॉवर, भारत को हुआ अरबों रूपये का नुकसान

नई दिल्ली. ईरान के चाबहार पोर्ट पर भीषण अमेरिकी हमले में आखिरकार इस पोर्ट का आइकॉनिक मैरीटाइम ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर ध्वस्त हो गया। इस टॉवर को गिराने के लिये अमेरिकी ने एक नहीं 3-3 बार बार हमले किये। पहला हमला 8 जुलाई को हुआ, 15 जुलाई को अमेरिका ने इस पर फिर मिसाइल दागे। लेकिन 16 जुलाई का रात को भीषण हमले के बाद आखिकार ये टॉवर ध्वस्त हो गया। चाबहार तेहरान का मुख्य समुद्री गेटवे है जो होर्मुज स्ट्रेट से होकर नहीं गुजरता है। चाबहार का ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर तबाह होने से शिपिंग में रूकावट आ सकती है। लागत बढ़ सकती है और खाड़ी के बाहर ईरान की बची हुई कुछ आर्थिक जीवन रेखाओं में से एक पर और दबाव पड़ सकता है।
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक चाबहार फ्री जोन ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख मोहम्मद सईद अरबाबी ने पुष्टि की है कि जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाला टॉवर नष्ट हो गया है। ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया है कि हमलों में बंदरगाह पर 2 समुद्री पियर्स (घाट) को भी नुकसान पहुंचा है। जिनमें शहीद बेहेश्ती डॉक भी शामिल है। यह समुद्र के किनारे विकसित एक समुद्री परिवहन सुविधा है। इसे भारत की भागीदारी से विकसित किया गया था।
क्या भारत का निवेश डूब गया?
भारत का निवेश डूब गया, ऐसा कहना ठीक नहीं होगा। अमेरिकी प्रतिबंध के बीच भारत चाबहार में अपने निवेश पर धीरे धीरे काम कर रहा है।   लेकिन अमेरिकी हमले निश्चित रूप से भारत के लिए झटका है।   भारत अपने स्तर पर लगातार अमेरिकी प्रशासन से संपर्क में है।   गौरतलब है कि चाबहार से न सिर्फ ईरान का फायदा है बल्कि अफगानिस्तान के लिए भी व्यापारिक गतिविधियों में उतरने का मौका है।
भारत के लिए असली चिंता प्रत्यक्ष वित्तीय नुकसान से ज्यादा रणनीतिक नुकसान है। चाबहार भारत की उस योजना का केंद्र है, जिसके जरिए वह पाकिस्तान को बायपास कर अफगानिस्तान, मध्य एशिया और रूस तक पहुंच बनाना चाहता है।  यदि हमलों के कारण बंदरगाह का संचालन लंबे समय तक बाधित रहता है, तो व्यापार, शिपिंग, बीमा लागत और INSTC कॉरिडोर की योजनाएं प्रभावित हो सकती है।  अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण इस निवेश से अपेक्षित आर्थिक और रणनीतिक लाभ मिलने की गति काफी धीमी हो गई है, और हर नए प्रतिबंध या सैन्य तनाव के साथ परियोजना पर अनिश्चितता बढ़ जाती है।

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बलोच आर्मी द्वारा पाक सेना पर किये गये हमले में 45 सैनिकों की मौत, बस को बम से उड़ाया

नई दिल्ली. बलोचिस्तान में पाकिस्तान की सुरक्षा चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही है। बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने मस्तुंग जिले के खडकोचा इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के काफिले पर बड़ा हमला किया है। संगठन के अनुसार इस हमले में 45 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक मारे गये है। जबकि कई अन्य घायल हुए है।
बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलोच की ओर से जारी किये गये बयान में कहा गया है कि इस हमले को संगठन की ‘फतह स्क्वाड’ ने अंजाम दिया है। ऐसा दावा किया गया कि निशाने पर पाकिस्तान सेना के जवानों को ले जा रही बसें, उनके सुरक्षा एस्कॉर्ट और बाद में घटनास्थल पर पहुंची अतिरिक्त सैन्य टुकडि़यां थी।
संगठन का कहना है कि हमले के बाद दोनों पक्षों के बीच लम्बे समय तक मुठभेड जारी रहीं। बीएलए ने दावा किया है कि वह इस कार्यवाही के दौरान 45 से ज्यादा सैनिक मारे गये है। दर्जनों घायल हुए है। संगठन ने यह भी कहा है कि संघर्ष जारी रहने की वजह से मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। बीएलए ने अपने बयान में कहा है कि वह जल्द ही इस अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी जारी करेगा। इसमें हमले की पूरी रणनीति, पाकिस्तानी सेना को हुए कथित नुकसान और सैन्य उपकरणों के नुकसान का ब्यौरा भी साझा करने की बात कहीं गयी है। हालांकि पाकिस्तानी सेना या सरकार की ओर से बीएलए के इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है।
गौरतलब है कि हाल के माह में बलोचिस्तान मे ंबीएलए ने पाकिस्तान की सेना, अर्द्धसैनिक बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों पर कई बड़े हमलों की जिम्मेदारी ली है। इससे क्षेत्र में सुरक्षा हालात तनावपूर्ण बने हुए है। पाकिस्तान सरकार पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है।

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होर्मुज को लेकर यूएस और ईरान आमने-सामने, महासंग्राम जारी

नई दिल्ली. अमेरिका-ईरान के बीच तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।ईरान की नौसेना की ओर से होर्मुज स्ट्रेट का अगले नोटिस तक बंद रखने का ऐलान किया गया तो अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर भीषण हमला कर दिया। ईरान की तरफ से भी जवाबी हमले शुरू हो गये है। जिससे हालत फिर से बिगड़ते जा रहे हैं। एक बार फिर अमेरिका -ईरान के बीच हमलों का दौर तेज हो गया है। इस दौरान कुछ रिपोर्ट के अनुसार ईरान पर अमेरिका हवाई हमलों में एक और ईरानी सैनिक के मारे जाने की खबर है।
आपको बता दें कि यह विवाद तब भड़का जब ईरान ने होर्मुज रूट को अगले नोटिस तक बन्दर का ऐलान कर दिया और कुछ हीघंटों के बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और रणनीतिक इलाकों पर हवाई हमला बोल दिया। अमेरिका ने ईरान की न्यूक्लीयर सिटी बुशहर सहित कई शहरों को टारगेट किया। दरअसल अमेरिका -ईरान के युद्ध में स्ट्रेट ऑर होर्मुज सबसे महत्वपूर्ण और खतरनाक मोर्चा बनकर उभरा, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच तनातनी लम्बे समय तक जारी रहीं। यही कारण है कि अमेरिका -ईरान की बातचीत में भी होर्मुज पर लम्बी चर्चा हुई है।

 

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ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद किया तो टूट पड़ा अमेरिका, तेल-गैस की सप्लाई पर बढ़ा खतरा

नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध के बादल गहरा गये हैं। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ दिनों से बढ़ा तनाव अब खुले सैन्य टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है। ईरान ने रविवार को दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गो में से एक होर्मुज स्ट्रेट को अगली नोटिस तक बन्द करने की घोषणा कर दिया। इसके कुछ ही घंटे बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैनय ठिकानों और रणनीतिक इलाकों में ताजा हवाई हमले कर दिये। दोनों देशों के बीच बढ़ती तकरार वैश्विक तेल और गैस सप्लाई के लिये एक बार फिर बड़ा खतरा बन गयी है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने बयान जारी कर कहा है कि एक जहाज ने तय समुद्री मार्ग का पालन नहीं किया और अपने नेविगेशन सिस्टम भी बन्द कर दिये थे। चेतावनी के बावजूद जहाज ने रास्ता नहीं बदला। जिसके बाद उसे निशाना बनाया गया। IRGC का दावा है कि कई अन्य जहाजों ने भी बिना मंजूरी वाले रास्तों से गुजरने का प्रयास किया। इसके बावजूद ईरान ने पूरे होर्मुज स्ट्रेट को अगले आदेश तक बन्द करने का फैसला लिया है।

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वितयनाम के पर्यटकों की बोट पलटी, 15 भारतीय की मौत, 32 भारतीय पर्यटक सवार थे, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश क पर्यटक सवार थे

वियतनाम में शनिवार को टूरिस्ट बोट पलट गई। - Dainik Bhaskar

नई दिल्ली. वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास शनिवार को भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक नाव समुद्र में पलट गयी। इस दर्दनाक हादसे में 15 भारतीयों की मौत हो गयी। जबकि 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के तत्काल बाद स्थानीय प्रशासन का राहत बचाव अभियान शुरू हो गया। फिलहाल भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाये हुए है। स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। प्रभावित परिवारों की मदद के लिये हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में इमरजेंसी रिस्पॉंस सेंटर भी बनाये हुए है।
रूट न्गोआई द्वीप जा रहे थे पर्यटक
बोट भारतीय पर्यटकों को फु क्वोक द्वीप के पास स्थिति ‘होन मे रूट’ से न्गोगाई द्वीप घुमाने ले जा रही थी। लेकिन यह तट से करीब 400 मीटर पहले ही पलट गयी। न्गोंआई द्वीप अपने साफ समुद्र , छोटे बीच और कोरल रीफ ड्राइविंग के लिये मशहूर है। यहां पहुंचने के लिये पर्यटक आमतौर पर एन थोई बंदरगाह से बोट या स्पीडबोट किराये पर लेते हैं।

हादसे की 5 तस्वीरें…

स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
समुद्र में डूबी हुई बोट दिख रही है और पास ही रेस्क्यू टीम नजर आ रही है।
समुद्र में डूबी हुई बोट दिख रही है और पास ही रेस्क्यू टीम नजर आ रही है।
हादसे के बाद कुछ लोगों ने CPR देकर टूरिस्टों की मदद की कोशिश की।
हादसे के बाद कुछ लोगों ने CPR देकर टूरिस्टों की मदद की कोशिश की।
हादसे के बाद भारतीय दूतावास लगातार वियतनामी एजेंसियों के संपर्क में है।
हादसे के बाद भारतीय दूतावास लगातार वियतनामी एजेंसियों के संपर्क में है।
समुद्र में डूबे लोगों की बॉडी उठाकर ले जाते स्थानीय लोग।
समुद्र में डूबे लोगों की बॉडी उठाकर ले जाते स्थानीय लोग।

32 भारतीय पर्यटक, 3 क्रू मेंबर और 1 अटेंडेंट

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि नाव में कुल 36 लोग सवार थे. इनमें 32 भारतीय पर्यटक, 3 क्रू मेंबर और 1 अटेंडेंट शामिल थे. हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की जान चली गई, जबकि बाकी 21 लोगों को बचा लिया गया
हादसे की खबर मिलते ही वियतनाम में मौजूद भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करके इस बात की पुष्टि की. दूतावास ने अपने ट्वीट में लिखा, “एक बेहद दुखद घटना में, कुछ घंटे पहले वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई है. हादसे के सटीक विवरण का पता लगाया जा रहा है, स्थानीय अधिकारियों की तरफ से खोज और बचाव अभियान फिलहाल जारी है.”

 

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