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सीरियल ब्लास्ट की थी योजना, जेल में दी गयी ट्रेनिंग, NIA कोर्ट ने लश्कर‘-ए-तैयबा के 7 आतंकियों को सुनाई सजा

नई दिल्ली. NIA  की स्पेशल कोर्ट ने 2023 के बेंगलुरू जेल में कट्टरपंथी बनाने के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए मास्टरमाइंड टी. नसीर सहित 7 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। सभी दोषियों मको 7 साल की सख्त कैद और 48 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई गयी है।इस संबंध में टी नसीर के अलावा सैयद सुहैल खान, मोहम्मद उमर, जाहिद, तबरेज, सैयद मुदस्सिर पाशा, मोहम्मद फैसल रब्बानी और सलमान खान को सजा सुनाई गयी है।
बेंगलुरू में थी आतंकी अटैक की तैयारी
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी बेंगलुरू शहर में आतंकी हमले की तैयारी कर रहे थे। प्रतिबंधित संगठन के एंटी-इंडिया एजेंडें को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे थे। यह मामला सबसे पहले जुलाई 2023 में बेंगलुरू सेंट्रल क्राइम (CCB) ने दज्र किया था। जब कुछ अपराधियों के पास से हथियार, गोला बारूद और डिजीटल डिवाइस बरामद किये गये थे। बाद में जांच NIA को सौंप दी गयी।
एनआईए की जांच में एक ओर बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया गया। जिसमें टी नसीर को जेल से कोर्ट ले जाते समय फरार कराने की योजना बनायी गयी थी। नसीर 2008 बेंगलुरू सीरियल ब्लास्ट मामले में पहले से ही आरोपी था। इस केस में एनआईए ने कुल 11 आरोपियों और एक फरार आरोपी जुनैद अहमद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें से सलमान खान को रवांडा से प्रत्यप्रित कर भारत लाया गया था। फिलहाल आरोपी जुनैद अहमद की तलाश जारी है।

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LPG किल्लत की वजह से सूरत रेलवे स्टेशन से पलायन करने वालों मजदूरों का सैलाब

सूरत. मिडिल-ईस्ट युद्ध और LPG  संकट का प्रभाव भारत के अलग-अगलग इलाकों में देखने को मिल रहा है। कंपनियों की बिडिंग पर ताले लगने शुरू हो गये है। दूर दराज के श्रमिकों पलायन करने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है। सूरत में उधना रेलवे स्टेशन पर रविवार को यात्रियों का रेला उमड़ रहा है। उत्तरप्रदेश-बिहार जाने वाली ट्रेनों में सीट हासिल करने के लिये हजारों लोग स्टेशन पहुंचे। इस बीच लाठीचार्ज के बाद भगदड़ जैसे हालात देखने को मिले हैं।
सुबह लगभग 11.30 बजे जब उधना-हसनपुर ट्रेन के लिये यात्रियों में लाइनों में खड़ा किया जा रहा था। तभी कुछ लोगों ने लाइन तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस और आरपीएफ के जवानों को भीड़ को काबू करने के लिये लाठीचार्ज करना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यात्री पुलिस की डंडेबाजी से बचने के लिये लोहे की जालियों के ऊपर से कूंदते हुए दिखाई दिये है।
यह कोई पहली बार नहीं है। जब रेलवे स्टेशन पर भीड़ उमड़ते देखा गया है। लेकिन इस बार एलपीजी क्राइसिस के कारण लोग पलायन कर रहे है। पिछले एक -दो माह से यात्री यहां से पलायन कर रहे है। अब समर वैकेशन भी शुरू हुआ है। ऐसे में भीड़ इकट्ठा होने के पीछे 2 कारण है। रेलवे के अपने दावे है। लेकिन जो तस्वीरें सामने आयी है। जो साफ दिखाती है कि उधना रेलवे स्टेशन पर लगातार यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही है। पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ रहा है।
गैस संकट से सूरत की वीविंग इंडस्ट्री पर बड़ा असर
गैस किल्लत से सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। लगभग 30 प्रतिशत 3 लाख श्रमिक पलायन कर चुके है। जिससे उत्पादन घटकर 6.5 करोड़ मीटर से 4.5 करोउ़ मीटर प्रतिदिन रह गया है। इंडस्ट्री को 15 हजार गैस सिलेंडर की आवश्यकता है। लेकिन सप्लाई धीमी है। हालात नहीं सुधरे तो और श्रमिकों के जाने और नुकसान बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

 

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मणिपुर के विष्णुपुर में फैला भारी तनाव, सादा कपड़ों में सुरक्षाकर्मियों को देखकर भड़के लोग, झड़प् में 18 जख्मी

इंफाल. मणिपुर के विष्णुपुर जिले के थिगुंनेई इलाके मंगलवार की दोपहर लगभग 1त्र30 बजे तनाव फैल गया। जब प्रदर्शनकारियों ने सादे कपड़ों में सुरक्षाकर्मियों का ले जा रही 3 गाडि़यों को रोक लिया। ट्रोंगलाओबी बम धमाके में 2 बच्चों की मौत से गुस्सायें स्थानीय लोगों ने बोलेरो, स्विफ्ट और वर्ना गाडि़यों की चैकिंग की । गाडि़यों में सवार लोगों ने स्वयं को असम राइफल्स का सैनिक बताया। लेकिन पहचान पत्र नहीं दिखा पाने पर प्रदर्शनकारियों का शक गहरा गया।
भीड़ ने 5 लोगों को बंधक बना लिया। जबकि अन्य भाग निकले, इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने 2 गाडि़यों को आग के हवाले कर दिया। इस पूरी घटना और सुरक्षा बलों की कार्यवाही में 5 महिलाओं समेत लगभग 18 लोग मामूली घायल हो गये हैं। सुरक्षाबलों ने बादमें बंधक बनाये व्यक्तियों को अपनी हिरासत में ले लिया।
नारकोटिक्स ऑपरेशन बनाम उग्रवादी शक
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि हथियारों से लैस ये शख्स संदिग्ध कुकी उग्रवादी हो सकते हैं। हालांकि, एक सुरक्षा अधिकारी ने इन दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि ये कर्मी एक नशीली दवाओं के मामले से जुड़े ऑपरेशन का हिस्सा थे।  दरअसल, इम्फाल एयरपोर्ट पर 7 किलो मॉर्फिन के साथ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा बल सादे कपड़ों में क्वाकटा की ओर जा रहे थे।
प्रदर्शनकारियों ने टिड्डिम रोड को ब्लॉक कर दिया और निंगथौखोंग व नामबोल जैसे स्थानों पर सुरक्षा बलों से भिड़ गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए मणिपुर पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स ने आंसू गैस के गोले, धुआं बम और कुछ जगहों पर गोलियों का इस्तेमाल किया। जिला अस्पताल के पास आंसू गैस छोड़े जाने से कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत और चोटें आईं. ताजा हिंसा के बाद बिष्णुपुर जिले में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। घाटी के 5 अन्य जिलों में सुबह 5 से शाम 5 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई है, लेकिन मौजूदा हालातों के मद्देनजर बिष्णुपुर जिले में कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी गई है. सुरक्षा बल पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रख रहे हैं, जिससे हिंसा को दोबारा भड़कने से रोका जा सके।

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अवैध खनन रोकने में मध्यप्रदेश की सरकार रही फेल, वनरक्षक की हत्या का जिम्मेदार कौन-सुप्रीम कोर्ट

मुरैना. वनरक्षक की हत्या और चम्बल नदी पर बने पुल की नींव तक अवैध खनन के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार पर कड़ा रूख अपनाया है। हाईकोर्ट ने इन घटनाओं को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार के रवैये पर सवाल उठाये है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सुनवाई के बीच में कहा है कि यदि रेत माफिया पुल की नींव तक खोद रहे है। वन अधिकारियों को कुचलकर मार रहे है। ऐसे में राज्य सरकार की भूमिका पर प्रश्न खड़े होते है। हाईकोर्ट ने पूछा कि यदि पुल गिर जाता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।

भास्कर ने ग्राउंड रिपोर्ट में पिलर के नीचे गड्‌ढों का खुलासा किया था।
ऑफीसर की मिली भगत से हो सकती है
हाईकोर्ट ने कहा है कि यह घटनायें संकेत देती हैकि यदि या तो राज्य सरकार अवैध खनन रोकने में असफल रही है या फिर इसमें ऑफीसरों की मिलीभगत हो सकती है। होईकोर्ट ने टिप्पणी की कि सब राज्य सरकार की निगरानी में हो रहा है जो बेहद चिंताजनक है।
पुुल की नींव तक खुदाई
राजस्थान और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाला नेशनल हाइवे -44 का चम्बल पुल मुरैना के राजघाट क्षेत्र में स्थित इस पुल की कई पिलरों के नीचे तक रेतमाफिया द्वारा लगभग 15 फीट तक खुदाई किये जाने की बात सामने आई है। जिससे संरचना की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो गया है। क्या मुरैना पुलिस प्रशासन को चम्बल नदी में अवैध रेत उत्खनन होता दिखाई नहीं देता क्या प्रशासन अंधा है। अवैध उत्खनन रोकने क्या-क्या प्रयास किये गये। यह क्यों रूक नहीं पा रहा है। इस सब की जानकारी सुप्रीम कोर्ट ने तलब की है।
वनरक्षक को कुचल कर मारने की रिपोर्ट मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने वनरक्षक की हत्या के मामला में अभी तक की जांच की स्थिति रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज पेश करने के निर्देश दिये है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई पूरी पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। जो 17 अप्रैल को सुनाया जायेगा।

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48 वर्षो के बाद खुला सोने-चांदी का खजाना, 3डी मैपिंग से गणना जारी

नई दिल्ली. ओडिशा के पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ के रत्नभंडार की गणना शुरू हो चुकी है। पहले चरण में बाहरी खजाने की गिनती की गयी। अब मंदिर के आंतरिक खजाने की गिनती की जायेगी। चलित खजाने में भगवान के दैनिक श्रृंगार के आभूषण रख जाते है। बाहरी खजाने में भगवानके उत्सव श्रृंगार से जुड़े आभूषण रखे जाते हैं। जबकि भीतरी खजाने में बेशकीमती आभूषण संरक्षित होते हैं खजाने की गिनती के लिय अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। खजाने की इस गणना पर पूरी दुनिया नजर टिकाये बैठी है।
इस बीच सिर्फ गणना से जुड़ी समिति के सदस्यों का ही रत्न भंडार में जाने की अनुमति है। अब भक्तों को उस पल का इंतजार है। जब रत्न भंडार के रहस्य दुनिया के सामने आयेंगे। इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिये हाईटैक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। गणना के लिये 3डी मेपिंग, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की जा रही है। 13 अप्रैल से आतंकिर रत्न भंडार की गणना शुरू हो चुकी है। इसके बाद 16-18 अप्रैल केक बीच गणना का काम जारी रहेगा। आंतरिक र्भंडार की गणना कैसे होगी। इससे जुड़े नियम तय करने के लिये रविवार को महत्वपूर्ण बैठक भी हुई है। दरअसल, भीतर का रत्न भंडार काफी सेंसिटिव इलाका है। मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के बहुमूल्य रत्न और दुर्लभ आभूषण मौजूद है। सदियों से पुरी जगन्नाथ धाम भक्तों की अटूट आस्था का केन्द्र रहा है।
48 साल बाद खुला भीतरी रत्न भंडार
आज जिस भीतरी भंडार की गिनती का काम हो रहा है, ये सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती है। सूत्रों के अनुसार, जगन्नाथ के भीतरी रत्न भंडार को पूरे 48 साल बाद खोला गया है।  इससे पहले इसे साल 1978 में खोला गया था।  ऐसे में भक्त इसे लेकर काफी उत्साहित हैं कि 48 साल बाद इसके अंदर से क्या निकलेगा ऐसा बताया जाता है कि मंदिर के प्रांगण में आज भी ऐसे कितने ही खुफिया चेम्बर मौजूद हैं, जहां खजाना होने का दावा किया जाता है । मंदिर में मौजूद एक खुफिया सुरंग का जिक्र भी पुजारियों के वंशज करते हैं. इतिहास में जिक्र मिलता है कि जिस तरह सोमनाथ मंदिर को विदेशी आक्रमणकारियों ने 17 बार लूटा था, ठीक उसी तरह जगन्नाथ मंदिर को लूटने का प्रयास भी 18 बार किया गया था।  हर बार मंदिर के सेवकों ने ठाकुर जी की प्रतिमा को उन आक्रमणकारियों से बचाया था. जब-जब आक्रमण होता था तब-तब सेवक प्रतिमा को लेकर किसी अज्ञात स्थान पर छिप जाते थे।

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कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन, नोएडा की सड़कों पर जगह-जगह लगा जाम, वेतनवृद्धि को लेकर कर्मचारी कर रहे थे जाम

नई दिल्ली. मजदूर यूनियन के वेतनवृद्धि को लेकर जारी प्रदर्शन की वजह से दिल्ली-नोयडा सीमा पर आज सोमवार की सुबह से भारी यातायात जाम लगा हुआ है। स्थिति को काबू में करने के लिये यातायात पुलिस ने कई जगहों पर यातायात का डायवर्ट किया है। नोएडा यातायात पुलिस ने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर जानकारी दी गयी है चिल्ला बॉर्डर की तरफ जाने वाले सभी वाहनों को डीएनडी टोल की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है। पुरी स्क्वायर रूट परद भी यातायात डायवर्जन किया गया है ताकि आवाजाही सुचारू रूप से चल सके।
सुबह-सुबह यातायात का लम्बा जाम
नोएडा के फेज-2 इलाके में वेतनवृद्धि की मांग को लेकर हजारों कर्मचारियों का प्रदर्शन सुबह से जारी है। अब यह प्रदर्शन उग्र रूप ले चुका है। कर्मचारियों ने कई जगहों पर सड़कें जाम कर दी है। कुछ जगहों पर पथराव और आगजनी की घटनायें भी हुई है। इससे नोएड़ा में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। दफ्तर जाने वाले लोगों को घंटों यातायात जाम का सामना करना पड़ा है।
कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण कहां-कहां लगा जाम?
नोएडा फेज-2 और सेक्टर-62: मुख्य सड़क पूरी तरह बंद है. होजरी कॉम्प्लेक्स के आसपास भारी भीड़ है।
दादरी रोड और सूरजपुर रोड: नोएडा से ग्रेटर नोएडा जाने वाले रास्ते ब्लॉक है।
NH-9 (नेशनल हाईवे-9): लालकुआं से इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक जाम है।
सेक्टर-60 और 62 के आसपास: फिल्म सिटी-मायामाया फ्लाईओवर पर जाम.
DND फ्लाईवे और चिल्ला बॉर्डर: दिल्ली-नोएडा आने-जाने वाले रास्तों पर भी असर देखने को मिल रहा है।
अक्षरधाम-नोएडा रूट: कई जगह यातायात ठप है।

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वेतनवृद्धि -इंक्रीमेंट को नोएडा का उग्र प्रदर्शन करते हुए पुलिस की गाडि़यां भी की आगजनी की शिकार

 

नोएड़ा. वेतनवृद्धि की मांग को लेकर नोएडा में कई कम्पनियों के कर्मचारी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे है। गुस्साये कर्मचारियों ने कई इलाकों में रोड पर चक्काजाम कर दिया है। फेज 2 में प्रदर्शनकारियों ने गाडि़यों में आग लगाने के साथ-साथ पुलिस की गाडि़यों पर भी पथराव कर दिया है।
वेतनवृद्धि की मांग को लेकर सड़कों उतरे कर्मचारी पिछले 3-4 दिनों से जारी इस विरोध प्रदर्शन ने सोमवार की सुबह उग्र रूप ले लिया है। जब गुस्साये कर्मचारियों ने कई प्रमुख सड़कों पर चक्काजाम कर दिया है। यातायात व्यवस्था को ठप कर दिया। फेज 2 में चल रहे प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। प्रदर्शनकारियों ने गाडि़यों में आग लगा दी है। पुलिस पर भी पथराव कर आक्रोशित भीड को काबू में करने के लिये पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे है।
प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील
इससे एक दिन पहले जिला प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारियों ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में उनकी मांगों पर विचार करने और समाधान निकालने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ और आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ।
इससे पहले योगी सरकार ने कर्मचारियों के हित में लिया था बड़ा फैसला
इससे पहले योगी सरकार ने प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कई अहम फैसले लिए है। इन फैसलों के तहत गौतम बुद्ध नगर में काम करने वाले श्रमिकों के लिए दोगुना ओवरटाइम भुगतान, समय पर सैलरी और बोनस सीधे बैंक खाते में जमा करना जरूरी कर दिया गया है. यह फैसला नोएडा में लगातार कंपनी मालिकों की मनमानी और सैलरी में देरी व अनियमितताओं के विरोध में तीन दिनों से काम बंद कर सड़कों पर उतरे कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया है। हालांकि इसके बाद भी कर्मचारी सोमवार की सुबह से नोएडा के फेज 2 इलाके में प्रदर्शन कर रहे है।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों के लिए नए दिशानिर्देश लागू किए हैं. प्रशासन का कहना है कि इन नियमों के जरिए श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और जिले को श्रम सुधारों के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है. जिलाधिकारी मेहा रूपम ने औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इन नियमों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों से ओवरटाइम काम लेने पर उन्हें नियमित मजदूरी की तुलना में दोगुना भुगतान करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही ओवरटाइम भुगतान में किसी भी तरह की कटौती की अनुमति नहीं होगी । प्रशासन ने साप्ताहिक अवकाश को लेकर भी निर्देश जारी किए है। सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अपने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में एक दिन की छुट्टी सुनिश्चित करनी होगी. यदि किसी कर्मचारी से रविवार को काम लिया जाता है, तो उसे दोगुनी दर से मजदूरी दी जाएगी ।

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महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा ने सांसदों के लिये जारी किया 3 लाइन का ब्हिप

नई दिल्ली. संसद का बजट सत्र 2 अप्रैल तक चलना था। 2 अप्रैल को कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिये रोक दी गयी थी। ऐसा हुआ नहीं, स्पीकर ओम बिरला ने संसदीय कार्य मंत्री की तरफ से मिले अनुरोध का उल्लेख करते हुए कहा कि हम फिर से बैठेंगे। उन्होंने कार्यवाही को 16 अप्रैल तक के लिये स्थगित करने की ऐलान कर दिया था। अब 16 अप्रैल की तारीख नजदीक आ गयी हे। सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अगुआई कर रही भाजपा सक्रिय हो गयी है।
भाजपा सांसद के दोनों सदनों, लोकसभा‘-राज्यसभा के अपने सदस्यों को 3 लाइन का व्हिप जारी कर 16, 17 और 18 अप्रैल को सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। सांसदरों को इस व्हिप का सख्ती से पालन करने के लिये कहा गया है। पार्टी की तरफ से जारी किये गये व्हिप के अनुसार सभी सांसदों को सदन में उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी। भाजपा की तरफ से यह भी स्पष्ट कहा गया है कि इन तीनों दिनों की अवधि में किसी भी सांसद को किसी भी तरह की छुट्टी नही दी जायेगी। भाजपा ने अपने सभी सदस्यों से व्हिप का कड़ाई से पालन करने के लिये कहा है। गौरतलब है कि लोकसभा और राज्यों की विधानसभा में महिलाओं के लिये आरक्षण लागू करने को केन्द्र सरकार ‘‘महिला आरक्षण बिल’’ में संशोधन का प्रस्ताव लायेगी। सविंधान संशोधन प्रस्ताव भी आयेगा। जिसे पारित कराने के लिये दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। ऐसे में भाजपा अब यह बिल पारित कराने के लिये अभी से ही कमर कस ली है।
सरकार परिसीमन की जानकारी दे-विपक्ष
विपक्षी दलों की मांग है कि सरकार परिसीमन जैसे मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करें। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन पर चर्चा कर के लिये सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी। विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया था कि विपक्ष को विश्वास में ले बिना बैठक बुलाई गयी है। टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने संसद को गंभीरता से लेने की बजाय राजनीतिक नाटक किया जा रहा है।

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प्रख्यात सिंगर आशा भोसले ने 92 साल की आयु में निधन

आशा भोसले ने 8 सितंबर 2025 को अपना 92वां जन्मदिन मनाया था। - Dainik Bhaskarमुंबई. सिंगर आशा भोसले का 92 साल की आयु में निधन हो गया है। रविवार की दोपहर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली है। उन्हें शनिवार की शाम को यहां भर्ती किया गया था। ब्रीच कैंडी अस्पताल में के डॉ. प्रतीत समदानी ने न्यूज एजेंसी ने बताया है कि आशा भोंसले को कई मेडीकल की समस्यायें थी। मल्टी ऑर्गन फेल्योर की वजह उनका निधन हो गया है।
डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया है कि आशा भोंसले की मल्टी ऑर्गन फेल्योर हुआ है। यानी उनके कई अंगों ने काम करना बन्दर कर दिया था। आशा भेंसले के बेटे आनंद भोंसले ने बताया है कि जो लोग अंतिम दर्शन करना चाहते है। वह कल सुबह 11 बजे उनके घर आ सकते है। अंतिम संस्कार सोमवार की शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जायेगा।

सिंगर आशा भोसले  ने 40 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की थी । उन्होंने लेजेंडरी डायरेक्टर बिमल रॉय, राज कपूर के साथ-साथ लेजेंडरी म्यूजिक कम्पोजर OP नय्यर, सरदार मलिक, सज्जाद हुसैन, एस मोहिंदर, ए आर रहमान संग काम किया था। उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर 40 और 50 के दशक की सबसे बड़ी गायिकाओं में से एक थीं।  मंगेशकर परिवार से आईं आशा भी अपनी बहन की ही तरह सुरीली आवाज वाली थीं. आशा ने अपनी आवाज का जादू बॉलीवुड में 1950 के दशक में चलाया।  हालांकि उन्होंने बड़ी फिल्मों में अपनी आवाज देने से पहले कई लो बजट फिल्मों में गाना गाकर पहचान पाई।  1952 में आई फिल्म ‘संगदिल’ में उन्होंने गाने गाए थे. म्यूजिक कम्पोजर सज्जाद हुसैन की इस एल्बम ने आशा को फेम दिलाया. उस जमाने के जाने माने डायरेक्टर बिमल रॉय ने 1953 में आई फिल्म ‘परिणीता’ में आशा भोसले को साइन किया था।  इसके बाद राज कपूर ने उनकी अपनी 1954 की फिल्म ‘बूट पोलिश’ में काम दिया. लेजेंडरी म्यूजिक कम्पोजर OP  नय्यर के साथ आशा ने 1952 से लेकर 1956 तक कई गानों पर काम किया था।  मगर 1957 में आई बी आर चोपड़ा की फिल्म ‘नया दौर’ के साथ आशा भोसले ने सफलता का असली स्वाद चखा. इस फिल्म के गाने भी नय्यर ने ही कम्पोज किए थे।

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प्रधानमंत्री मोदी की 6 गारंटी: सरकार बनी तो बंगाल में 7वां वेतनमान देंगे- नरेंद्र मोदी

हल्दिया- पश्चिम बंगाल के हल्दिया की चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि यदि भाजपा जीती तो 6 गारंटी तुरंत लागू होंगी। पहली- भरोसे का माहौल। दूसरी- अफसर जनता के प्रति जवाबदेह होंगे। तीसरी- भ्रष्टाचार से जुड़े अपराधों की फाइलें फिर खोलेंगे। चौथी- टीएमसी के गुंडे नहीं बचेंगे। 5वीं- घुसपैठियों को देश में नहीं रहने देंगे। 6ठी- राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों व अन्य के लिए बंगाल में 7वां वेतनमान तुरंत लागू किया जाएगा। राज्य सरकार अभी इसमें भेदभाव कर रही है।
ममता बनर्जी बोलीं- रैली में आने के लिए 500 रु. दे रही भाजपा
उत्तर, उत्तर 24 परगना जिले के पलटा की रैली में तृणमूल चीफ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा रैली में भीड़ को लाने के लिए 500-500 रुपए दे रही है। फिर भी तृणमूल जीतेगी। अगस्त 2026 से भाजपा का अंत तय है। खराब मौसम के बावजूद इतनी संख्या में लोगों का पहुंचना आने वाले तूफान का संकेत है। इस बीच, टीएमसी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक कथित वीडियो दिखाया। इसमें आम जनता उधयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर नजर आ रहे हैं।
मोदी की 6 गारंटी: सरकार बनी
टीएमसी ने आरोप लगाया कि ममता को हराने के लिए कबीर ने भाजपा नेताओं और प्रधानमंत्री कार्यालय से संपर्क किया। इस वीडियो में कबीर एक हजार करोड़ रु. की डील की बात कर रहे हैं। तृणमूल ने यह भी दावा किया कि कबीर वीडियो में डील के तहत 200 करोड़ रुपए एडवांस में लेने की बात करते दिख रहे हैं। हालांकि हुमायूं ने वीडियो को एआई जनरेटेड बताया।