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बस से बच्चे को कुचलने से हुई मौत, आक्रोशित भीड़ ने बस और पुलिस की गाडि़यों को फूंक डाला


पटना. बिहार की राजधानी पटना के बड़ी पहाड़ी इलाके में एक बच्चे की बस से कुचलने से मौत हो गयी, घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने बस को आग के हवाले कर दिया। वहीं, जीरो माइल के पास हुए इस हादसे में जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो नाराज लोगों ने पुलिस की 3 गाडि़यों में भी आग के हवाले कर दिया।

पटना में बच्चे की मौत के बाद जमकर सड़कों पर बवाल कटा (Photo: ITG)
घटना पटना के बड़ी पहाड़ी इलाके की है। यहां एक बस की चपेट में आने से एक बच्चे की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। हादसे की खबर फैलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गये। गुस्साये लोगों ने इसके बाद बस में आग लगा दी। मामला जीरो माइल के पास का बताया जा रहा है। जहां हादसे के बाद स्थिति बिगड़ गयी। जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो भीड़ का गुस्सा और बढ़ गया। इसके बाद लोगों्र ने पुलिस की 3 गाडि़यों को भी आग लगा दी। इलाके में इस पूरी घटना के बाद तनाव की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल घटना के सही समय, बस के रूट और बच्चे की पहचान से जुड़ी जानकारी सामने नहीं आ पायी है।

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भारत जल्द ही म्यांमार से जमीन की अदला-बदली करेगा? मणिपुर में सुलगने लगी विरोध की चिंगारी

नई दिल्ली. भारत और म्यांमार की सीमा रेखा तय करने का वर्षो से लंबित मामला का जल्द समाधान हो सकता है। खबरों के अनुसार इसके लिये दोनों देश जमीन की अदला-बदली पर विचार कर रहे हैं। जिसकी सीमा अभी तक तय नहीं हो पायी है। मंगलवार को नयी दिल्ली में एक पत्रकार वार्ता में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि सीमा पार कुछ ऐसे इलाके है। जिनका अभी समाधान करना बाकी है। उन हिस्सों पर बातचीत चल रही है।
अदला-बदली के लिये प्रस्तावित इलाका मणिपुर के चंदेल जिले में है। जो म्यांमार के सगाइंग इलाके में काबाव घाटी से सटा हुआ है। सीमा तय करने का काम 3 माह के अन्दर, यानी अगस्त के आसपास पूरा होने का अनुमान था। भारत और म्यांमार के बीच 1,643 किमी लम्बी अंर्तराष्ट्रीय सीमा है जो कि अरूणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम और मणिपुर से होकर गुजरती है। फिर म्यांमार के सगाइंग इलाके और चिन राज्य में आती है। सीमा का अधिकतर हिस्सा पहाड़ी, जंगली और खुला है। जो उन जातीय समुदायों के इलाकों से होकर गुजरता है जो दोनों ओर रहते आये है।
गृह मंत्रालय के मुताबिक सीमा के लगभग 1,472 किमी हिस्से को बॉर्डर पिलर के माध्यम से तय किया गया है। जबकि करीब 171 किमी हिस्सा अभी भी अनसुलझा है। जो मुख्य रूप् से अरूणाचल प्रदेश के लोहित सेक्टर और मणिपुर की काबाव घाटी में है।

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सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल पास, अब 38 होंगे, लोकसभा-राज्यसभा में रहा विपक्ष का हंगामा

नई दिल्ली. संसद का हर मिनट लगभग 2.50 लाख रूप्ज्ञये का पड़ता है। तब हंगामे की कीमत सिर्फ राजनीतिक नहीं, आर्थिक भी होती है। मानसून सत्र के कुल 25 दिनों में से 15 दिन निकल चुके हैं। लेकिन अभी तक एक भी दिन ऐसा नहीं गया जब दोनों सदनों की कार्यवाही बिना रोक-टोक के चल पायी हो। सोमवार को भी लोकसभा-राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते बार-बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। हालांकि, शोर-शराबे के बीच दोनों सदनों में अहम विधेयक ध्वनि मत से पारित हो गये। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। लेकिन विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते कार्यवाही महज 3 मिनट के बाद स्थगित हो गयी।
राज्यसभा में नहीं थमा हंगामा
राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रारंभ होते ही विपक्ष के हंगामे की भेंट चल गयी। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदस्यों से शांत रहने और सदन चलने देने की अपील की। लेकिन शोर-शराबा जारी रहने की कार्यवाही दोपहर 2 बजे स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतनराम मांझी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक 2026 विचार के लिये सदन के पटल पर रखा। सभापति ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने की अनुमति दी।
हंगामे के बीच संसदी कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा हैकि वह विषय पर चर्चा ही नहीं करना चाहता, शोर शराबे के बीच सूक्षम, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक -2026 ध्वनिमत से पारित हो गया।इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी मंगलवार की सुबह 11 बजे तक के लिये स्थगित कर दी गयी।
हंगामे के बीच विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) समेत कुल जजों की संख्या 34 से बढ़कर 38 हो गई। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सांसद राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर नारेबाजी करते रहे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों के व्यवहार पर नाराजगी जताई और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने सदस्यों से जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखने को कहा, लेकिन विपक्ष की नारेबाजी जारी रही।
इसी दौरान भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 पेश किया गया। इसके बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 सदन में पेश किया। हालांकि, विपक्ष का हंगामा जारी रहा। शोर-शराबे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उच्चतम न्यायालय (संशोधन) विधेयक, 2026 चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया।

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फिर से दतिया में हारी भाजपा, 6056 मतों से कांग्रेस जीती

ग्वालियर. मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभ्राा सीट पर हुए उपचुनाव में परिणाम 3 अगस्त 2026 को सामने आने वाले है। दतिया में 30 जुलाई का हुए उपचुनाव में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला था। कुल 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। दतिया में मुख्य मुकाबला भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह के बीच माना जा रहा है। आजाद समाज पार्टी के दामोदरसिंह यादव सहित कुल 21 उम्मीदवार मैदान में है।


अंतिम राउंड में जीत अंतर घटा
मतगणना के 9वें राउंड तक कांग्रेस की कुल बढ़त 9519 वोटों की हो गयी थी। वहीं, राउंड में कांग्रेस को 6614 और बीजेपी को 3100 वोट मिले थे। जिससे कांग्रेस की लीड 7459 वोट हो गयी थी और बाद के राउंड में जीत का अंतर घटा और अंतिम परिणाम में कांग्रेस 6056 वोटों की हो गयी थी। वहीं 14वें राउंड में कांग्रेस को 6514 और बीजेपी 3100 वोट मिले थे। जिससे कांग्रेस की लीड 7459 वोट हो गयी थी। और बाद के राउंड में जीत का अन्तर घटा और अंतिम परिणाम में कांग्रेस 6056 वोटों से विजयी रहीं। 9वं राउंड की गिनती के दौरान ईवीएम रखने के स्थान को लेकर बीेजेपी और कांग्रेस एजेंटों के बीच नोंकझोंक हुई। पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया।
से विजयी रहीं।

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ड्राइवर ने रास्ते में गाड़ी रोककर की ईओ की हत्या, पुलिस के सामने ड्राइवर ने स्वीकार किया जुर्म

पटना. सासाराम नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) की हत्या के मामले में पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मगध के आईजी विकास वैभव ने बताया है कि शुरूआती जांच में सामने आया है कि ईओ की हत्या उनके ही ड्राईवर मिथिलेश कुमार ने की थी। पुलिस पूछताछ में ड्राइवर ने हत्या का जुर्म स्वीकार किया है।
इस पूरे मामले में पुलिस को सबसे पहले ड्राइवर मिथिलेश कुमार के बयान पर शक हुआ। घटना के बाद ड्राइवर ने पुलिस को बताया था कि कुछ अज्ञात अपराधियों ने रास्ते में गाड़ी रोककर ईओ के साथ मारपीट की और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। लेकिन जांच के बीच पुलिस ने देखा कि घटना के समय गाड़ी में मौजूद ड्राइवर के शरीर पर एक भी चोट या खरोंच के निशान नहीं थे। पुलिस के सामने सवाल था कि अगर अपराधियों ने गाड़ी रोककर हमला किया था तो ड्राइवर को कोई नुकसान क्यों नहीं हुआ। यहीं से पुलिस का शक ड्राइवर पर गहरा गया।
क्यों की EO की हत्या?
ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन भी दिन में दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी। इसके बाद रात में जब दोनों गाड़ी से पटना की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में फिर विवाद हुआ.ड्राइवर के मुताबिक, उसने गाड़ी रोककर पेशाब करने जाने की बात कही थी, लेकिन EO ने गाड़ी नहीं रोकने को कहा।  इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस बढ़ गई।  इसके बाद उसने गाड़ी रोक दी और गाड़ी में रखी रॉड से हमला कर दिया.पुलिस के मुताबिक, ड्राइवर ने बताया कि पहले उसने गाड़ी के अंदर से रॉड से वार किया. इसके बाद जब EO नीचे उतरे तो उसने कई बार रॉड से हमला किया. घटनास्थल पर मिले खून के निशान और अन्य सबूतों की भी जांच की जा रही है।

 

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वंदेभारत बनी लाइफलाइन, धड़कता दिल को अंकलेश्वर से अहमदाबाद तक तेजी पहुंचाया

देश में पहली बार धड़कता दिल लेकर दौड़ी वंदे भारत
नई दिल्ली। एक दिल… वो भी शरीर से बाहर, पर अभी भी धड़क रहा था। उसके पास मंजिल तक पहुंचने के लिए 217 मिनट का समय था और मंजिल 250 किलोमीटर दूर थी। देश में यह पहला मौका था जब धड़कते हुए दिल को रेल से ले जाया गया। वह भी धड़काते हुए चलने वाली वंदे भारत से। रेल ने समय पर दिल को मंजिल तक पहुंचा दिया।
अहमदाबाद पहुंचाना था
ब्रेन डेड घोषित किए गए मिथुन के परिवार ने फैसला किया कि मिथुन के शरीर के अंग दान किए जाएं, ताकि किसी को नया जीवन मिल सके। इसमें दोनों किडनी और लिवर को ट्रांसप्लांट के लिए अलग-अलग अस्पतालों के लिए रवाना किए गए, पर दिल सूरत से अहमदाबाद पहुंचाना था।
रेल का रास्ता चुना…
आमतौर पर दिल ट्रांसपोर्ट के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाता है। मौसम अनुकूल होने के लिए एयर एम्बुलेंस का सहारा लिया जाता है, पर इस बार हालात अलग थे। बारिश की मार से सड़कों पर यातायात प्रभावित था। हवाई सेवाएं भी लड़खड़ाई हुई थीं, इसलिए तय हुआ कि दिल अपना सफर रेल से तय करेगा। यह सफर 217 मिनट में पूरा हुआ और अहमदाबाद पहुंचते ही सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट भी कर दिया गया।

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‘‘एक देश एक चुनाव’’ का बिल मानसून सत्र में नहीं होगा पेश, जेपीसी का कार्यकाल बढ़ा

नई दिल्ली. संसद में जारी मानसून सेशन के बीच एक बड़ा अपडेट आया है। जानकारी के अनुसार इस सेशन में ‘एक देश एक चुनाव’ से जुड़ा बिल पेश नहीं किया जायेगा। इसलिये इस पर चर्चा नहीं होगी। वहीं ये भी सामने आया है। जेपीसी को इस बिल अपनी रिपोर्ट संसद के शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक सौंपनी होगी।
संसद का मानसून सेशन जारी है। इस सत्र को लेकर चर्चा थी, कि सरकार वन नेशन वन इलेक्शन बिल को इसमें पेश कर सकती है। लेकिन सामने आया है कि एक देश एक चुनाव से जुड़ा, संविधान संशोधन विधेयक मौजूदा संसद सत्र में पेश नहीं किया जायेगा। इस विधेयक की जांच के लिये गठित संयुक्त संसदीय समिति ‘जेपीसी’ का कार्यकाल बढा़ दिया गया है। अब समिति को अपनी रिपोर्ट संसद के शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक सौंपनी होगी। जेपीसी का कार्यकाल बढ़ाये जाने के बाद साफ हो गया है। समिति अपनी रिपोर्ट मौजूदा सत्र के बीच पेश नहीं करेगी। ऐसे में एक देश-एक चुनाव विधेयक पर आगे की प्रक्रिया अब शीतकालीन सत्र में रिपोर्ट आने के बाद ही आगे बढ़ने की संभावना है।

 

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भोजशाला परिसर से सटी जगह पर नमाज अदा करने मंजूरी, एससी का आदेश

नई दिल्ली. धार भोजशाला के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेंश प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि मुस्लिम समुदाय को जुमे की नमाज दोपहर 1 -3 बजे के बीच खसरा नंबर 596 की जमीन पर अदा करने की इजाजत दी जाये। यह जमीन दरगाह की बताई जा रही है। सुनवाई के बीच सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि यह जगह विवादित परिसर के पास बिलकुल सटी है। यह नमाज के लिये पूरी तरह से सही नजर आती है। इस आदेश के बाद अब मुस्लिम समुदाय का प्रशासन की तरफ से की गयी है। 1.3 किमी दूर वाली जगह पर जाने की जरूरत नहीं होगी।
हालांकि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में एक लचीला रूख अपनाते हुए यह भी साफ कर दिया है। अगर भविष्य में दोनों पक्ष हिन्दू और मुस्लिम समुदाय मिलकर आपसी सहमति से किसी दूसरी वैकल्पिक जगह का चुनाव करना चाहें तो यह आदेश उनके आड़े नहीं आयेगा। इससे पहले याचिकाकर्ता (मुस्लिम पक्ष) के वकील हुजैफा अहमदी ने कोर्ट से यह भी गुहार लगाई कि साइट प्लान (नक्शे) में जो पूरा हिस्सा ‘दरगाह भूमि’ के रूप में दर्ज है। उसे शुक्रवार की नमाज के लिये उपयोग करने की मंजूरी दी जाये। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से प्रशासन और मुस्लिम पक्ष के बीच दूरी का लेकर चल रहा विवाद फिलहाल सुलझ गया है।
चीफ जस्टिस ने विवादित स्थल का मांगा नक्शा
वहीं दूसरी ओर, ‘भोजशाला समिति’ नाम के संगठन ने जिला कलेक्टर के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. समिति का कहना है कि भोजशाला एक बेहद पवित्र शैक्षणिक क्षेत्र है।   भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की ओर से संरक्षित एक ऐतिहासिक स्मारक है। उनका तर्क है कि इस संरक्षित परिसर के बिल्कुल पास नमाज की इजाजत देने से इसकी ऐतिहासिकता और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।   इसलिए प्रशासन ने सार्वजनिक भावनाओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नमाज़ की जगह को स्मारक से पर्याप्त दूरी पर रखने का फैसला किया है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने प्रशासन और याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या इस पूरे विवादित क्षेत्र का कोई आधिकारिक साइट प्लान या नक्शा उपलब्ध है? जवाब में वकील हुजैफा अहमदी ने जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर से तैयार ऑफिशियल साइप मैप और साथ ही गूगल मैप के जरिए पूरे इलाके की भौगोलिक स्थिति कोर्ट को दिखाई ।
नक्शे के जरिए अदालत को यह समझाने की कोशिश की गई कि दरगाह और भोजशाला परिसर के पास ही खाली जमीनें मौजूद हैं, जहां कानून-व्यवस्था को प्रभावित किए बिना नमाज़ का इंतजाम आसानी से किया जा सकता है।   इसके बाद कोर्ट ने नमाज के लिए भोजशाला के पास ही जगह देने का आदेश जिला प्रशासन को दिया है।

 

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दो दिन से थमी राजधानी, किसानों ने 22 बैरिककेड्स तोड़े, 3 बचे थे तब जाकर झुकी सरकार और हो गया आंदोलन खत्म

भोपाल. किसानों के आन्दोलन ने बुधवार को दूसरे दिन भी राजधानी भोपाल की रफ्तार थामे रखी। रोशनपुरा में न्यू मार्केट और सीएम हाउस तक का क्षेत्र पुलिस छावनी में बदल गया। कई स्कूलों में छुट्टी करनी पड़ी। सड़कों पर स्कूल बसें और गिट्टी से भरे डम्पर तक वैरिकेड बनाकर खड़े कर दिये गये थे। इसके बावजूद भी किसान एक-एक कर 22 बैरिकेड्स तोड़ते हुए सीएम हाउस से महज एक किमी दूर तक पहुंच गये थे। उनके सामने अब सिर्फ 3 बैरिकेड बचे थैं
इधर, बुधवार की सुबह कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में सीएम मोहन यादव ने कहा है कि कृषक कल्याण वर्ष के तहत सरकार किसानों से सीधे संवाद (बातचीत) करेगी। हर मुद्दे का समाधान निकालेगी। हालांकि किसानों के रोशनपुरा पहुंचने के बाद सीएम ने 4 मंत्रियों की समिति गठित की। जिसे किसान प्रतिनिधियों से चर्चा करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी।
मंत्रालय में कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, विश्वास सारंग और कृष्णा गौर की समिति ने किसान नेताओं से लगभग 2 घंटे तक बातचीत की। इसके बाद मूंग खरीदी का दायरा 25 से बढ़ाकर 60 कर दिया गया। जबकि खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था तुरंत स्थगित करने का ऐलान किया गया। देर रात आन्दोलन खत्म हो गया। रात 11.15 बजे सभी किसान लौट गये थे।

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हंगामे के बीच एंटी पेपरलीक बिल लोकसभा से हुआ पास, ध्वनिमत से हुआ मतदान, 7 साल की सजा, 10 करोड़ तक जुर्माना

नई दिल्ली. लोकसभा में मंगलवार को एंटी पेपरलीक बिल पर चर्चा की शुआत हुई थी। इस बिल पर आज भी चर्चा जारी है। लोकसभा में बुधवार को कार्यवाहीे की शुरूआत होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगाम कर दिया। हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिये स्थगित कर दी गयी । 12 बजे से इस बिल पर चर्चा की शुरूआत हो गयी है। जेडीयू सांसद दिलेश्वर कामत ने आज चर्चा की शुरूआत की है।


वहीं, राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने एक दिन पहले सीपीएम के दिल्ली कार्यालय पर रेड का मुद्दा उठाया तो विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खड़े ने इस लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए सरकार को घेरा। वहीं नेता सदन में जेपी नड्डा ने कहा है कि यह सामान्य बात है। जेपी नड्डा ने कहा है कि इस स्टूडेंट एक्टिविस्ट के तौर पर मैं भी दो बार गिरफ्तार हुआ हूं।
दो ही विकल्प हो सकते है-राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा है कि सिर्फ इतना पूछा है कि 2 ही विकल्प हो सकते है। पहला विकल्प यह कि गृहमंत्री ने फायरिंग का आदेश दिया या दूसरा विकल्प यह है कि गृहमंत्री का मालूम ही नहीं था कि फायरिंग होने वाली है। पहले मामले में वह दोषी है। दूसरे मामले में वह अयोग्य है। तीसरा तो कोई विकल्प हो ही नहीं सकता या तो गृहमंत्री को पता नहीं था कि गोली चल रही है। जिसका मतलब है कि वह अयोग्य है या फिर उन्होंने आदेश दिया। जिस स्थिति में वह दोषी है। मैं सिर्फ यही कह रहा हूं। यह सीधी सी लॉजिक है।

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