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MP के यात्रियों की राहत, ब्लाक खत्म, बहाल हुई 13 मेमू पैसेंजर ट्रेन

भोपाल. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में गर्डर डी-लॉन्चिंग का कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा हो जाने के बाद पहले से निरस्त की गई 13 मेमू ट्रेनों की सेवाएं फिर से बहाल कर दी गई है। रेलवे प्रशासन के इस निर्णय से रायपुर, डोंगरगढ और गोंदिया रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को बडी राहत मिली है।
पूरा हुआ कार्य
रेलवे के अनुसार गर्डर डी-लॉन्चिंग का कार्य पहले 13 और 14 मार्च को ब्लॉक लेकर किया जाना था, हालांकि तकनीकी कार्य को सफलतापूर्वक पहले ही पूरा कर लिया गया। यह कार्य 6 और 7 मार्च को ही संपन्न हो गए जिसके बाद यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निरस्त की गई मेमू ट्रेनों को दोबारा चलाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा गोंदियां से नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी मेमू पैसेंजर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी से गोंदिया मेमू पैसेंजर, डोंगरगढ से गांदिया मेमू पैसेंजर, गोंदिया से डोंगरगढ मेमू पैसेंजर, बालाघाट से नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवरी मेमू पैसेंजर तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवरी से बालाघाट मेमू पैसेंजर करी सेवाएं भी पुनः शुरू कर दी गई है।
अतिरिक्त कोच लगाने का फैसला लिया
यात्रियों की बढती संख्या और कंफर्म बर्थ की मांग को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने शलीमार-एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में अस्थायी रूप् से अतिरिक्त कोच लगाने का फैसला लिया है। इस व्यवस्था के तहत ट्रेन में एक अतिरिक्त एसी-3 कोच और एक स्लीपर कोच जोडा जाएगा। इससे यात्रियों को अधिक सीटें उपलब्ध होंगी और आरामदायक यात्रा का लाभ मिलेगा।

 

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पंजाब में सिलेंडर उठाकर भाग रहे लोग, भोपाल में गैस एजेंसी के बाहर लंबी कतारें

नई दिल्ली. अमेरिका और इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG  की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें है। गैस सलेंडर की कालाबाजारी औ जमाखोरी भी हो रही है। कई जगहों पर 2 हजार का कॉमर्शियल सिलेंडर 4 हजार में बिक रहा है। वहीं पंजाब में लोग सिलेंडर लेकर भागते नजर आए। केरल में करीब 40%  रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर है। उध दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने LPG  सप्लाई की बिगडी स्थिति को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। राजस्थान में प्रदर्शन करते हुए सिलेंडर की शवयात्रा निकाली।

देशभर में LPG सिलेंडर की एजेंसियों पर लोगों की लंबी लाइन देखी जा रही है। लुधियाना में लोग हाथों में सिलेंडर लेकर दौड़ते नजर आए। - Dainik Bhaskar
रोजाना 75.7 लाख सिलेंड बुक हो रहे
सरकार की तरफ से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटी (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि एलपीजी एक चिंता का विषय जरूर है क्योंकि हमारा ज्यादातर इम्पोर्ट स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते आता है जो फिलहाल बंद है। दिक्कत अफवाहों और पैनिक बुकिंग की वजह से हो रही है। आम तौर पर रोजाना 50 से 55 लाख बुकिंग होती थी जो अब बढकर 75 से 76 लाख तक पहुंच गई है।

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ग्वालियर में गैस कालाबाजारी रोकने एजेंसियों का निरीक्षण शुरू किया

ग्वालियर. शहर में व्यावसायिक उपयोग वाले एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने के बाद कलेक्टर रूचिका चौहान ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों से वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने की अपील की है साथ ही गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने गैस एजेंसियों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। कलेक्टर ने चैंबर ऑफ कॉमर्स, केट के प्रतिनिधियों, होटल व्यवसायियों औ कैटरर्स से एलपीजी के विकल्प के रूप में पीएनजी कनेक्शन, इलेक्ट्रक इंडक्शन, लकडी या कोयले की भट्टी के उपयोग को बढाने को कहा है। पीएनजी कंपनी के अधिकारियों को व्यावसायिक कनेक्शन जल्द देने के निर्देश भी दिए गए है।
कालाबाजारी रोकने के लिए टीम गठित की
एलपीजी की कालाबाजारी रोकने और उपभोक्ताओं को गैस की सुगम उपलब्धता सुनशित करने के लिए जला प्रशासन ने एक टीम गठित की है। टीम ने गणेश गैस एजेंसी, विनायक गैस एजेंसी, श्री प्रिया गैस एजंेसी, राधे इंडेन गैस एजेंसी और पूनम गैस एजेंसी का आकस्मिक निरीक्षण किया।
जिला आपूर्ति नियंत्रक ने गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए कि डिलीवरी हॉकर अपने आईडी कार्ड साथ रखकर ही गैस सिलेंडर वितरण करें। सिलेंडर डिलीवरी वाहन में ऑनलाइन रसीद पर्ची भी रखी जाए और उपभोक्ता को सिलेंड देने के बाद रसीद पर हस्ताक्षर कराए जाएं।

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सहयोग फाउंडेशन गुड़ी पड़वा पर निकालेगा हिन्दू जागरण रैली

ग्वालियर। सहयोग फाउंडेशन गुड़ी पड़वा पर अनूठा आयोजन करेगा। फाउंडेशन द्वारा गुड़ी पड़वा पर हिन्दू जागरण रैली का आयोजन किया गया है। रैली के समापन पर भारत माता की आरती 108 दीपों से की जायेगी।
गौरतलब है कि सहयोग फाउंडेशन हिन्दू जागरण, पर्यावरण और समरसता को लेकर लगातार काम कर रहा है। फाउंडेशन समय समय पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियां कर समाज को जगाने का काम करता आ रहा है। इसी क्रम में गुड़ी पड़वा 19 मार्च को भी फाउंडेशन द्वारा एक आयोजन किया जा रहा है। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है। साथ ही आयोजन को लेकर तैयारी बैठक भी आयोजित की गई है। बैठक में निर्णय लिया गया है कि गुड़ी पड़वा पर हिन्दू जागरण रैली का आयोजन किया जायेगा। यह रैली सुबह बहोड़ापुर चौराहे से प्रारंभ होगी। रैली विभिन्न मार्गों से होती हुई गुरूनानक नगर से वापिस बहोड़ापुर चौराहे पर पहुंचकर संपन्न होगी। यहां फाउंडेशन द्वारा भारत माता की आरती 108 दीपों से की जायेगी। तत्पश्चात फलाहार और प्रसादी वितरण होगा। फाउंडेशन ने सभी लोगों से रैली में भागीदारी की अपील की है।

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लोकसभा में राहुल गांधी ने LPG संकट का उठाया मुद्दा और लिया एपस्टीन का नाम तो हुआ हंगामा

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नई दिल्ली. लोकसभा की कार्यवाही प्रारंभ होने पर लोकसभा अध्यक्ष पर ओम बिरला की वापिसी हो गयी है। ओम बिरला गुरूवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने पर आसान पर आये। ओम बिरला के आसन पर आने, कार्यवाही शुरू होने केबाद विपक्षी सदस्य वेल में आकर हंगामा शुरू कर दिया। स्पीकर ने सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील के बाद भी हंगामा जारी रहा है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा है कि प्रश्नकाल को इतना महत्वपूण्र मानता हूं कि 2 दिन चली चर्चा पर धन्यवाद भी नहीं दे रहा है। आप प्रश्नकाल नहीं चलने देना चाहतेत। इस पर विपक्ष की तरफ से किसी ने कहा है कि हम चलाना चाहते हैं। सरकार चलने देना नहीं चाहती है। स्पीकरण बिरला ने इसके बाद कार्यवाही 12 बजे तक के लिये स्थगित कर दी थी।
राहुल गांधी ने उठाया लिया एपस्टीन का नाम तो हुआ हंगामा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बोल रहे हैं।  राहुल गांधी ने ईरान युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है। देश में एलपीजी को लेकर संकट है। स्ट्रीट वेंडर्स पर ज्यादा प्रभाव पड़ा है। अमेरिका कौन होता है हमें यह बताने वाला कि हम किससे तेल खरीदेंगे, किससे गैस खरीदेंगे. छोटे व्यापारी परेशान हो रहे हैं।  मैंने कहा कॉम्प्रोमाइज्ड. यहां एक मंत्री जी बैठे हैं, जिन्होंने कहा था एपस्टीन दोस्त. इस बात पर संसद में भारी हंगामा शुरू हो गया।  ट्रेजरी बेंच की ओर से हंगामा शुरू हो गया । स्पीकर ने राहुल गांधी को टोकते हुए कहा कि आपने नोटिस कुछ और दिया है।  नोटिस बोलिए. नियम से परे बोलने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी ।  स्पीकर ने सपा सांसद धर्मेंद्र यादव से पूछा कि कुछ बोलना चाहते हैं।  धर्मेंद्र यादव ने कहा कि विपक्ष के नेता अपनी बात पूरी कर लें, उसके बाद बोलना चाहेंगे।

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फफक रोते हुए पिता बोले बेटा हमसे दूर चला गया, 28 वर्षीय वायुसेना में पायलट की गयी जान

Nagpur Father breaks down as 28 year old IAF pilot dies in Sukhoi crash
नागपुर – फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर की मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची, परिवार में मातम छा गया। दरअसल, असम के करबी आंगलोंग जिले में बुधवार की रात भारतीय वायुसेना का सुखोई एसयू-30 फाइटर जेट क्रैश हो गया। जिसमें पूर्वेश दुरागकर की मौत हो गयी। पूर्वेश के पिता रविन्द्र दुरागकर रेलवे से रिटायर्ड कर्मचारी है। उन्होंने कहा कि बुधवार को मेरे बेटे से अंतिम बार बात की थी। उन्हें क्या पता था कि यह बातचीत उनकी अंतिम बातचीत साबित होगी। गुरूवार की सुबह उन्हें पूर्वेश के ग्रुप कैप्टन का फोन आया। जिसमें उनके बेटे के निधन की खबर दी।

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पिता ने कहा है कि पूर्वेश बचपन से ही भारतीय वायुसेना में जाने का सपना देखा करता था। इस सपने को पूरा करने के लिये उन्होंने पूरी मेहनत और समर्पण के साथ तैयारी की थी। आखिरकार वायुसेना में शामिल होकर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया। उन्होंने कहा है कि उनका बेटा बेहद सामाजिक स्वभाव का था। देश सेवा के लिये सदैव तत्पर रहता था।
रविन्द्र दुरागकर ने बताया कि बेटा छत्रपति शिवाजी महाराज की विचारधारा से प्रेरित था। देश के लिये कुछ करना चाहता था। उन्होंने कहा कि एक पायलट को तैयार करने में देश को बहुत समय और संसाधन लगते हैं। इसलिये यह नुकसान सिर्फ उनके परिवार का ही नहीं बल्कि पूरे देश का है। उन्होनंे यह भी कहा कि घटना की जांच के बाद ही पता चलेगा कि आखिर दुर्घटना का कारण क्या था। लेकिन उनके लिये सबसे बड़ा दुःख यह है कि उनका बेटा अब उनके बीच नहीं रहा।
असम के तेजपुर एयरबेस पर पूर्वेश की थी तैनाती
पूर्वेश दुरागकर की तैनाती असम के तेजपुर एयरबेस पर थी। लेकिन इन दिनों तेजपुर के रनवे पर कुछ काम चल रहा था। लिये वह फिलहाल जोरहाट में तैनात थे। इसी बची यह हादसा होगया। शुक्रवार की शाम पूर्वेश दुरागकर का पार्थिव शरी नागपुर लाया जायेगा। इसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा। प्रशासन और वायुसेना के ऑफिसर भी इस बीच मौजूद रहेंगे।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहली बार 27 फरवरी को एलसीएच प्रचंड में उड़ान भरेगी, देखेंगी वायुसेना की वायु शक्ति

Droupadi Murmu LCH Prachand

नई दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार 27 फरवरी को राजस्थान के जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर देश के पहले स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हैलीकॉप्टर (एलसीएच) प्रचंड में उड़ान भरेगी। यह ऐतिहासिक पल है। पहली बार कोई राष्ट्रपति स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर में को-पायलट की भूमिका में रहेगी। उड़ान के दौरान वह ‘‘वायुशक्ति-2026’’ व्यायाम क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण भी करेगी। उड़ान के बाद दोपहर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पोखरण फील्उ फायरिंग रेंज (चांदन इलाका) में भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े फायर पॉवर प्रदर्शन ‘‘वायुशक्ति-2026’’ की मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।

बाएं से- ये है प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर जिसमें प्रेसीडेंट द्रौपदी मुर्मू उड़ान भरेंगी. (Photo: ITG)
प्रचंड हेलीकॉप्टर क्या है
प्रचंड हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा पूरी तरह से भारत में बनाया गया है। लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है। इसे खासतौर पर ऊंचे पहाड़ों (लद्ाख सियचिन जैसे इलाके) के लिये डिजाइन किया गया है।
प्रचंड की खास बातें
ऊंचाई: 6,500 मीटर तक उड़ सकता है।
वजन: 5800 किलो
गति: 268 किमी प्रति घंटा
हथियार: 20 मिमी तोप, 70 मिमी रॉकेट, हेलिना एंटी-टैंक मिसाइलें
इंजन: दो शक्तिशाली ‘शक्ति’ इंजन
खास फीचर: दुश्मन के रडार से छुपने की क्षमता, स्टेल्थ टेक्नोलॉजी
यह हेलिकॉप्टर भारतीय सेना और वायुसेना दोनों में शामिल हो चुका है. पाकिस्तान-चीन सीमा पर यह दुश्मन के टैंकों, बंकरों और सैनिकों को निशाना बनाने में बेहद कारगर है।
इसमें शामिल हैं
77 लड़ाकू विमान (राफेल, सुखोई-30, मिराज-2000 आदि).
43 हेलिकॉप्टर (प्रचंड, अपाचे, चिनूक, ALH आदि).
दिन और रात दोनों समय में हमले का प्रदर्शन.
स्वदेशी मिसाइलें, बम और गोला-बारूद का इस्तेमाल.
यह अभ्यास दिखाएगा कि भारतीय वायुसेना दुश्मन के ठिकानों को कैसे सटीक निशाना बनाकर नष्ट कर सकती है।
क्यों खास है यह दौरा
राष्ट्रपति का प्रचंड में उड़ना आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूत संदेश देगा।   इससे सैनिकों का मनोबल बढ़ेगा. इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू राफेल और सुखोई-30MKI में भी उड़ान भर चुकी हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य बड़े नेता भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

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एचएएल का दावा तेजस एयरक्राफ्ट क्रैश नहीं हुआ, तेजस के ब्रेक फेल हुए थे, रनवे से आगे निकल गया था

दावा किया गया था कि हादसे में विमान को नुकसान पहुंचा है लेकिन पायलट सुरक्षित है। तस्वीर- फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

नई दिल्ली. हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएच) ने सोमवार को भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के फायटर जेट तेजस के क्रैश की खबरों को गलत बताया है। एचएएल ने कहा है कि ग्राउंड पर एयरक्राफ्ट में मामूली तकनीकी खराबी आयी थी। हवा में ऐसा कोई हादसा नहीं हुआ है। एचएएल ने बताया है कि वह एयरफोर्स के साथ मिलकर तकनीकी गड़बड़ी की जांच कर रही है। उसे जल्द ठीक करेगी। कम्पनी ने यह भी दावा किया है। तेजस का सेफ्टी रिकॉर्ड दुनिया के आधुनिक फायटर जेट्स में सबसे बेहतर में से एक है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने रविवार की देर रात सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि 7 फरवरी को लैंडिंग के दौरान तेजस का ब्रेक फेल हो गया था। इसके कारण एयरक्राफ्ट रनवे से आगे निकल गया। हादसे से पहले पायलट सुरक्षित बाहर निकल गया। लेकिन विमान को नुकसान पहुंचा है। पीटीआई के अनुसार तेजस ट्रेनिंग उड़ान के बाद एयरबेस पर लौट रहा था। हालांकि हादसा किस एयरबेस पर हुआ। पीटीआई ने इसकी जानकारी नहीं दी। तेजस को एचएएल ने विकसित किया है। यह सिंगल इंजन वाला हल्का लड़ाकू विमान है।
दावा- जांच होने तक सभी 30 तेजस की उड़ान पर रोक
सूत्रों ने दावा किया कि घटना के बाद एयरफोर्स नेतेजस जेट के पूरे बेड़े को टेक्निकल जांच के लिए ग्राउंड कर दिया। यानी जांच पूरी होने तक विमान उड़ान नहीं भरेंगे। हादसे पर IAF की तरफ से कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है। दावे के मुताबिक, तेजस जेट से जुड़ा यह तीसरा हादसा है। पहला हादसा मार्च 2024 में हुआ था, जब जैसलमेर के पास एक तेजस जेट क्रैश हो गया था। दूसरा हादसा नवंबर 2025 में हुआ था जब दुबई एयरशो में एरियल डिस्प्ले के दौरान एक तेजस जेट क्रैश हो गया था।

21 नवंबर 2025: तेजस फाइटर जेट दुबई एयर शो में क्रैश, पायलट की मौत

पिछले साल नवंबर में दुबई एयर शो में भारतीय वायुसेना का तेजस फाइटर जेट क्रैश हो गया था। हादसा अल मकतूम एयरपोर्ट पर जारी एयर शो में एक डेमो फ्लाइट के दौरान हुआ।विमान के गिरते ही उसमें आग लग गई और हवाई अड्डे के ऊपर काले धुएं का गुबार देखा गया। एयरफोर्स ने बताया कि हादसे में पायलट की भी मौत हो गई। जान गंवाने वाले विंग कमांडर नमांश स्याल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले थे।

12 मार्च 2024: जैसलमेर में तेजस फाइटर जेट क्रैश, इंजन फेल हुआ था

राजस्थान के पोकरण में ‘भारत शक्ति युद्धाभ्यास’ में शामिल तेजस फाइटर जेट मार्च 2024 में क्रैश हो गया था। यह जैसलमेर शहर से 2 किमी दूर जवाहर नगर स्थित भील समाज के हॉस्टल पर जा गिरा। तेजस के क्रैश होने की यह पहली घटना थी। इंजन फेल होने की वजह से यह फाइटर जेट क्रैश हुआ था। पायलट ने इजेक्शन से पहले ग्राउंड स्टाफ को इंजन में आई खराबी के बारे में बताया भी था।

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आपके देश को राफेल होगा फायदा, भारत और फ्रांस डील को मैक्रों का विपक्ष को जवाब

नई दिल्ली. फा्रंस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो ने गुरूवार को दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में शिरकत की। इस बीच मैक्रो ने राफेल को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। इस बीच जब मैक्रो से जब राफेल को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा है कि मुझे नहीं पता कि लोग इसकी आलोचना क्यों करते है। इससे आपके देश को मजबूती मिली है। मैक्रो ने भारत के साथ 114 रॉफेल लड़ाकू विमानों की डील का बचाव करते हुए कहा है कि इस समझौते को लेकर उठ रही आलोचनाओं को खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि यह फायटर जेट भारत को सैन्य रूप से और ज्यादा मजबूत बनाते हैं। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करते हैं। मैक्रो ने कहा है कि इस डील का व्यावसायिक पहलू दसॉल्ट एविएशन और आपकी सरकार के बीच संवाद का हिस्सा है। समझ नहीं आता है कि लोग इसकी आलोचना कैसे कर सकते हैं। यह आपके देश को मजबूत बनाता है। हमारे बीच रणनीतिक संबंधों को बढ़ाता है। यहां अधिक रोजगार भी पैदा करता है।
आपको बता दें कि मैक्रो का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब एक हफ्ते पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने 114 राफेल लड़ाकू विमनों की खरीद को मंजूरी दी थी। लगभग 3.25 लाख करोड़ रूपये की इस मेगा डील को मैक्रो की भारत यात्रा से ठीक पहले हरी झंडी मिली है। भारत और फ्रांस रक्षा सहयोग की सराहना करते हुए मैक्रो ने कहा है कि हम इस बात के लिये बेहद प्रतिबद्ध है। ज्यादातर भारतीय पुर्जो का उपयोग हो और अधिक से अधिक महत्वपूर्ण उपकरणों का निर्माण भारत में ही किया जाये। यही तर्क टाटा-एयरबस डील के पीछे भी था। इसलिये हम राफेल के मामले में भी यही करेंगे। आप हम पर भरोसा कर सकते है।

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देशभर के न्यायाधीशों का मीडिया ट्रायल पर सख्त रुख, कोर्ट अब सरकारों को कहेंगी कि केस में पहले आपसी समझौते के विकल्प तलाशे

भोपाल. राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी (एनजेए) में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में सभी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों ने केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा बेवजह मुकदमे दायर करने पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि अदालतों में बढ़ते लंबित मामलों की सबसे बड़ी वजह सरकारी केस है। सुप्रीम कोर्ट और सभी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के बीच इस इस बात गंभीर चर्चा हुई है कि सरकारों को वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) के तरीकों को अपनाने के लिये प्रोत्साहित किया जाये। सरकार की तरफ से केस दायर किये जाने पर अब जज ही उन्हें यह कहें कि पहले आपसी समझौते से समाधान के विकल्प तलाशें उसके बाद ही अदालत का रास्त अपनाये।
इसके साथ ही सरकारी पक्ष को यह भी कहा जायेगा कि वर्षो तक अदालतों में केस लड़ने से होने वाले नुकसान के बजाय सरकारें मामलूली नुकसान स्वीकार कर तत्काल समाधान की दिशा में आगे बढ़ें। क्रिमिनल मामलों में लंबित केसों का बोझ कम करने के लिये यह रणीनीति भी तय की गयी है 7 साल तक की सजा वाले मामलों को सुनवाई में प्राथमिकता दी जायेगी। गौरतलब है कि एकीकृत-प्रभावी और जनकेन्द्रित न्यायपालिका पर आधारित कॉफ्रेंस का समापन रविवार को हुआ।
न्यायपालिका की सबसे ताकतवर तस्वीर
सबसे अगली पंक्ति में सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत और एनजेए के डायरेक्टर जस्टिस अनिरूद्ध बोस, साथ में सुप्रीम कोर्ट के 8 वरिष्ठ न्यायाधीशगण। दूसरी व तीसरी पंक्ति में देश की 25 हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस। इनमें मप्र के चीफ जस्टिस संजीव सचदेपवा, तीसरी पंक्ति में दाये से दूसरे नम्बर पर।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में 65%  से ज्यादा केस सिर्फ सरकार से जुड़े हुए
एमपी के वरिष्ठ वकीलों के अनुसार राज्य में हाईकोर्ट में लंबित 65 से 70 केस ऐसे हैं जिनमें मप्र शासन या फिर केन्द्र पार्टी है। इसमें कुछ केस ऐसे भी है। जो मप्र शासन या फिर केन्द्र सरकार ने ही दायर किये है। मप्र हाईकोर्ट में केसों की बात करें तो सबसे अधिक संख्या क्रिमिनल केसों की है।
अदालतों में लंबित मामलों में 10-15 सर्विस मैटर है। सरकार सबसे बड़ी जमीन मालिक भी है। इसलिये कई सिविल मामले उसी से जुड़े हुए है। ऐसे मामलों को कोर्ट की बजाय मध्यस्थता से सुलझाया जाये तो निपटारा तेज होगा। न्यायपालिका स्तर पर शुरूआत होने से प्रक्रिया और तेज हो सकती है।
राष्ट्रीय न्यायिक नीति पर सहमति, लेकिन मीडिया ट्रायल पर सख्त रुख
कॉन्फ्रेंस में सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में यह भी माना गया कि देश को अब एक राष्ट्रीय न्यायिक नीति की जरूरत है। यह नीति न्यायपालिका को एकीकृत, संगठित और मजबूत बनाएगी। साथ ही अदालतों को तेज, सरल, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने में मदद करेगी।
कांफ्रेंस में मीडिया ट्रायल को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने साफ कहा कि न्याय सिर्फ अदालत में होना चाहिए, मीडिया में नहीं। जजों को मीडिया में चल रही चर्चाओं के प्रति संवेदनशील तो होना चाहिए, लेकिन उनसे प्रभावित नहीं होना चाहिए।