7वें वेतन आयोग -क्यों हो रही महंगाई भत्ते में देरी और कितनी बढ़ेगा वेतन
नई दिल्ली. केन्द्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स जनवरी 2026 में महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में वृद्धि का बेसब्री से इतजार कर रहे है। अप्रैल माह शुरू हो चुका है अभी तक कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की गयी। जिससे कई लोगों को लग रहा है कि जल्द ही इसका ऐलान होने वाला है।
महंगाई भत्ता (डीए) में वृद्धि से मासिक वेतन और पेंशन में सीधे तौर पर वृद्धि होती है।इसलिये एक छोटा सा बदलाव भी लाखों परिवारों के लिये महत्व रखता है। अभी केन्द्र सरकार ने 8वां वेतन आयोग भी लागू नहीं किया है। जिस वजह से इन कर्मचारियों का 7वें वेतन आयोग के तहत ही डीए और डीआर में वृद्धि का अनुमान है। केन्द्र सरकार साल में 2 बार महंगाई भत्ता में वृद्धि करती है। पहली बढ़ोत्तरी जनवरी से लागू होती है। जिसका ऐलान मार्च या अप्रैल में किया जाता है। जबकि दूसरी वृद्धि जुलाई से लागू होती है। जिसका ऐलान सितम्बर -अक्टूबर में लागू किया जाता है। सरकारी कर्मचारी अभी जनवरी वाले भत्ते का इंतजार कर रहे है।
महंगाई भत्ते के आने में क्यों हो रही देरी
मार्च में डीए की वृद्धि का ऐलान नहीं होने की वजह से चिन्ता पैदा हुई है। लेकिन एक्सपर्टस का कहना है कि यह असामान्य हो सकता है। कर्मा मैनेजमेंट ग्लोबल कंसल्टिंग सॉल्यूशंस प्रायवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य विजन अधिकारी प्रतीक वैद्य बताते हैं। कि यह प्रॉसेस एक तय समय समय सीमा का पालन करती है। उन्होंने कहा है कि आमतौर पर जनवरी के लिये एग्रीकल्चर खर्च संबंध ऐलान मार्च के आसपास पूरी हो जाती है। जब महंगाई के आंकड़े जारी होते हैं। इसलिये समय के लिहाज से देखें तो इसमें कोई खास बदलाव नहीं हो रहा है। उन्होंने आगे कहा है कि जिसे कई लोग देरी कह रहे है। वह असल में मंदी से अधिक उम्मीदों से जुड़ी है। वैद्य ने कहा है कि जिस देरी को ‘‘देरी’’ के रूप में देखा जा रहा है। वह वास्तविकता से कहीं अधिक अपेक्षाओं पर आधारित है। यह दिसम्बर तक पूरे वर्ष के एआइ्रसीपीआई आंकड़ों पर निर्भरकरता है। उसके बाद एक प्रॉसेंस है। फाईल की आवाजाही, वित्तीय जांच, कैबिनेट की मंजूरी, फिर डीए में बढ़ोत्तरी का ऐलान हो सकता है।
क्यों लग रहा इतना समय?
नियमित अप्रूवल के अलावा, व्यापक आर्थिक स्थिति भी समय तय करने में भूमिका निभा सकती है। वैद्य ने कहा कि सरकार जल्दी से ऐलान करने के बजाय उनमें अंराल रखना पसंद करेगी। इससे पता चलता है कि सरकार अपने फैसलों को जल्दबाजी में लेने के बजाय धीरे-धीरे ले ही है, भले ही कैलकुलेशन पहले से ही की जा चुकी हो ।जहां तक संभावित बढ़ोतरी की बात हैं तो शुरुआती अनुमान मामूली वृद्धि की ओर इशारा करते है। एक्सपर्ट का कहना है कि अनुमानित बढ़ोतरी लगभग 3% से 4% के आसपास होगी, जिससे महंगाई भत्ता 50 फीसदी से ऊपर चला जाएगा और 53 से 54 फीसदी हो सकता है।

