प्रख्यात सिंगर आशा भोसले ने 92 साल की आयु में निधन
मुंबई. सिंगर आशा भोसले का 92 साल की आयु में निधन हो गया है। रविवार की दोपहर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली है। उन्हें शनिवार की शाम को यहां भर्ती किया गया था। ब्रीच कैंडी अस्पताल में के डॉ. प्रतीत समदानी ने न्यूज एजेंसी ने बताया है कि आशा भोंसले को कई मेडीकल की समस्यायें थी। मल्टी ऑर्गन फेल्योर की वजह उनका निधन हो गया है।
डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया है कि आशा भोंसले की मल्टी ऑर्गन फेल्योर हुआ है। यानी उनके कई अंगों ने काम करना बन्दर कर दिया था। आशा भेंसले के बेटे आनंद भोंसले ने बताया है कि जो लोग अंतिम दर्शन करना चाहते है। वह कल सुबह 11 बजे उनके घर आ सकते है। अंतिम संस्कार सोमवार की शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जायेगा।
सिंगर आशा भोसले ने 40 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की थी । उन्होंने लेजेंडरी डायरेक्टर बिमल रॉय, राज कपूर के साथ-साथ लेजेंडरी म्यूजिक कम्पोजर OP नय्यर, सरदार मलिक, सज्जाद हुसैन, एस मोहिंदर, ए आर रहमान संग काम किया था। उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर 40 और 50 के दशक की सबसे बड़ी गायिकाओं में से एक थीं। मंगेशकर परिवार से आईं आशा भी अपनी बहन की ही तरह सुरीली आवाज वाली थीं. आशा ने अपनी आवाज का जादू बॉलीवुड में 1950 के दशक में चलाया। हालांकि उन्होंने बड़ी फिल्मों में अपनी आवाज देने से पहले कई लो बजट फिल्मों में गाना गाकर पहचान पाई। 1952 में आई फिल्म ‘संगदिल’ में उन्होंने गाने गाए थे. म्यूजिक कम्पोजर सज्जाद हुसैन की इस एल्बम ने आशा को फेम दिलाया. उस जमाने के जाने माने डायरेक्टर बिमल रॉय ने 1953 में आई फिल्म ‘परिणीता’ में आशा भोसले को साइन किया था। इसके बाद राज कपूर ने उनकी अपनी 1954 की फिल्म ‘बूट पोलिश’ में काम दिया. लेजेंडरी म्यूजिक कम्पोजर OP नय्यर के साथ आशा ने 1952 से लेकर 1956 तक कई गानों पर काम किया था। मगर 1957 में आई बी आर चोपड़ा की फिल्म ‘नया दौर’ के साथ आशा भोसले ने सफलता का असली स्वाद चखा. इस फिल्म के गाने भी नय्यर ने ही कम्पोज किए थे।

