म्यूल एकाउंट गैंग का क्राइम ब्रांच ने किया खुलासा, इंस्टाग्राम पर चल रहा था एकाउंटों का व्यापार
ग्वालियर. बढ़ते सायबर अपराधों के दौरान क्राइम ब्रांच पुलिस ने म्यूल एकाउंट नेटवर्क का बड़ा पर्दाफाश किया है। कार्यवाही में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। जो सायबर ठगी के लिये बैंक खातों की सप्लाई और लेन-देन में सक्रिय था। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान मुकेश गुर्जर 26, निवासी नाका चंद्रवदनी, गली नम्बर 5 के रूप में हुई है। सूचना मिली थी वह म्यूल खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने का कार्य करता है।
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर जांच की, जिसमें व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर बैंक खातों की खरीद-फरोख्त और ठगी के पैसों के लेन-लेन से जुड़े चैट मिले है। पुलिस ने मोबाइल का पंचनामा तैयार किया है। सूचना के आधार पर इस्पेक्टर धर्मेन्द्रसिंह कुशवाह के नेतृत्व में टीम ने आरोपी के घर पर दविश दी। उसे हिरासत में लेकर अपराधा शाखा थाने लाया गया और यहां पूछताछ में आरोपी ने महत्वपूर्ण खुलासे किये है।
खाते में ठगी का ट्रांजेक्शन, कई राज्यों के साइबर फ्रॉड से जुड़ा कनेक्शन
मुकेश ने बताया कि उसने अपने केनरा बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक के खाते करीब एक साल पहले प्रिंस लोधी नामक युवक को दे दिए थे। इसके अलावा उसने अन्य लोगों के बैंक खाते भी उसी को उपलब्ध कराए थे। जांच में सामने आया कि आरोपी का केनरा बैंक खाता राजस्थान, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में दर्ज साइबर ठगी के मामलों से जुड़ा हुआ है। इससे साफ है कि वह ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही मनी ट्रेल को लेकर पूछताछ जारी है, हालांकि आरोपी फिलहाल ज्यादा जानकारी देने से बच रहा है।

