हंगामे के बीच एंटी पेपरलीक बिल लोकसभा से हुआ पास, ध्वनिमत से हुआ मतदान, 7 साल की सजा, 10 करोड़ तक जुर्माना

नई दिल्ली. लोकसभा में मंगलवार को एंटी पेपरलीक बिल पर चर्चा की शुआत हुई थी। इस बिल पर आज भी चर्चा जारी है। लोकसभा में बुधवार को कार्यवाहीे की शुरूआत होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगाम कर दिया। हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिये स्थगित कर दी गयी । 12 बजे से इस बिल पर चर्चा की शुरूआत हो गयी है। जेडीयू सांसद दिलेश्वर कामत ने आज चर्चा की शुरूआत की है।

वहीं, राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने एक दिन पहले सीपीएम के दिल्ली कार्यालय पर रेड का मुद्दा उठाया तो विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खड़े ने इस लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए सरकार को घेरा। वहीं नेता सदन में जेपी नड्डा ने कहा है कि यह सामान्य बात है। जेपी नड्डा ने कहा है कि इस स्टूडेंट एक्टिविस्ट के तौर पर मैं भी दो बार गिरफ्तार हुआ हूं।
दो ही विकल्प हो सकते है-राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा है कि सिर्फ इतना पूछा है कि 2 ही विकल्प हो सकते है। पहला विकल्प यह कि गृहमंत्री ने फायरिंग का आदेश दिया या दूसरा विकल्प यह है कि गृहमंत्री का मालूम ही नहीं था कि फायरिंग होने वाली है। पहले मामले में वह दोषी है। दूसरे मामले में वह अयोग्य है। तीसरा तो कोई विकल्प हो ही नहीं सकता या तो गृहमंत्री को पता नहीं था कि गोली चल रही है। जिसका मतलब है कि वह अयोग्य है या फिर उन्होंने आदेश दिया। जिस स्थिति में वह दोषी है। मैं सिर्फ यही कह रहा हूं। यह सीधी सी लॉजिक है।

