स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हो रहे हमले से आया संकट, भारत अलर्ट, तेल -गैस आयात के लिये बदला रास्ता
नई दिल्ली. अमेरिका-ईरान के बीच फिर से युद्ध छिड़ने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर तनाव काफी ज्यादा बढ़ चुका है। अधिकतर जहाज होर्मुज के बजाय बैकल्पिक रास्ते को जपना रहे हे। एस एंड पी ग्लोबज एनर्जी के नये रिसर्च के मुताबिक, जंग फारस की खाड़ी से तेल एलएनजी और निर्यात को तेजी से कम कर रही है। जबकि 17 जून को समझौता होने के बाद से तेल और गैस का निर्यात तेजी से बढ़ा था और अब यह कम हो चुका है। इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि भारत होर्मुज जनडमरू मध्य में बढ़ते रिस्क से बचने के लिये कच्चे तेल और एलएनजी के आयात को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान केक रास्ते मोड़ रहा है। इसका मतलब है कि भारतअ पने तेल-गैस की आपूर्ति पूरी करने के लिये वैकल्पिक रास्तों को अपना रहा है।
ईरान की वैकल्पिक रास्तों पर दी हमले की चेतावनी
वहीं, दूसरी ओर मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके तेल एक्सपोर्ट को रोका गया है तो वह फुजैरा पाइपलाइन और सऊरी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन सहित अन्य वैकल्पिक रास्तों को निशाना बना सकता है।

