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मंत्रियों के साथ दो दिन चिंतन करेंगे CM मोहन यादव, कलेक्टर-कमिश्नर संग बनेगा फ्यूचर रोडमैप

भोपाल. सीएम मोहन यादव पहली बार चिंतन शिविर का आयोजन करने जा रहे है। सितंबर में सीएम सभी मंत्रियों के साथ दो दिनों तक चिंतन-मंथन करेंगे। सीएम के निर्देश पर इस चिंतन शिविर की तैयारियां की जा रही है। अगले महीने में प्रस्तावित चिंतन शिविर मं मंत्रियों के समूह बनाकर ढाई साल में हुए विभागीय कामों, योजनाओं की प्रोग्रेस की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही संकल्प पत्र के अनुसार अगले ढाई साल के रोडमैप पर भी चर्चा होगी। इस बार के चिंतन शिविर में तीन-चार विभागों के मंत्रियों के ग्रुप बनाकर चिंतन-मंथन किया जाएगा।


चिंतन शिविर के दौरान कलेक्टर-कमिश्नर से लेकर विभागों के एसीएस, पीएस भी मौजूद रहेंगे। सीएम की इच्दा है कि मंत्रियों के साथ होने वाली समीक्षा बैठक में प्रभार के जिलों की स्थिति पर भी चर्चा हो और वहां की स्थानीय चुनौतियों, कामों को लेकर रिव्यू में अफसरों से सवाल-जवाब किए जा सकें।
आमतौर पर चिंतन शिविर राजधानी से दूर एकांत क्षेत्र में आयोजित किए जाते रहे है लेकिन मंत्रियों सेलेकर तमाम अफसरों को भोपाल के बाहर शिविर में आने-जाने ठहरने में काफी खर्च होता है। सीएम ने यह सुझाव दिया है कि राजधानी में ही यह चिंतन शिविर आयोजित किया जाए, ताकि मंत्री-अफसर सब आसानी से रात्रि विश्राम के लिए अपने घर जा सकें और आने-जाने ठहरने की व्यवस्थाओं पर होने वाले खर्च से बचा जा सके।

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शक्कर के दाम में मिलेगी राहत, 2-3 दिन में गिरेंगे भाव

भोपाल. शक्कर के मिल डिलीवरी मूल्य एवं थोक बाजार भाव में कुछ और नरमी आ गई, लेकिन अखिल भारतीय स्तर पर इसका औसत खुदरा मूल्य उछलकर 63.97 रुपए प्रति किलो के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया है। उद्योग समीक्षकों की मानें तो, मिल डिलीवरी मूल्य और थोक बाजार भाव में आई नरमी का असर अगले दो स तीन दिनों में खुदरा दाम पर दिखाई पड़ने लगेगा और शक्कर का खुदरा मूल्य गिरकर 60 रुपए प्रति किलो से नीचे आ जाएगा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एस ग्रेड की शक्कर का एक्स फैक्टरी बिक्री मूल्य 5500-5700 रुपए प्रति क्विंटल पर था, जो अब गिरकर 5400-5500 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया है। उद्योग विश्लेषकों के अनुसार सरकारी सख्ती के कारण घटे हुए दाम पर भी खरीदारों का अभाव देखा जा रहा है।
रोजाना इस्तेमाल का किराना हुआ महंगा
शक्कर 5800 से 5900, रायल रतन साबूदाना लूज में 7550, 1 किलो पैकिंग में 8100, सच्चा मोती लूज में 7450, 1 किलो पैंकिंग में 7950, आधा किलो पैंकिंग में 8050, सच्चा साबुदाना एगमार्क (आधा किलो पैकिंग) 8200, साबूदाना चक्र एगमार्क (500 ग्राम) 8140, साबूदाना गोपाल लूज (25 किलो) 6910 रुपए (भाव प्रति क्विंटल में)। खोपरा गोला कट्टे में 355 और बाक्स में 365 से 419, खोपरा बूरा 3200 से 5950 रुपए।
इन चीजों के दामों में भी उतार-चढ़ाव
पूजन सामग्री : नारियल 120 भरती 3100 से 3150, 160 भरती 3600 से 3650, 200 भरती 3900 से 3950, 250 भरती 4600 से 4650, देशी कपूर 1295 से 1320, पूजा बादाम 250 से 260, बेस्ट 275 से 300, पूजा सुपारी 425, अरीठा 175 रुपए। केसर 185 से 200, बेस्ट 255 से 262 रुपए प्रति ग्राम।
मसाले : कालीमिर्च 755 से 760, मिनिमटर 775 से 785, मटरदाना 800 से 900, हल्दी निजामाबाद 230 से 250, हल्दी सांगली 320, जीरा 240 से 245, मीडियम 250 से 285, बेस्ट 310, सौंफ मोटी 130 से 155, बेस्ट 185 से 275, एक्सट्रा बेस्ट 325 से 385, बारीक 175 से 275, लौंग चालू 900 से 920, बेस्ट 950, दालचीनी 250 से 255, बेस्ट 260 से 270, जायफल 840 से 880, बेस्ट 925, जावत्री 1850 से 2000, बेस्ट 2300 से 2350, बड़ी इलायची 1350 से 1450, बेस्ट 1550 से 1650 रुपए।

 

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भारतीय टैंक शक्ति को मिलेगी नई ताकत, जबलपुर में ₹450 करोड़ से बनेगा स्वदेशी प्लांट

जबलपुर. वाहन निर्माणी जबलपुर में करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से टी-72 टैंकों के ओवरहाल और अपग्रेडेशन के लिए अत्याधुनिक प्लांट स्थापित किया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी गुरूवार को आधारशिला रखी। इस परियोजना से टी-72 और टी-90 जैसे मुख्य युद्धक टैंकों के रखरखाव, पूर्ण मरम्मत और तकनीकी उन्नयन की देश में क्षमता मजबूत होगी। करीब दो साल में संयंत्र तैयार होने की उम्मीद है। इससे जबलपुर आयुध निर्माण के साथ बख्तरबंद सैन्य क्षमता को आत्मनिर्भर बनाने वाले प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।
अवाडी के बाद दूसरा बड़ा केंद्र
चेन्नई के अवाडी के बाद जबलपुर देश का दूसरा प्रमुख केंद्र होगा, जहां टी-72 टैंकों का बड़े स्तर पर ओवरहाल किया जा सकेगा। टी-72 टैंक भारत ने रशिया से खरीदा था। अब इसके अपग्रेडेशन के लिए भारत में नए संयंत्र तैयार किए जा रहे हैं।

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नरोत्तम मिश्रा से मिलने पहुंचे मंत्री एंदलसिंह कंसाना, अकेले में हुई बातचीत; भोपाल में बढ़ी सियासी हलचल

भोपाल. मध्यप्रदेश के वरिष्ठ बीजेपी नेता, राज्य के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। दतिया उपचुनाव में टिकट कटने से लेकर पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की हार तक खूब तूफान उठा। हाल ही में अपनी पूर्व विधानसभा में नरोत्तम मिश्रा के जबर्दस्त स्वागत की भी खूब चर्चा हुई। वे अपने परिचितों, पार्टी नेताओं और आम लोगों से लगातार मिल रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं। इस बीच प्रदेश के एक वरिष्ठ मंत्री एंदलसिंह कंसाना अचानक नरोत्तम मिश्रा से मिलने उनके आवास पहुंच गए। उनसे अकेले में बातचीत की। नरोत्तम मिश्रा और एंदलसिंह कंसाना की इस मुलाकात से भोपाल में राजनैतिक सरगर्मी बढ़ गई।
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एंदल सिंह कंसाना, नरोत्तम मिश्रा से मिलने पहुंच गए
इस बीच राजनीतिक गलियारों में उस वक्त एक बार फिर अटकलें तेज हो गईं जब प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एंदल सिंह कंसाना, नरोत्तम मिश्रा से मिलने पहुंच गए। दतिया उपचुनाव के बाद दोनों नेताओं की यह मुलाकात राजनैतिक नजरिए से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, नरोत्तम मिश्रा ने इस मुलाकात को सौजन्य भेंट बताया है। उन्होंने कहा है कि कंसाना, मेरे मित्र हैं और उनसे सामान्य विषयों पर बातचीत हुई।
मिश्रा के भोपाल स्थित आवास पर मुलाकात हुई
कैबिनेट मंत्री एंदल सिंह कंसाना, नरोत्तम मिश्रा से मिलने उनके घर पहुंचे थे। मिश्रा के भोपाल स्थित आवास पर ये मुलाकात हुई। मंत्री एंदलसिंह कंसाना और नरोत्तम मिश्रा ने अकेले में बातचीत की। इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया में भी जानकारी दी।

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दिनभर जाम से कराहा ग्वालियर, एंबुलेंस से शव यात्रा तक फंसी

ग्वालियर. शहर में सुबह से लेकर शाम तक सड़कों पर ट्रैफिक जाम लगा रहा। इस कारण एंबुलेंस से लेकर शव यात्रा भी जाम में फंसी रही। सबसे ज्यादा हालत खराब शिंदे की छावनी रोड पर हुई क्योंकि वहां एक तरफ का रास्ता बंद करने के कारण पूरा यातायात नौगजा रोड पर खोल दिया गया जिस कारण वाहन रेंगते हुए चले। जिस रास्ते से निकलने के लिए पांच मिनट लगते थे वहां से निकलने में लगभग आधा घंटा लग गया। लक्ष्मण तलैया से लेकर फूलबाग चौराहे तक रास्ता पूरी तरह जाम रहा। यही स्थिति महल गेट के सामने रही। वहां से गुजरने वाले वाहनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम के ये रहे कारण
एलिवेटेड रोड के निर्माण के कारण डीडी मॉल वाला रास्ता बंद होने से हालत और ज्यादा खराब हो गई।
ईद मिलादुन्नवी पर फूलबाग और बहोड़ापुर क्षेत्र से जुलूस निकले, इस कारण जाम लग गया।
शाम को वर्षा होने के कारण लोग घूमने के लिए निकल पड़े जिससे सड़कों पर चार पहिया से लेकर दो पहिया वाहनों की तादात बढ़ गई।
भाजपा के राष्ट्रीय सह मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल के प्रथम नगर आगमन पर निकले जुलूस के कारण भी जाम की स्थिति रही।

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ग्वालियर में ईद मिलादुन्नवी जुलूस में नियमों की अनदेखी, तेज डीजे और कार्बाइड गन के इस्तेमाल के आरोप

ग्वालियर. ईद मिलादुन्नवी पर मुस्लिम समाज के लोगों ने शहर में जुलूस निकाला। सुबह करीब 11.30 बजे सागरताल से जुलूस प्रारंभ हुआ और शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ फूलबाग स्थित मोती मस्जित पहुंचा। जुलूस में शामिल लोगों ने जमकर नियमों की धज्जियां उडाई। जुलूस में कई साउंड सिस्टम पर म्यूजिक बजाया गया। कई जगह तो साउंड सिस्टम की धमकी घरों के अंदर पहुंची और बर्तन तक गिर गए। इतना ही नहीं खुलेआम कार्बाइड गन से पटाखे फोडे गए।
थाना प्रभारी ने आवाज धीमी करने को बोला तो अभद्रता करने लगे
सागरताल से जैसे ही जुलूस प्रारंभ हुआ तो साथ में साउंड सिस्टम लगी गाडियां चलने लगीं। काफी तेज आवाज में साउंड सिस्टम चलाया जा रहा था जिससे यहां से निकल रहे लोगों से लेकर रहवासियों तक को असुविधा होने लगी। बहोडापुर इलाके में जैसे ही साउंड सिस्टम की आवाज धीमी करने के लिए बहोडापुर थाना प्रभारी आलोक सिंह परिहार फोर्स के साथ पहुंचे और उन्होंने जुलूस में शामिल लोगों को टोका तो यह लोग अभद्रता पर उतारू हो गए। करीब 15 मिनट तक यहां तीखी बहस हुई। इसके बाद जुलूस में शामिल मुस्लिम समाज के लोगों ने युवकों को शांत कराया फिर जुलूस आगे बढ सका। जुलूस में शामिल युवकों ने नारेबाजी की।
कुछ युवकों द्वारा खुलेआम कार्बाइड गन से पटाखे फोडे
दीवाली पर पूरे प्रदेश में कार्बाइड गन से कई लोगों की आंख में चोट पहुंची थी इसके बाद इस गन को प्रतिबंधित कर दिया था। ग्वालियर में भी कई दुकानदारों पर एफआईआर दर्ज हुई थी इसके बाद भी बाजार में जब यह जुलूस निकला तो जुलूस में शामिल कुछ युवकों द्वारा खुलेआम कार्बाइड गन से पटाखे फोडे गए। वाहन चालक और रहवासी दहशत में आ गए।
जहां निकला जुलूस, वहां घंटों जाम, फंसते रहे वाहन
शहर के जिन रास्तों से जुलूस निकला, वहां जाम लगा। उन रास्तों के अलावा वैकल्पिक रास्तों पर भी वाहन फंसते रहे। सबसे ज्यादा खराब हालात रामदास घाटी से नौगजा रोड, शिंदे की छावनी, फूलबाग चौराहा, पड़ाव चौराहा, स्टेशन बजरिया, पड़ाव आरओबी पर लगा। यहां जब जुलूस निकला तो पहले से एलीवेटेड रोड निर्माण के चलते ट्रैफिक डायवर्ट है। जुलूस के दौरान साउंड सिस्टम, कई वाहन एकसाथ निकले। वाहन फंसने लगे। इस दौरान एंबुलेंस भी फंस गई।

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माइनस 15 डिग्री तापमान में 22 हजार फीट ऊंचाई से छलांग, स्वदेशी पैराशूट सिस्टम का सफल परीक्षण

नई दिल्ली. आगरा स्थित एडीआरडीई द्वारा डिजाइन और विकसित मिलिट्री कॉम्बैट पैराशूट सिस्टम का दुनिया के सबसे ऊंचे ड्रॉप जोन में शामिल न्योमा के मुध ड्रॉप जोन में सफल परीक्षण किया गया। इस परीक्षण के दौरान एडीआरडीई के प्रशिक्षित जम्परों ने 22 हजार की ऊंचाई से छलांग लगाई। इस दौरान तापमान शून्य से नीचे माइनस 15 डिग्री सेल्सियस के करीब था। इस चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद पैराशूट प्रणाली और उससे जुड़े सभी स्वदेशी उप-तंत्रों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया गया।
वायुसेना के जवानों ने लगाई छलांग
परीक्षण के दौरान एडीआरडीई के मुख्य परीक्षण जम्पर विंग कमांडर राहुल झा, एमडब्ल्यूओ आर. जे. सिंह, वीएम (जी) और एमडब्ल्यूओ विवेक तिवारी ने 22,000 फीट की ऊंचाई से यह छलांग लगाई। सफल परीक्षण के बाद डीआरडीओ ने बताया कि एमसीपीएस को 20 हजार फीट की ऊंचाई पर खोला गया। इसके बाद जंपरों ने नियंत्रित तरीके से उतरते हुए 13,700 फीट पर सुरक्षित लैंडिंग की।
इन उपकरणों का प्रयोग भी रहा सफल
डीआरडीओ ने कहा कि इस परीक्षण की खास बात यह रही कि यहां केवल पैराशूट ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों का भी इस्तेमाल किया गया। डीआरडीओ ने बताया कि इनमें स्वदेशी पैरा कंप्यूटर, ऑक्सीजन प्रणाली और विशेष जंपसूट भी शामिल थे। यह पूरा सिस्टम अत्यधिक ऊंचाई पर भी भरोसेमंद साबित हुआ है। डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने कहा कि परीक्षण ने यह साबित किया कि एमसीपीएस बेहद कम तापमान और अत्यधिक ऊंचाई जैसी कठिन परिस्थितियों में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकता है। परीक्षण के सफल परिणाम से इसकी विश्वसनीयता, प्रभावशीलता और सामरिक उपयोगिता की पुष्टि हुई है।

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उड़ते विमान में बम की धमकी से हड़कंप, लखनऊ-बेंगलुरु फ्लाइट की सुरक्षा जांच शुरू

नई दिल्ली. लखनऊ से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6ई231 को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उतरने से कुछ देर पहले विमान में बम होने की धमकी मिली। जैसे ही क्रू को इसकी जानकारी हुई, पायलट और क्रू ने तय सुरक्षा नियमों के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी। उड़ते विमान में बम खबर से लखनऊ से बेंगलुरु तक हड़कंप मच गया। सुरक्षा एजेंसिया अलर्ट हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पायलट और क्रू ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत जरूरी कदम उठाए। फ्लाइट ने सुबह करीब 9 बजकर 40 मिनट पर सुरक्षित लैंडिंग की। विमान सुरक्षित उतरने के बाद बम की धमकी संबंधी जानकारी तत्काल अधिकारियों को दी गई। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों और एयरपोर्ट अधिकारियों ने विमान की जांच की।
विमान की गहन तलाशी शुरू कर दी है
मानक संचालन प्रक्रिया के तहत सुरक्षा अधिकारियों ने विमान की गहन तलाशी शुरू कर दी है। जांच के दौरान विमान के अंदरूनी हिस्सों के अलावा यात्रियों के सामान और अन्य संवेदनशील स्थानों की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। फिलहाल अभी तक किसी तरह की बम या विस्फोटक पदार्थ नहीं मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक हुई जांच पड़ताल में बम की फर्जी धमकी की आशंका है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इसे लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहतीं। इसलिए जांच पूरी होने तक सभी जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसिया हर संभावित पहलू की जांच की जा रही है।
जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
फिलहाल विमान को सुरक्षित माना जा रहा है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियों की जांच लगातार जारी है। अधिकारियों की ओर से विमान के साथ-साथ यात्रियों के सामान और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की भी गहन जांच की जा रही है। विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि विमान को धमकी किस माध्यम से दी गई। इसके पीछे की वास्तविकता क्या है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और निगरानी बढ़ा दी गई है।

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मोदी कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें तेज, इन मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी

नई दिल्ली. भाजपा में संगठन स्तर पर हुए बदलावों के बाद अब सबकी नजरें कैबिनेट रिशफल पर टिक गई हैं। नरेंद्र मोदी भी अपनी टीम में बदलाव करने वाले हैं। उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के साथ ही 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए नरेंद्र मोदी अपनी टीम को तैयार करेंगे। माना जा रहा है कि कुछ नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। जबकि कुछ अनुभवी नेताओं की कैबिनेट से विदाई हो सकती है। हालांकि, अभी ये साफ नहीं है कि कौन कैबिनेट से बाहर होगा, लेकिन बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की 65 सदस्यों वाली नई राष्ट्रीय टीम के ऐलान से एक अंदाजा जरूर मिल गया है। मौजूदा कैबिनेट में 14 मंत्रियों के पास एक से अधिक मंत्रालयोें का कार्यभार है, ऐसे में माना जा रहा है कि कुछ मंत्रियोें को सौंपे गए मंत्रालयों की संख्या में भी कमी की जा सकती है।
लेकिन 6-7 नए नाम जुड़ना लगभग तय
उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार में इस समय 69 मंत्री हैं, जबकि मंत्रियों की अधिकतम 81 हो सकती है। इस लिहाज से सरकार के पास 12 और पदों को भरने की गुंजाइश है। हालांकि, 12 नए मंत्री बनाए जाएं, इसकी संभावना कम है लेकिन 6-7 नए नाम जुड़ना लगभग तय है। 81 मंत्रियों के कोटे में से कुछ पद भविष्य के लिए बचाकर रखे जा सकते हैं। माना जा रहा है कि पार्टी के युवा चेहरे अनुराग ठाकुर को सरकार का हिस्सा बनाया जा सकता है। साथ ही यूपी, एमपी, राजस्थान, गुजरात और कर्नाटक को भी मंत्रिमंडल में अच्छा प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।
क्या गडकरी का बदलेगा विभाग
रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों का कहना है कि संभावित फेरबदल में चुनावी ज़रूरतों, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, उम्र, कामकाज और बीजेपी के एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत को ध्यान में रखा जा सकता है। इसका मतलब है कि जिन मंत्रियों को नितिन नवीन की टीम में भी बड़ी जिम्मेदारी मिली है, उनकी मोदी कैबिनेट से विदाई हो सकती है।
कैबिनेट फेरबदल को लेकर सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या नितिन गडकरी की कुर्सी को भी खतरा है। पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर देश में गुस्सा है। सोशल मीडिया एथेनॉल संबंधी शिकायतों को लेकर पटा पड़ा है। एक्टिविस्ट तेहसीन पूनावाल बाकायदा इसे लेकर अभियान चला रहे हैं और उन्हें जनता का सपोर्ट भी मिल रहा है। इस मुद्दे को लेकर नितिन गडकरी के खिलाफ लोगों में सबसे ज्यादा नाराजगी है, फिर भले ही यह सीधे तौर पर उनके मंत्रालय से जुड़ा मामला न हो।
गडकरी का इस हद तक विरोध हो रहा है कि उन्हें अदालत का रुख करना पड़ा है। सरकार के किसी मंत्री के विरोध का असर सरकार की छवि पर भी पड़ता है, तो क्या इस फेरबदल में नितिन गडकरी का पोर्टफोलियो बदला जा सकता है या उन्हें कुछ वक्त के लिए आराम दिया जा सकता है? ये सवाल सबसे ज्यादा पूछे जा रहे हैं।

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ग्वालियर में झमाझम बारिश, 33.2 मिमी पानी गिरा; सड़कों पर जलभराव ने बढ़ाई मुश्किल

ग्वालियर. ग्वालियर में मंगलवार देर रात शुरू हुआ बारिश का दौर बुधवार सुबह तक जारी रहा। रातभर हुई वर्षा से मौसम सुहाना हो गया और पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। सुबह भी शहर के कई इलाकों में बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में 33.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके असर से तापमान में गिरावट आई। बुधवार सुबह न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से 1.3 डिग्री कम रहा। हवा में नमी 100 प्रतिशत तक पहुंच गई।
लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया
पिछले कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान शहरवासियों ने बारिश के बाद राहत महसूस की। देर रात तेज बारिश के बाद सुबह मौसम ठंडा रहा। हालांकि लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। वाहन चालकों को जलभराव और फिसलन के बीच सावधानी से निकलना पड़ा। सुबह बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में कम आवाजाही रही। बारिश के कारण कार्यालय जाने वाले लोगों को भी परेशानी हुई। कुछ जगह सड़क धंसने और गड्ढे बनने से आवागमन प्रभावित हुआ।
अगले 24 घंटे भी बारिश के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में ग्वालियर में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।