सर्वर डाउन से ग्वालियर के हजार बिस्तर अस्पताल की OPD प्रभावित, छुट्टियों के बाद उमड़ी मरीजों की भीड़
ग्वालियर. रक्षाबंधन पर्व के बाद लगातार अवकाश के कारण जयारोग्य अस्पताल समूह (जेएएच) के हजार बिस्तर अस्पताल में सोमवार को मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। दो दिन तक सीमित समय की ओपीडी (सुबह 9 से 11 बजे) चली। अवकाश के बाद सोमवार को पूरे समय ओपीडी संचालित हुई तो 23 विभागों में कुल 3927 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इसी दौरान अस्पताल का सर्वर डाउन होने से ऑनलाइन पर्चे बनने की प्रक्रिया धीमी पड़ गई। पर्चे बनवाने के लिए मरीजों और उनके स्वजन को काफी देर इंतजार करना पड़ा। भीड़ बढ़ने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल प्रबंधन ने मैन्युअल पर्चे बनवाना शुरू किए, जिसके बाद व्यवस्था कुछ हद तक पटरी पर आई।
ओपीडी में 2953 नए मरीज पहुंचे
सोमवार को ओपीडी में 2953 नए मरीज पहुंचे, जबकि 974 पुराने मरीज उपचार के लिए आए। इनमें 2338 मरीजों ने शुल्क देकर पर्चा बनवाया, जबकि 615 मरीजों ने निश्शुल्क पर्ची के माध्यम से उपचार लिया। सर्वर की समस्या के कारण आनलाइन पंजीयन प्रभावित होने से पर्ची काउंटरों पर मरीजों की कतार बढ़ गई। ओपीडी के आंकड़ों में मेडिसिन विभाग सबसे आगे रहा। यहां 827 मरीज पहुंचे। इसके बाद डर्मेटोलाजी में 410, एनएल,एनएस में 344, आर्थो में 276, पीडियाट्रिक में 247 और आब्सटेट्रिक्स एवं गायनी विभाग में 234 मरीज पहुंचे। ईएनटी में 189, साइकेट्री में 173, सर्जरी में 171, पीएसएम में 153, फिजियोथेरेपी में 138, कैंसर विभाग में 126, आप्थेल्मोलाजी में 116 और चेस्ट टीबी विभाग में 115 मरीज पहुंचे। कार्डियोलाजी में 100, न्यूरोलाजी से जुड़े अन्य मामलों सहित विभिन्न विभागों में भी मरीजों की संख्या रही।
सर्वर की समस्या ने बढ़ाई परेशानी
अवकाश के बाद मरीजों की संख्या पहले से अधिक होने की संभावना थी, लेकिन इसी दौरान आनलाइन पंजीयन व्यवस्था में तकनीकी समस्या आने से परेशानी बढ़ गई। ऑनलाइन पर्चे बनने की गति कम होने के कारण मरीजों की कतारें लग गईं। अस्पताल प्रबंधन ने स्थिति संभालने के लिए मैन्युअल पर्ची बनवाने की व्यवस्था शुरू की। इससे मरीजों को राहत मिली और ओपीडी व्यवस्था को आगे बढ़ाया जा सका। लेकिन बुजुर्ग मरीज थककर जमीन पर बैठे नजर आए।

