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MP के यात्रियों के लिए खुशखबरी, तत्काल टिकट नियमों में 1 अगस्त से बड़ा बदलाव

जबलपुर. तत्काल काउंटर से टिकट बुक कराने वाले रेल यात्रियों के लिए पश्चिम मध्य रेलवे से राहत भरी खबर लेकर आया है। रेलवे प्रशासन ने काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों और यात्रियों की परेशानी को देखते हुए टोकन वितरण की व्यवस्था को पूरी तरह बदलने का निर्णय लिया है। इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद अब यात्रियों को टोकन लेने और फिर टिकट बुक कराने के लिए दो बार रेलवे स्टेशन या रिजर्वेशन काउंटर की दौड नहीं लगानी पडेगी। यह सुव्यवस्थित नियम आगामी 1 अगस्त 2026 से जबलपुर रेल मंडल सहित पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले सभी आरक्षण केंद्रों पर प्रभावी ढंग से लागू कर दिया जाएगा।
टोकन वितरण का नया समय
नई गाइडलाइन के अनुसार अब काउंटरों पर टिकट बुकिंग शुरू होने से कुछ समय पहले ही टोकन दिए जाएंगे। वातानुकूलित श्रेणी के लिए टोकन सुबह 8.30 बजे से लेकर 9.00 बजे तक बांटे जाएंगे। इसके बाद सुबह 10 बजे से इन टिकटों की बुकिंग हमेशा की तरह शुरू होगी। वहीं दूसरी ओर नॉन-एसी स्लीपर श्रेणी के यात्रियों को सुबह 9 बजे से 9.30 बजे के बीच टोकन काउंटर से मिल सकेंगे जिनकी बुकिंग सुबह 11 बजे से प्रारंभ की जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए यह पूरी जानकारी सभी केंद्रों पर हिंदी और अंग्रेजी भाषा में बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी।
एसी श्रेणी के लिए पहले 10 टोकन और स्लीपर श्रेणी के लिए 15 टोकन जारी किए जाएंग
रेलवे ने शुरूआती तौर पर तय किया है कि प्रत्येक आरक्षण काउंटर पर एसी श्रेणी के लिए पहले 10 टोकन और स्लीपर श्रेणी के लिए 15 टोकन जारी किए जाएंगे। हालांकि जिन स्टेशनों या केंद्रों पर यात्रियों की भीड अधिक देखी जाएगी वहां स्थानीय स्तर पर टोकनों की संख्या बढाने का अधिकार रेलवे के पास सुरक्षित रहेगा। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाडे की गुंजाइश को खत्म करने के लिए टोकन लेते समय यात्रियों को अपना आधार कार्ड या अन्य कोई भी सरकारी फोटो पहचान पत्र दिखाना बेहद जरूरी होगा। काउंटर पर तैनात कर्मचारी प्रत्येक टोकन का पूरा ब्यौरा एक रजिस्टर में दर्ज करेंगे।
दलालों पर कडा प्रहार
इस नई व्यवस्था का एक मुख्य उद्देश्य टिकटों की कालाबाजारी और दलाली पर पूरी तरह लगाम लगाना है। रेलवे ने साफ किया है कि जो यात्री खुद के लिए या अपने परिवार के सदस्यों के लिए टिकट लेने आएंगे उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी, बशर्ते वे अपना वैध पहचान पत्र दिखाएं इसके बाद ही अन्य लोगों को दस्तावेज जांच कर टोकन मिलेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जारी किए गए टोकन पूरी तरह से अहस्तांतरणीय होंगे। यानी जिस व्यक्ति के नाम और आईडी पर टोकन जारी हुआ है काउंटर पर केवल वही व्यक्ति टिकट बनवा सकेगा। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरत पडने पर आरपीएफ के जवानों को भी काउंटरों पर तैनात किया जाएगा।

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MP में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सुरक्षा में चूक, काफिले के सामने आए 3 युवक

रतलाम. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है। 8 लेन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर गडकरी के काफिले के सामने अचानक तीन ग्रामीण युवक आ गए। घटना रतलाम जिले के जिले के शिवगढ ब्रिज के पास गुरूवार दोपहर की है। इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि हाईवे के बीच में खडे तीन युवक गाडियों को रूकने का इशारा कर रहे है। इसी दौरान केंद्रीय मंत्री के काफिले में शामिल वाहन इन ग्रामीणों के बगल से गुजरते हुए दूसरी लेन से निकल गए। सडक पर लगे नेशनल हाईवे ऑफ इंडिया के कैमरों में इन गाडियों की रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज हुई है।

युवकों के एक्सप्रेस-वे के बीच में खड़े होकर गाड़ियां रुकवाने की कोशिश का वीडियो सामने आया है। - Dainik Bhaskar
गुजरात जा रहे थे गडकरी
दरअसल गडकरी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करने राजस्थान पहुंचे थे। उन्होंने लबान इंटरचेंज से दरा टनल तक करीब 90किमी की दूरी में एक्सप्रेस -वे का निरीक्षण किया। इसके बाद वे बाय रोड गुजरात जा रहे है। इसी दौरान गुरूवार को रतलाम से भी गुजरे थे। वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामले की पडताल की। युवकों की पहचान शांतिलाल पिता कांजी भाभर, निमकोपाडा पलासेडी गांव के रहने वाले है। युवकों ने पुलिस को बताया कि उनके बच्चे हाईवे के दूसरी तरफ बने स्कूल में पढते है। वे रोज बच्चों को सडक पार कराते है। गुरूवार को भी वे बच्चों को स्कूल छोडने जा रहे थे जिसके लिए वे गाडियों को रूकने का इशारा कर सडक पार कर रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें केंद्रीय मंत्री गडकरी के काफिले के यहां से गुजरने की कोई जानकारी नहीं थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

 

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देर रात अमेरिका के ईरान पर हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बढत

नई दिल्ली. पश्चिम एशिया मे अमेरिका-ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। दोनों देशों की सैन्य कार्रवाई से ना केवल शांति की उम्मीदों को करारा झटका दिया है बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन कहे जाने वाले कच्चे तेल के बाजार में भी आग लगा दी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस टकराव के कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज, के जल्द खुलने की संभावनाएं धुंधली हो गई है जिससे आने वाले दिनों में वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है।
तेल की कीमतों में उछाल
अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और होर्मुज स्ट्रेट फिर से बंद आशंका का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर दिखने लगा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत में 78 सेंट यानी 1 प्रतिशत की बढोतरी हुई, जिससे यह 78.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुच गया। इसी तरह अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चे तेल के भाव में 74 सेंट यानी 1.01 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जिसके बाद यह 74.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों पर असर डाल सकती है जबकि आयात लागत बढने की चिंता भी बाार पर प्रीभाव डालेगी।
जानकारी के अनुसार भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार देर रात बयान जारी करते हुए कहा, भारत पश्चिम एशिया में हाल के हमलों और बढते तनाव को लेकर बहुज चिंतित है। ये घटनाएं तब हुई है जब इस क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को फिर से निशाना बनाया गया है। इन घटनाओं से क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

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ग्वालियर में मानसून के साथ बढ़ा सांपों का खौफ, जेएएच में 1 ही दिन में रिकॉर्ड 17 मरीज भर्ती

ग्वालियर. मानसून की दस्तक और लगातार होरही बारिश के साथ ग्वालियर में सर्पदंश के मामलों में तेजी से बढोतरी दर्ज की जा रही है। जयारोग्य चिकित्सालय के हजार बिस्तर अस्पताल स्थित मेडिसिन आईसीयू में जहां सामान्य दिनों में रोजाना तीन से चार मरीज पहुंचते थे वहीं एक दिन में रिकॉर्ड 17 मरीज गंभीर हालत में भर्ती किए गए। चिकित्सकों के अनुसार सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उपचार जारी है।
अस्पताल के आंकडों के अनुसार सर्पदंश के सबसे अधिक मामले ग्रामीण क्षेत्रों से सामने आ रहे है। इनमें किसान और मजदूरों की संख्या ज्यादा है। डबरा और भितरवार विकासखंड से सबसे अधिक मरीज इलाज के लिए ग्वालियर पहुंच रहे है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार भितरवार अस्पताल मंे ही मानसून के दौरान 100 से 150 एंटी स्नेक वीनम इंजेक्शन की खपत हो जाती है।
मरीजों की बढती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर अस्पतालों में एंटी स्नेक वीनम की उपलब्धता बढा दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मेडिसिन स्टोर में फिलहाल 230 एंटी स्नेक वीनम इंजेक्शन उपलब्ध है। इसके अलावा डबरा और भितरवार अस्पतालों को 50-50 इंजेक्शन भेजे गए है ताकि स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।

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CM मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक को मंजूरी

भोपाल. मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में कर्मचारियों की पदोन्नति, आईटी पार्क, नगर वन, स्वास्थ्य सेवाओं और षिक्षा से जुडे कई अहम निर्णय भी लिए गए। कैबिनेट बैठक में मंत्रियों ने प्रदेष में करीब 10 वर्ष बाद पदोन्नति प्रक्रिया षुरू होने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देष दिए कि सभी विभागों और जिलों में पारदर्षी तरीके से पदोन्नति की कार्रवाई सुनिष्चित की जाए और कोई भी पात्र कर्मचारी इससे वंचित न रहे।
नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक 2026 का अनुमोदन दिया
मोहन यादव कैबिनेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक 2026 का अनुमोदन दिया गया है। इसके साथ ही कैबिनेट ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत पन्ना जिले के 8 गांवों में विषेष विस्थापना पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन पैकेज के संबंध में कटऑफ डेट की वृद्धि को स्वीकृति दी है और नए संभावित 313 परिवारों को विषेष पैकेज की कुल अनुदान राषि 39.125 करोड को सम्मिलित करते हुए परियोजना के लिए कुल व्यय 439 करोड 325 लाख रुपए की स्वीकृति को मंजूरी दी है।
पूर्व में डूब प्रभावित ग्रामों के कृषि भूमि अर्जन के लिए भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा-11 की प्रकाषन तिथि 21 जनवरी 2022 को कट-ऑफ मानते हुए कुल 1890 परिवारों की गणना की गई थी। इन्हीं ग्रामों के आबादी भूमि, निजी भूमि पर स्थित मकानों के मुआवजा निर्धारण के लिए धारा-11 अंतर्गत मप्र के राजपत्र में प्रकाषन 15 मार्च 2024 को हुआ।
प्रभावित परिवारों, जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही मांग तथा परियोजना का निर्माण कार्य सुचारू एवं त्वरित गति से क्रियान्वयन के द्रष्टिगत आबादी भूमि एवं मकान के लिए धारा-11 के प्रकाषन 15 मार्च 2024 को आधार मानकर कट-ऑफ डेट में वृद्धि की स्वीकृति देते हुए 313 परिवारों को विषेष पुनर्वास पैकेज दिया जाना तय किया गया।

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मोदी कैबिनेट में फेरबदल का काउंटडाउन शुरू, पांच मंत्री बदले जा सकते हैं

नई दिल्ली. मोदी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी लगभग पूरी है, 20 जुलाई से मानसून सत्र शुरू हो रहा। सूत्रों के अनुसार इससे पहले कभी भी फेरबदल की सूचना आ सकती है। सोर्स के अनुसार निर्मला सीतारमण, हरदीप सिंह पुरी, पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा से मंत्री पद लिया जा सकता है।
कैबिनेट में फेरबदल के दो आधार
पहला- कैबिनेट अब ज्यादा युवा होगी, औसत उम्र बीजेपी उध्यक्ष की उम्र के आसपास यानी 46 साल होगी। 2 से 4 साल कम-ज्यादा हो सकती है लेकिन 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को बाहर जाना ही पडेगा। अपवाद ही बचेंगे। हालांकि ये नियम पीएम पद के लिए लागू नहीं होगा। पिछले दो फेरबदल में कैबिनेट के जो चेहरे नहीं बदले वो इस बार जरूर बदलेंगे।
दूसरा- जिन पार्टियों से टूटकर लोग बीजेपी में आए है उन्हें भी कैबिनेट में जगह देनी है। इसमें पंजाब से टूटकर आने वाले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद शामिल है। इनके अलावा शिवसेना उद्धव गुट से टूटकर आए सांसद और पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस के सांसद भी एनडीए के सपोर्ट में है। उन्हें भी कैबिनेट में शामिल करने की तैयारी है।
इन्हें कैबिनेट से बाहर किया जा सकता है
हरदीप सिंह पुरी, पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री
निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त मंत्री
धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री
पंकज चौधरी, केंद्रीय राज्य मंत्री
हर्ष मल्होत्रा, केंद्रीय राज्य मंत्री

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MP के 190 अफसर बने डिप्टी कलेक्टर, 12 साल पहले मिलना था उन्हें ये ओहदा

भोपाल. 190 अफसरों को ओहदा बढ गया है, अब ये डिप्टी कलेक्टर हो गए है। इनमें से कुछ को ये ओहदा 7 साल पहले 2019 और कुछ को 12 साल पहले 2013 में मिल जाना था लेकिन पदोन्नति पर ब्रेक लगता रहा और ये नीचे के पदों पर ही सेवाएं देते रहे। ये सभी राजस्व सेवा के अधिकारी है जो अब राज्य प्रशासनिक सेवा का ग्रेड मिल गया है। सरकार द्वारा पदोन्नति शुरू करने के बाद इन्हें ये ओहदा मिला है। पदोन्नति से डिप्टी कलेक्टर के पदोें पर तैनाती के लिए राज्य में 315 पद खाली थे लेकिन राज्य में इतने अधिकारी ही नहीं बचे। ऐसा एसलिए हुआ क्योंकि मई 2016 से पदोन्नति नहीं हुई इसके कारण नीचे के पद खाली नहीं हुए। तहसीलदार और डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नति के लिए 232 नाम रखे थे लेकिन इनमें से 42 शासकीय सेवक ऐसे निकले जो नियम शर्तों को पूरा नहीं कर पा रहे थे इसलिए इन्हें आगे बढने के अवसर नहीं मिले।
मंत्रालय सेवा के 463 पदों पर पदोन्नति पूरी
मंत्रालय में पदोन्नति की प्रक्रिया जारी है। बीते सप्ताह 463 पदों को पदोन्नति के जरिए भरा गया है जिसमें निज सचिवों को स्टाफ ऑफिसर के पद पर और सहायक अनुभाग अधिकारियों को पदोन्नत किया गया। वहीं पदोन्नति से नीचे के पद खाली हो रहे है। ऐसे पदों पर नए सिरे से भर्तियां होंगी। एक अनुमान के मुताबिक करीब 2 लाख पद खाली होंगे, सरकार चाहेगी तो इन पर भर्ती प्रक्रिया को तेज कर सकती है।
कर्मचारी बोले- यही रास्ता पहले निकालना था
कर्मचारी नेता अनिल बाजपेयी का कहना है कि सरकार लोक कल्याण करना चाहे तो कोई न कोई रास्ता निकाल ही सकती है। राज्य में पदोन्नति शुरू कराना, इसका सबसे बड़ा और ताजा उदाहरण है। सरकारें चाहती तो यह रास्ता पहले भी निकाला जा सकता था। यदि ऐसा होता तो बीते 10 साल में जो लाखों शासकीय सेवक बगैर पदोन्नति के सेवानिवृंा हुए, वे भी बढ़ा हुआ ओहदा पाकर स0मान से सेवानिवृंा होते। किसी भी सरकार को यह अनदेखी नहीं करनी चाहिए।

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ग्वालियर में आउटसोर्स भर्ती और कम वेतन भुगतान की जांच शुरू

ग्वालियर. आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती और उन्हें निर्धारित से कम वेतन दिए जाने के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। भोपाल से प्राप्त पत्र के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सीएमएचओ डॉ. एमएस सागर ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की है। सीएमएचओ ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जगदीश राजपूत और डॉ. पवन जैन को पूरे मामले की जांच का जिम्मा सौंपा है। दोनों अधिकारी भर्ती प्रक्रिया, वेतन भुगतान और आउटसोर्स एजेंसियों से जुडे दस्तावेजों की जांच करेंगे। जानकारी के अनुसार यह मामला पूर्व मुख्य चिकितस एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव के कार्यकाल से जुडा हुआ है। आरोप है कि आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और कुछ कर्मचारियों को निर्धारित मानदेय से कम राशि का भुगतान किया गया।
जांच शुरू होने के बाद एजेंसियों में हडकंप
जांच शुरू होने के बाद संबंधित आउटसोर्स एजेंसियों में हडकंप की स्थिति है। बताया जा रहा है कि एजेंसियां अपने रिकॉर्ड व्यवस्थित करने और दस्तावेजों में आवश्यक सुधार करने में जुट गई है। जांच समिति ने एजेंसियों से कर्मचारियो की नियुक्ति, वेतन भुगतान और अन्य संबंधित अभिलेखों की जानकारी भी तलब की है।
जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जांच समिति अपनी रिपोर्ट सीएमएचओ को सौंपेगी। रिपोर्ट में यदि भर्ती या वेतन भुगतान में अनियमितताएं सामने आती है तो संबंधित एजेंसियों और जिम्मेदार अधिारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हां आउटसोर्स कर्मचारियों से संबंधि तमामले की जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई से अवगत कराया जा सकेगा। डॉ. पवन जैन, जिला स्वास्थ्य अधिकारी

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वंदे भारत एक्सप्रेस में कई चीजें में बदलाव किया जा रहा

ग्वालियर. रानी कमलापति भोपाल से ग्वालियर होते हुए हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द ही बिल्कुल नए रंग-रूप में नजर आएगी। ट्रेन का बाहरी रंग पारंपरिक नीले-सफेद की जगह अब आकर्षक केसरियाइ होगा। इसके लिए ट्रेन को झांसी की वैगन रिपेयर वर्कशॉप भेजा गया है जहां अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक से पेंटिंग और यात्रियों की सुविधाओं से जुडे कई तकनीकी बदलाव किए जा रहे है। झांसी मंडल में पहली बार इस स्तर पर वंदे भारत का ऐसा मेकओवर किया जा रहा है।
कोचों की पेंटिंग अत्याधुनिक रोबोट कर रहे
झांसी की वैगन रिपेयर वर्कशॉप में वंदे भारत के कोचों की पेंटिंग अत्याधुनिक रोबोट कर रहे है। इससे पेंट की गुणवत्ता बेहतर होगी पूरी ट्रेन को एक समान फिनिश रंग लंबे समय तक टिकेगा और मिलेगी। रेलवे के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया आधुनिक तकनीक के जरिए तेज और अधिक सटीक तरीके से पूरी की जा रही है। रानी कमलापति ये हजरत निजामुद्दीन के बीच 708 किलोमीटर का सफर वंदे भारत महज 7 घंटे 30 मिनट में पूरा करती है। यही दूरी अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों को तय करने में करीब 9 से 10 घंटे लगते है। यह ट्रेन भोपाल, झांसी, ग्वालियर और आगरा कैंट स्टेशन पर ठहराव लेते हुए दिल्ली पहुंचती है।
वंदे भारत में क्या-क्या बदलेगा
वॉश बेसिन की गहराई बढाई गई है।
टॉयलेट में अब अधिक रोशनी वाली एलईडी लाइटिंग।
चार्जिंग पॉइंट तक आसान पहुंच।
सीटों में अधिक कुशनिंग, लंबी यात्री में आराम बढेगा एग्जीक्यूटिव चेयर कार में बडा फुटरेस्ट।

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MP में प्रमोशन का रास्ता साफ, विभागवार आदेश जारी

भोपाल. प्रदेश में मई 2016 से बंद पदोन्नति का सिलसिला 1 जुलाई से प्रारंभ हुआ। इसका आधार महाधिवक्ता प्रशांत सिंह द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन की वह कानूनी सलाह बनी जो 29 जून 2026 को भेजी गई थी। इसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के संचालन या क्रियान्वयन पर कोई रोक नहीं है। मौखिक आश्वासन तत्समय की परिस्थिति के संदर्भ में था। तब निर्णय शीघ्र आने की संभावना थी, लेकिन फिर परिस्थितियां बदल गईं। हालांकि, सामान्य प्रशासन विभाग के पूर्व सचिव डीएस राय का कहना है कि जब वचन दिया गया तो फिर उसका पालन करना था। यदि परिस्थिति बदली तो फिर न्यायालय के संज्ञान में विषय लाना था। उधर, सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाई कोर्ट से कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। जो स्थिति होगी, उसके अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी कलेक्टरों की पदोन्नति के आदेश जारी किए
सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया ने 30 जून को सभी विभाग को महाधिवक्ता के पत्र और अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन के अभिमत के साथ भेजकर कार्रवाई करने के लिए कहा। अभिमत में साफ कहा गया कि जो अंडरटेकिंग दी गई, उसे न तो न्यायालय द्वारा किसी न्यायिक आदेश में दर्ज किया गया और न ही किसी ऐसे निर्देश में शामिल किया, जिसमें राज्य को वैधानिक शक्तियों के प्रयोग करने से रोका गया हो।
मध्य प्रदेश राज्य बनाम विन्नी कुमार बाबेल सहित अन्य आदेशों में यह माना गया कि नियमों को चुनौती देने का मामला लंबित होने पर राज्य सरकार को विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक बुलाने और पदोन्नति देने से रोका नहीं जा सकता। हां, यह शर्त अवश्य रहेगी कि ऐसी पदोन्नति न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी। इसी अभिमत के आधार पर विभाग आगे बढ़े। मंगलवार को भी डिप्टी कलेक्टरों की पदोन्नति के आदेश जारी किए गए। अन्य विभागों में भी प्रक्रिया चल रही है।
नई बेंच बनेगी और फिर सुनवाई होगी
उधर, पूर्व सचिव डीएस राय का कहना है कि अंडरटेकिंग देने का मतलब उसका पालन सुनिश्चित करना है। यदि ऐसा न हो तो फिर इसका मतलब ही क्या रह जाएगा। मान लिया जाए कि परिस्थितियां बदल गई हैं। नई बेंच बनेगी और फिर सुनवाई होगी। इसमें समय भी लगेगा तो कम से कम न्यायालय के संज्ञान में विषय लाया जाना चाहिए था क्योंकि इस मामले से लाखों कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं।

 

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