ग्वालियर के तीन प्रमुख मार्गों पर चलेगा बुलडोजर, टूटेंगे कई मकान
ग्वालियर. ग्वालियर शहर की बिगडती यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने और मास्टर प्लान की महत्वपूर्ण सडक परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम और लोक निर्माण विभाग ने एक बार फिर अतिक्रमण हटाने की तैयारी तेज कर दी है। रामदास घाटी, एबी रोड गोलपहाडिया और हारकोटा सीर क्षेत्र में सडक चौडीकरण के रास्ते में बाधा बने 500 से अधिक अवैध निर्माणों पर जल्द कार्रवाई हो सकती है। विभाग ने पुराने मामलों की फाइलें दोबारा खोलते हुए नोटिस प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पहले राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई रूक गई थी
पूर्व में जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी ने संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया था। नोटिस देने और निशान लगाने के बाद राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक सुस्ती के कारण कार्रवाई रूक गई। इसका फायदा उठाकर कई लोगों ने कब्जों का और विस्तार कर लिया।
तीन प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण सबसे ज्यादा
अधिकारियों के अनुसार मास्टर प्लान में शामिल इन प्रमुख मागौ पर वर्षों से पक्के और अस्थायी अतिक्रमण बने हुए हैं। सर्वे में हारकोटा सीर में 142 रामदास घाटी में करीब 150 और एबी रोड क्षेत्र में लगभग 250 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। इन निर्माणों के कारण सड़क चौड़ीकरण का काम लंबे समय से अटका हुआ है।
हारकोटा सीर से रामदास घाटी तक फिर होगी कार्रवाई
गिरवाई पुलिस चौकी से हनुमान बांध तक हारकोटा सीर मार्ग पर पहले भी अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिए गए थे, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। इसी तरह रामदास घाटी में सर्वे कर कई निर्माणों पर लाल निशान लगाए गए थे पर अभियान बीच में ही थम गया। अब दोनों क्षेत्रों में दोबारा नोटिस जारी कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
एबी रोड पर भी बढ़ेगा अभियान
शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल एबी रोड (गोलपहाड़िया) पर मकान, दुकान, प्लॉट और टीनशेड सहित करीब 250 अतिक्रमण चिह्नित हैं। अधिकारियों का मानना है कि ये निर्माण यातायात बाधित करने के साथ दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ा रहे हैं। यहां भी जल्द कार्रवाई शुरू होने की संभावना है।
सड़क चौड़ीकरण को बताया जरूरी
पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री देवेंद्र भदौरिया ने बताया कि मास्टर प्लान के तहत सड़क चौड़ीकरण विभाग की प्राथमिकता है। जिन लोगों को पहले नोटिस दिए गए थे, उनकी समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। जिला प्रशासन, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ जल्द मैदानी कार्रवाई शुरू करेगी। अधिकारियों का दावा है कि इस बार अभियान बिना किसी दबाव और भेदभाव के चलाया जाएगा, ताकि शहर की प्रमुख सड़कों को चौड़ा कर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।

