अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमका GRMC का नाम, स्ट्रोक कॉन्फ्रेंस में चेयरपर्सन बने डॉ. दिनेश उदैनिया
नई दिल्ली में हुई इंटरनेशनल स्ट्रोक कॉन्फ्रेंस में निभाई अहम भूमिका, अमेरिका की नई गाइडलाइन पर हुआ मंथन
ग्वालियर। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय (जीआरएमसी) के न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. दिनेश उदैनिया ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर ग्वालियर और जीआरएमसी का गौरव बढ़ाया है। नई दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल स्ट्रोक कॉन्फ्रेंस में डॉ. उदैनिया को चेयरपर्सन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां देश-विदेश के न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों ने स्ट्रोक उपचार की नवीनतम तकनीकों और दिशा-निर्देशों पर गहन चर्चा की।
कॉन्फ्रेंस में विशेष रूप से अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) और अमेरिकन स्ट्रोक एसोसिएशन (ASA) द्वारा जारी नई गाइडलाइन पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान स्ट्रोक के त्वरित उपचार, मरीजों की रिकवरी बढ़ाने और मृत्यु दर कम करने के लिए अपनाई जा रही आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।
चेयरपर्सन के रूप में डॉ. दिनेश उदैनिया ने विभिन्न तकनीकी सत्रों का संचालन किया तथा विशेषज्ञों के बीच हुए विमर्श को दिशा प्रदान की। चिकित्सा जगत के प्रतिष्ठित मंच पर उनकी यह भूमिका न केवल उनकी विशेषज्ञता की पहचान है, बल्कि जीआरएमसी की बढ़ती राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का भी प्रमाण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रोक आज दुनिया में मृत्यु और दिव्यांगता के प्रमुख कारणों में शामिल है। ऐसे में नई गाइडलाइन के आधार पर उपचार प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। कॉन्फ्रेंस में उन्नत न्यूरो इंटरवेंशन तकनीकों, आपातकालीन प्रबंधन और मरीजों के दीर्घकालिक पुनर्वास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।
डॉ. उदैनिया की इस उपलब्धि को जीआरएमसी और ग्वालियर के चिकित्सा क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जीआरएमसी के विशेषज्ञों की बढ़ती भागीदारी से संस्थान की पहचान लगातार मजबूत हो रही है।
स्ट्रोक उपचार की नई दिशा तय करने जुटे विशेषज्ञ
इंटरनेशनल स्ट्रोक कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरो सर्जन और चिकित्सा शोधकर्ता शामिल हुए। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और अमेरिकन स्ट्रोक एसोसिएशन की नई गाइडलाइन के आधार पर भविष्य की उपचार रणनीतियों और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर मंथन किया गया।

