ग्वालियर में बनेगी प्रदेश की दूसरी एलिवेटेड फ्लाईओवर रोटरी, 311 करोड़ की योजना
ग्वालियर. बारादरी चौराहा पर प्रस्तावित एलिवेटेड फ्लाईओवर रोटरी की फिजिबिलिटी जांचने के लिए अब इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मुंबई की टीम बहुत जल्द सर्वे करने ग्वालियर आएगी। इस रोटरी के निर्माण के लिए किसी विशेषज्ञ संस्था से सर्वे कराने के निर्देश लोक निर्माण विभाग के भोपाल स्थित मुख्यालय से दिए गए थे जिसके बाद स्थानीय अधिकारियों ने आईआईटी मुंबई के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट से संपर्क किया। डिपार्टमेंट के दो प्रोफेसरों डॉक्टर धर्मवीर सिंह और डॉक्टर अविजीत माजी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुडकर इस सर्वे के लिए मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत कुम्हरपुरा से लेकर एमएच चौराहा और सात नंबर चौराहा से हुरावली तक दो फ्लाइओवर भी तैयार किए जाएंगे।
जिला सडक सुरक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया
इसे जोडने के लिए बारादरी पर फ्लाईओवर रोटरी तैयार की जाएगी। ये प्रदेश की दूसरी फ्लाईओवर रोटरी होगी। इससे पहले जबलपुर में प्रदेश की पहली फ्लाईओवर रोटरी बनी हुई है। ये रोटरी मदन महल से दमोह नाका तक तैयार हुई है। अब ग्वालियर में प्रदेश की दूसरी एलिवेटेड फ्लाईओवर रोटरी के निर्माण की दिशा में एक कदम और आगे बढाया गया है। बीते दिनों सांसद भारत सिंह कुशवाह ने इस फ्लाईओवर के लिए केंद्रीय सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। जिला सडक सुरक्षा समिति की बैठक में इस फ्लाईओवर के निर्माण का निर्णय लिया गया था।
इस रोटरी फ्लाईओवर निर्माण से मुरार क्षेत्र को जाम से मुक्ति मिलेगी
इस एलिवेटेड रोटरी फ्लाईओवर के निर्माण में 311.75 करोड रुपये की लागत आने की संभावना है और इसकी हर दिशा से कुल लंबाई 4.6 किमी होगी। इस रोटरी फ्लाईओवर के निर्माण से मुरार क्षेत्र को जाम से मुक्ति मिल सकेगी क्योंकि ट्रैफिक मुख्य मार्ग पर चलने के साथ ही जमीन से ऊपर भी चल सकेगा। इसकी शुरूआत कुम्हरपुरा इलाके से होगी और बारादरी चौराहे के ऊपर एलिवेटेड रोटरी तैयार की जाएगी। ऐसे में जिस वाहन चालक को 7 नंबर चौराहा या हुरावली की ओर जाना है तो वह आराम से ऊपर से ही निकल सकेगा।
इस फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को सीएम मॉनिट में भी शामिल किया
इस प्रस्तावित रोटरी फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को सीएम मॉनिट के कार्यों में भी शामिल किया गया। सीएम मॉनिट मुख्यमंत्री कार्यालय की प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट होते है जिन्हें सीधे राज्य शासन से मंजूरी मिलती है। सीएम मॉनिट में शामिल होने के बाद अब भोपाल से पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग के पास एक पत्र आया था। इसमें रोटरी फ्लाईओवर के निर्माण का विस्तृत प्लान मांगा गया है। इस विस्तृत प्लान के आधार पर प्रोजेक्ट को स्वीकृत करने और बजट जारी करने जैसी आगामी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना बन गई थी। प्लान सबमिट होने के बाद एक बार आईआईटी जैसी संस्था से सर्वे कराने के निर्देश थे जिसके बाद आईआईटी मुंबई से संपर्क किया गया। हालांकि आईआईटी मुंबई ने सर्वे व डीपीआर तैयार करने के लिए 25 लाख रुपये के शुल्का की मांग की है।
अभी तक ये प्लान तैयार किया गया
पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग के अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए प्लान के अनुसार कुम्हरपुरा से एमएच चौराहा और सात नंबर चौराहा से हुरावली तक फ्लाईओवर के साथ ही बारादरी चौराहा के ऊपर एलिवेटेड रोटरी तैयार की जाएगी। इसकी कुल चौडाई 12.50 मीटर होगी जिसमें 5.50-5.50 मीटर की दो लेन में ट्रैफिक का संचालन होगा। बाकी डेढ मीटर में डिवाइडर व फुटपाथ की व्यवस्था होगी। इसमें सिविल वर्क के 230 करोड रुपये, कंटिनजेंसी के रूप में 6.9 करोड रुपये, क्वालिटी कंट्रोल चार्ज के रूप में 2.3 करोड के अलावा जीएसटी, पोल शिफ्टिंग आदि मिलाकर 311.75 करोड रुपये खर्च होंगे।
मुख्यालय से निर्देश मिले थे कि फिजिबिलिटी सर्वे के लिए आईआईटी जैसी विशेषज्ञ संस्था को आमंत्रित किया जाए। पिछले दिनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आईआईटी मुंबई की टीम ने सर्वे के लिए सहमति दे दी है।– जोगिंदर यादव, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग

