MP में संविदाकर्मियों को बड़ा तोहफा, 50% पद होंगे पक्के, अक्टूबर से पहले होगी परीक्षा
भोपाल. विद्युत वितरण के साथ पावर ट्रांसमिशन और पावर मैनेजमेंट कंपनी में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों के हित में बडा कदम उठाते हुए सरकार ने इन्हें नियमित करने का निर्णय लिया है। रिक्त नियमित पदों के विरूद्ध 50 प्रतिशत पद संविदाकर्मियों से भरे जाएंगे। इसका लाभ लगभग 6 हजार कर्मचारियों को मिलेगा। हालांकि इसके लिए पात्र कर्मचारियों को ऑनलाइन विभागीय परीक्षा देनी होगी जो अक्टूबर के पहले आयोजित होगी। पदों की गणना 1 जुलाई 2026 की स्थिति में कंपनी में सीधी भर्ती के समकक्ष चिह्नित नियमित पद संख्या में से कार्यरत नियमित कर्मचारियों की संख्या घटाकर की जाएगी।
भर्ती केवल उन्हीं पदों के लिए होगी जिनके समकक्ष के नियमित पद रिक्त
भर्ती की प्रक्रिया के लिए पूर्व क्षेत्र कंपनी को नोडल कंपनी नियुक्त किया है साथ ही ऊर्जा विभाग ने यह निर्देश दिए है कि हाईकोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर के साथ दोनों खंडपीठों में कैविएट दायर की जाए ताकि कोई भी निर्णय विभाग का पक्ष सुने बिना न हो। ऐसे संविदाकर्मी जिन्होंने कम से कम कंपनी में 2 वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो, यदि कर्मचारियों के दो अनुबंधों के बीच में कुछ समय का अंतराल है तो उसे सेवा में रूकावट नहीं माना जाएगा लेकिन इस बीच का अनुभव नहीं जोडा जाएगा। दोबारा संविदा नियुक्ति हुई है तो उसका अनुभव जुडेगा जो खाली समय की अवधि को घटाकर निकाला जाएगा। अनुभव का प्रमाण पत्र कार्यपालन अभियंता स्तरीय या उससे बडे अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा। यह प्रमाण पत्र आवेदन के समय देना जरूरी होगा। भर्ती केवल उन्हीं पदों के लिए होगी जिनके समकक्ष के नियमित पद रिक्त है।
चयनित संविदाकर्मी को देना होगा न्यागपत्र
अगर कोई संविदा कर्मी नियमित पद के लिए चुन लिया जाता है तो उसे संविदा पद से त्यागपत्र देना होगा। त्यागपत्र स्वीकार करने के लिए सामान्यत 1 माह की सूचना देनी होती है लेकिन इस योजना में नियम को शिथिल किया गया है ताकि नियुक्ति जल्दी मिल जाए। त्यागपत्र देने के बाद संविदा सेवा पूरी तरह समाप्त मानी जाएगी और कर्मचारी कोई दावा नहीं कर सकेगा।
अन्य विभागों में भी लागू हो ऐसी व्यवस्थाः संविदा कर्मचारी महासंघ
उधर मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रमेश राठौर ने सरकार से मांग की है कि जिस तरह ऊर्जा विभाग द्वारा विभागीय परीक्षा लेकर नियमित पदों के विरुद्ध संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की योजना बनाई गई है वैसा ही अन्य विभाग भी करें। इसमें बोनस अंक भी इसी प्रकार से निर्धारित किए जाने चाहिए।

