अडानी के विमान आसमान में जल्द नजर आ सकते है
नई दिल्ली -देश के आकाश में अभी इंडिगो एयरलाइंस का ही एकाधिकार है पर इसका दूसरा पहलू तब देखने को मिला जब पायलटों की कमी के कारण इंडिगो एयरलाइन की हजारों फ्लाइट्स दिसंबर माह में धड़ाधड़ रद्द हो गईं। लाखों मुसाफिरों की यात्रा पर इसका असर पड़ा और हवाई किराया मुंहमांगा वसूलने से भी हवाई कंपनियां नहीं चूकीं। अब अडानी ग्रुप ने प्लान बनाया है कि इंडिगो का हवा में एकाधिकार खत्म किया जाए। इसकी पहल शुरू हो गई है और सब कुछ ठीक रहा तो आसमान में अडानी एयरलाइंस जल्द नजर आ सकती है।
प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी
सरकार का मुख्य उद्देश्य देश के घरेलू हवाई अड्डों पर प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है। अभी इंडिगो और एयर इंडिया मिलकर करीब 90 प्रतिशत बाजार पर कब्जा किए हुए हैं। वैसे तो अकासा, स्पाइस जेट और कुछ और एयरलाइंस भी हैं पर इनकी उड़ाने काफी सीमित हैं।
इसलिए आसानी… इसके लिए नियमों में कुछ बदलाव करने होंगे और इस पर सरकार ने गंभीरता से विचार करना शुरू कर दिया है। सरकार ऐसी नीति पर चर्चा कर रही है जिसके तहत एयरपोर्ट चलाने वाली कंपनियों को खुद की एयरलाइन शुरू करने की इजाजत दी जा सकती है। इस कदम से अडानी ग्रुप और जीएमआर एयरपोर्ट्स जैसी बड़ी कंपनियों को खुद के एयरलाइंस शुरू करने का रास्ता मिल सकता है।

