दतिया की पूर्व रियासत में उत्तराधिकारी को प्रथमबार तिलकोत्सव पारंपरिक अंदाज में होगी पगडी रस्म

दतिया. आजादी के बाद देश में रियासतें-रजवाड़े नहीं रहे, पर उनकी परंपराये आज भी निभाई जा रही हे। इन्हीं मे शामिल है। बुन्देलखंड क्षेत्र की पूर्व रियासत दतिया। इसके उत्तराधिकारी कहे जा रहे हैं राहुल देवसिंह का तिलकोत्सव ओर पगड़ी रस्म 6 अप्रैल रामनवमी के दिन की जायेगी। खास यह है कि देश-दुनिया में होने वाले तिलकोत्सव में राजा सिर्फ गद्दी की घोषणा करते हैं। यह तिलकोत्सव पहली बार वैदिक परंपरा के निर्वहन के साथ किया जायेगा। आजादी केबाद देश में रियासतें -रजवाडे नहीं रहे। पर उनकी परंपराये आज भी निभाईजारही है। इन्हीं में शामिल है। बुन्देलखंड क्षेत्र की पूर्व रियासत दतिया। इसके उत्तराधिकारी कहे जा रहे राहुल देवसिंह का तिलकोत्सव और पगड़ी रस्म 6 अप्रैल रामनवतमी के दिन की जायेगी। देश-दुनिया में होने वाले तिलकोत्सव में राजा सिर्फ गद्दी की घोषणा करते हैं यह तिलकोत्सव पहली बार वैदिक परंपरा के निर्वहन के साथ किया जायेगा।
इसमें हाथी-घोंड़ों के साथ शस्त्र और शास्त्र पूजन भी होगा। तिलकोत्सव के लिये 125 देशों की नदियों और समुद्र के साथ ही गंगा-सरयू के जल को लाया गया है। हनुमानगढ़ी से लाये गये सिंदूर में राहुलदेव सिंह का तिलकोत्सव होगा। वह 11 लाख मंत्र.ों अभिमंत्रित रूद्राक्ष करेंगे। आयोजन में देश-विदेश की कई बड़ी हस्तियां शामिल होगी।
1951 तक दतिया नरेश रहे थे गोविंदसिंह जूदेव
1907 से 1951 के बीच दतिया नरेश महाराज गोविंदसिंह जूदेव रहे। इनके बेटे महाराज जसवंतसिंह जूदेव की धर्मपत्नी पद्माकुमारी की वसियत और उनके अंतिम संदेश के आधार पर दामाद राहुलदेव सिंह को उत्तराधिकारी घोषित किया गया था। इसी आधार पर 44 वर्षीय राहुलदेव सिंह का तिलकोत्सव तीसरी पीढ़ी के बाद होने जा रहा है।
यह होंगे शामिल
दीपक बजाज, फिल्म निर्माता अशोक ठाकरिया, फिल्म अभिनेत्री ईशा गुप्ता, छत्रपति शिवाजी के वंशज और राज्यसभा सदस्य उद्दयन राजे भोंसले, रामजन्मभूमि के प्रबंधक और कृष्ण जन्मभूमि की निर्माण समिति के सचिव अभिलेष सिंह सहित देशभर के पूर्व रजवाड़ों, बुंदलेखंड की पूर्व रियासत के जागीरदार आदि पहुंचेंगे।
