भिंड डाकघर में 2.12 करोड़ का घोटाला, कैशियर समेत चार कर्मचारी निलंबित
भिंड. जिले के प्रधान डाकघर में 2.12 करोड़ रुपए के गबन का मामला सामने आया है, जिसमें कैशियर समेत चार कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने आरोपितों और उनके परिजनों की अचल संपत्तियों की बिक्री पर रोक लगा दी है।
घोटाले के बाद छुट्टी लेकर फरार हुआ कैशियर
डाकघर में जमा होने वाली राशि को नियमित रूप से बैंक में जमा किया जाता है, लेकिन कैशियर सोनू मीणा ने बैंक में पैसा जमा करने के बजाय फर्जी एंट्री कर दी और राशि का गबन कर लिया। इस पूरे खेल के बाद वह मेडिकल लीव लेकर फरार हो गया। घोटाले की भनक लगने के बाद विभागीय जांच हुई, जिसमें पता चला कि गबन की रकम पहले 1.97 करोड़ रुपए थी, लेकिन आगे की जांच में यह बढ़कर 2.12 करोड़ हो गई।
चार कर्मचारियों घोटाले के दोषी
प्रारंभिक जांच में चार कर्मचारियों को घोटाले में दोषी पाया गया, जिनमें से दो मुख्य आरोपी और दो सहदोषी हैं। मुख्य आरोपी में डाक सहायक एवं कार्यवाहक कैशियर सोनू कुमार मीणा और पोस्टमास्टर प्रमोद सिंह भदौरिया का नाम शामिल है। वहीं, लेखापाल निशा नरवरिया और कैश ओवरसियर पुरुषोत्तम शर्मा को सह आरोपी बनाया गया है। चारों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, और मामले की विस्तृत जांच जारी है। कलेक्टर ने आदेश जारी कर सभी आरोपित कर्मचारियों और उनके रिश्तेदारों की अचल संपत्तियों पर रोक लगा दी है।
