शिवाय गुप्ता अपहरणकांड-किस मकान में बच्चे को रखा और बदमाश किस मोबाइल पर बात कर किसके संपर्क में थे पता नहीं चल पाया
ग्वालियर. शिवाय गुप्ता अपहरणकांड में बदमाशों ने पुलिस नाकेबंदी के आगे समर्पण करते हुए शिवाय गुप्ता को माता बसैया के काजीबसई में शिवाय गुप्ता को मुक्त करने के बाद 48 घंटे से अधिक समय हो गया है। पुलिस 5 से 8 टीमें मुरैना के माता बसैया इलाके में डेरा डाले हुए है। बदमाशों की अंतिम लोकेशन और बच्चे की बरामदी के बाद जांच का दायरा मुरैना पर केन्द्रित हो गया है। पुलिस की 8 स्पेशल टीमें मुरैना के 11 गांवों में तलाशी अभियान चला रही हे। प्रत्येक टीम में 6-6 पुलिसकर्मी है। शिवाय को जिस मकान में रखा था वह मकान तक पुलिस अभी नहीं पहुंच पाई है और इस बीच बच्चे से दूर जाकर मोबाइल बातचीत कर रहे थे उस मोबाइल का पता नहीं चल पाया है कि बदमाश किस मोबाइल के संपर्क में थे, जो सीधे ग्वालियर एसपी को रिपोर्ट कर रहे है।
13 फरवरी को मां की आंख में मिर्ची झोंकर 6 वर्षीय शिवाय के अपहरण के आरोपियों की पुलिस सरगर्मी से ढूंढ रही है। पुलिस को कुछ बदमाशों के सुराग मिले हैं, लेकिन 4 टीमों को शुक्रवार की रात को खाली हाथ लौटना पड़ा है। शनिवार की सुबह फिर 4 नयी टीमें मुरैना के लिये रवाना की गयी है। आज से इस मामले में एसआईटी भी जांच में लगी हुई है।
शिवाय के बयान लेने पहुंची पुलिस
शुक्रवार की रात 8.15 बजे मुरार थाना टीआई मदनमोहन मालवीय अपनी टीम के साथ शिवाय गुप्ता के घर पहुंचे थे। बन्द कमरे में मां और बेटे के बयान लिये गये बच्चे से पूछा गया कि अपहरण करने के बाद बदमाशों ने उसे कहां रखा था। उसके साथ क्या -क्या किया और इसके अलावा पुलिस पूछताछ कर रही है कि रास्ते में उसने कोई मंदिर, कोई प्रसिद्ध जगह तो नहीं देखी या कोई आवाज तो नहीं सुनी। उसने बताया कि बदमाशों ने मुझे खाने के लिये चॉकलेट-बिस्किट ऑफर किये। लेकिकन मैंने खाने से मना कर दिया। घर जाने की जिद की तो एक ने चांटा मारा। गुस्से में मैंने भी उसे लात मार दी। फिर कोई कॉल आया और दोनों मुझे बाइक से बिठाकर ले गये। आगे सुनसान जगह पर छोड़ दिया। जाते समय बताया कि थोड़ा आगे घर है। वहीं, बच्चे की मां का कहना है जिस तरह से वह मेरे बेटे को ले गये थे और उसके सकुशल लौटने की उम्मीद नहीं थी।
मुझसे दूर जाकर मोबाइल पर बात कर रहे थे-शिवाय गुप्ता
दो बदमाश उसे लेकर गये थे उनका एक साथी उस मकान में था, जहां उसे रखा गया था और वह अंकल किसी से मोबाइल पर बातचीत कर रहे थे, तीनों बदमाश उसे बांधने के बाद उससे कुछ दूर जाकर बात कर रहे थे। जो सुनाई नहीं दे रही थी। जब भी वह उसके पास आते थे उसे डराते थे। जिससे उसकी आवाज भी नहीं निकल पा रही थी। दोनों अंकल के साथ तीसरे अंकल भी चेहरा नकाब में छिपाये हुए थे। उन तीनों के अलावा मकान के अन्दर और कोई भी नहीं था। पुलिस इस बात का पता लगा रही है वह मकान किसका है और कहां रहता है।
