हमास ने 3 इजरायली महिला बंधकों को किया आजाद, बाइडेन बोले आज गाजा में बंदूकें शांत
नई दिल्ली. गाजा पट्टी में बंधकों की रिहाई के लिये युद्धविराम लागू होने के बाद 3 इजरायली बंधक-रोमी गोनन, डोरोन स्टीनब्रेखर और एमिली डामारी को हमास ने आजाद कर दिया है। हमास ने इन तीनों बंधकों को इजरायली संस्था रेडक्रॉस के हवाले कर दिया है। हमास की ओर से भी इसकी पुष्टि कर दी गयी है। बंधकों की रिहाई केबाद एक बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि आज गाजा में बन्दूकें शांत हो गयी है।
तस्वीरों में इजरायली बंधक रोमी गोनन, डोराने स्टीनब्रेखर और एमिली डामारी को बिना किसी मदद के चलते हुए देखा जा सकता है। हमास की ओर से भी पुष्टि की गयी है। आधिकारिक रूप से 3 महिला बंधकों को पश्मिमी गाजा सिटी में अल-सराया स्क्वायर पर रेड क्रॉस को सौंप दिया गया है। यह तब हुआ जब रेडक्रॉस के एक सदस्य ने हमा फायटर्स से मुलाकात की और वह बंधकों के स्वास्थ्य के बारे में सुनिश्चित हो गये।
3 बंधकों के बदले 90 फिलिस्तीनी रिहा होंगे
इस रिहाई के बदले 90 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने की योजना बनाई गयी है। इन कैदियों में 69 महिलायें शामिल है। सबसे कम उम्र का कैदी मात्र 15 वर्ष का महमूद अलीवत है। रिहा किये जाने वालों में पॉपुलर फं फॉर द लिबरेशन ऑफ फिलीस्तीन (पीएफएलपी) की 62 वर्षीय प्रमुख सदस्य खालिदा जार्रार भी शामिल है। जिन्हें इजरायल की गैर -हिंसात्मक राजनीतिक विरोध पर कार्यवाही का हिस्सा मानकर बार-बार गिरफ्तार किया गया है।
इजरायल से रिहा होंगे यह लोग
पूर्व हमास नेता सालेह अरोरी की बहन दलाल खासिब को भी आजाद किया जायेगा। जनवरी 2024 में एक इजरायली हमले में दक्षिणी बेयरूत में उनके भाई को मारा गया था। 68वर्षीय अबला अब्दलरसूल, जो 2001 में इजरायल के पर्यटन मंत्री रहवम जेईवी की हत्या के आदेश देने वाले और 30 वर्ष की सजा काट रहे । पीएफएलपी नेता अहमद सादात की पत्नी है। जिन्हें आजाद किया गया है।
