भारत में इस साल से पहली हाइड्रोजन ट्रेन रेल पटरियों पर दौड़ेगी
नई दिल्ली. भारत की रेल पटरियों पर जल्द ही जर्मनी और चीन की तरह से हाइड्रोजन ट्रेनें दौड़ती हुई दिखाई देंगी। इसका लक्ष्य 1047 तक 50 हाइड्रोजन ट्रेनें दौड़ना शुरू कर देगी। यह पहल रेलवे क्षेत्र में टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने के लिये कार्बन उत्सर्जन को कम करने के प्रयास का हिस्सा है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि वर्ष के अंत तक देश में हाइड्रोजन ट्रेन की शुरूआत हो जायेगी। रेलवे दिसम्बर तक अपने नैरोगेज धरोहर मार्गो पर हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनों का शुरू करेगा। यह पूरी तरल प्रदूषण मुक्त होंगी।
रेलमंत्री वैष्णव ने बताया कि हम दिसम्बर 2023 से हेरिटेज रूट्स पर हाइड्रोजन ट्रेन शुरू करेंगे। इसका मतलब यह होगा कि यह हेरिटेज रूट पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त हो जायेगा। आपको बता दें कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर रेलवे नॉर्थन रेलवे वर्कशॉप में हाइड्रोजन फ्यूल बेस्ड ट्रेन का प्रोटोटाइप तैयार कर रहा है। इसका परीक्षण हरियाणा के सोनीपत -जींद खण्ड पर किया जायेगा। दरअसल, दुनियाभर में डीजल से चलने वाले लोकोमोटिव को हाइड्रोजन से चलने वाले इंजन से बदलने की कोशिश चल रही है। क्योंकि बिजली से चलने वाली ट्रेनों का खर्च अधिक और मुश्किल है। इसके मुकाबले हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनों में कम खर्च आयेगा।
