महाकाल की सवारी में गूंजी भक्ति से ओत-प्रोत स्वर लहरियां
बाबा महाकाल की सवारी में 350 जवानों के विशेष पुलिस बैंड ने दी रंगारंग प्रस्तुति
भोपाल/उज्जैन, श्रावण माह के उत्साह और आकर्षण के क्रम में उज्जैन में दूसरे सोमवार को निकली महाकाल की सवारी में भक्ति और उमंग का सागर उमड़ पड़ा। चल समारोह में मध्यप्रदेश पुलिस के विशेष बैंड द्वारा बजाई गई भक्ति से ओत-प्रोत मधुर धुनों से महाकाल की नगरी गूंज उठी। पहली बार पुलिस ब्रास बैंड के 350 जवानों ने सवारी मार्ग से लेकर शिप्रा तट के पावन श्री रामघाट पर बाबा महाकाल की सवारी के पूजन के दौरान विशेष प्रस्तुतियां दी। इस दौरान एक से बढ़कर एक धार्मिक धुनों पर श्रद्धालु झूम उठे। बाबा महाकाल की सवारियों में प्रदेश के विभिन्न जनजातीय जिलों के जनजातीय कलाकारों का समूह भी शामिल हुआ। पुलिस बैंड द्वारा दी गई इस अविस्मरणीय प्रस्तुति पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बधाई दी।
भगवान प्रजा का कुशल मंगल जानने भ्रमण पर निकले
उल्लेखनीय है कि गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्रावण-भादौ मास में भगवान श्री महाकाल की सवारियां निकाली जा रही हैं। इसी अनुक्रम में श्रावण के दूसरे सोमवार पर भगवान श्री महाकालेश्वर पालकी में श्री चन्द्रमोलेश्वर रूप में तथा हाथी पर श्री मनमहेश के स्वरूप में अपने भक्तों को दर्शन देने और अपनी प्रजा का कुशल-मंगल जानने नगर भ्रमण पर निकले। महाकाल की सवारी शाम 4 बजे महाकाल मंदिर से प्रारम्भ होकर कोट मोहल्ला चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी, हरसिद्धी पाल, रामानुजकोट, गणगौर दरवाजा, कार्तिक चौक सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, कमरी मार्ग चौराहा, टंकी चौक, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा और कोट मोहल्ला चौराहा होते हुए वापस महाकाल मंदिर पहुंची। सवारी मार्ग पर पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था रही।